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Ambala News: शाहपुर में किसान संगठन ने पटवारी, कृषि सुपरवाइजर को बनाया बंधक, चार घंटे बाद छोड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Oct 2023 01:18 AM IST
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In Shahpur, farmers' organization held Patwari and agriculture supervisor hostage, released after four hours
अंबाला। वीरवार को शाहपुर गांव में सुबह 10 बजे पटवारी और कृषि सुपरवाइजर को किसान संगठन ने बैठा लिया। सूचना पर भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह से जुड़े किसान नेता मौके पर पहुंच गए और उच्चाधिकारियों को बुलाने की जिद करने लगे। जानकारी लगते ही कृषि विभाग की अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे नहीं माने। इससे अलग वे अपनी दूसरी समस्याएं गिनाने लगे।
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दरअसल, हरसेक से मिली लोकेशन का सत्यापन करने सुबह नौ बजे के आसपास पटवारी राजेश और कृषि सुपरवाइजर गुरु देव शाहपुर गांव में गए थे। इस गांव के आसपास के गांवों में भी कुछ घटनाएं सेटेलाइट से मिली थी। अन्य गांवों में सब ठीक मिला। दोनों सुबह 10 बजे शाहपुर गांव पहुंचे। वहां किसानों ने उन्हें जबरन खेत में ही बैठा लिया। सूचना लगते ही किसान नेता भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने साफ कह दिया कि आप अपने उच्चाधिकारियों को बुला लें।
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इसके बाद एसडीएओ डॉ. सुनील मान, जेई संदीप व बीएओ दर्शन सिंह मौके पर पहुंचे। किसान नहीं माने तो अंत में कृषि अधिकारियों ने पड़ाव थाने से एसएचओ सतीश कुमार व फोर्स को बुलाया। तब जाकर दोपहर डेढ़ बजे किसानों ने टीम को छोड़ा। अब इस मामले में कृषि विभाग संबंधित किसान को नोटिस देगा। जुर्माना न देने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि 15 सितंबर से लेकर पांच अक्तूबर तक अंबाला में 40 स्थानों पर आग लगने की लोकेशन मिली। वीरवार को छह स्थानों की एक्टिव फायर लोकेशन सेटेलाइट ने पकड़ी।
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किसान नेताओं का यह था तर्क



किसान नेताओं का तर्क था कि उन्हें बाढ़ के बाद नुकसान हुआ तो कोई पूछने नहीं आया, अब वह चालान क्यों कटवाएं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग ने उन्हें पराली के समाधान के लिए कृषि यंत्र नहीं दिए हैं। इस पर कृषि अधिकारियों ने कहा कि कृषि यंत्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे, मगर पराली जलाना गलत है। ऐसे में काफी देर चली बातचीत के बावजूद किसानों ने चालान नहीं कटवाया। अब कृषि अधिकारी किसान को नोटिस देंगे। इसके बाद एफआईआर दर्ज होगी।



जिलाधीश ने धारा 144 लागू की



पराली के मामलों में किसानों द्वारा अधिकारियों को लगातार बंधक बनाया जा रहा है। पहले फतेहगढ़, काकरकुंडा गांव और अब शाहपुर में बंधक बनाया गया। इस मामले को देखते हुए जिलाधीश डाॅ. शालीन ने धारा 144 लागू कर दी है। इसकी मुनादी कराने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। वहीं धारा 144 को लागू कराने की जिम्मेदारी सभी एसडीएम, जिला उप निदेशक कृषि विभाग, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि की होगी। ब्लॉक स्तरीय कृषि अधिकारी अगर विपरीत परिस्थिति में फंसते हैं तो उन्हें अंबाला प्रथम ब्लॉक में अलग-अलग थानों से पांच एसएचओ, अंबाला द्वितीय ब्लाॅक में तीन एसएचओ, बराड़ा में दो एसएचओ, साहा, शहजादपुर व नारायणगढ़ के एसएचओ के साथ को-ऑर्डिनेट करना होगा।








शाहपुर में किसानों ने सुबह टीम को बैठा लिया था। इसके बाद हमने मौके पर पहुंच कर किसान नेताओं को समझाया। पुलिस भी बुलानी पड़ी। दोपहर को हमारी टीम को छोड़ा गया। विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।

-डॉ सुनील मान, एसडीएओ, कृषि कल्याण विभाग
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