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बिगड़ा लिंगानुपात : पहले से 15वें पायदान पर पहुंचा स्वास्थ्य मंत्री विज का जिला
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पिछले दो साल के भीतर अंबाला में लिंगानुपात काफी बिगड़ गया है। वर्ष 2019 में लिंगानुपात सुधार मामले में जहां अंबाला प्रदेश के पहले पायदान पर था, वहीं अब 15वें पर पहुंच चुका है। जिला स्वास्थ्य विभाग की नोडल अधिकारी डा. बलजिंद्र कौर ने माना कि पिछले दो वर्षों में कोविड की वजह से छापामारी कम हुईं और इसी ढील का नतीजा मौजूदा लिंगानुपात की स्थिति में दिख रहा है।
उनका कहना है कि लिंगानुपात में सुधार के लिए बड़ी पहल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से हुई थी। इसके बाद लगातार अन्य जिलों की तरह अंबाला में भी सुधार आया, क्योंकि इस अभियान से सभी विभाग जुड़े थे। अब लगता है कि इस अभियान का जिम्मा सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर ही रह गया है, क्योंकि इस दिशा में दूसरे विभागों की भूमिका गौण है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर वह उपायुक्त के सामने पूरा रोडमैप रखेंगीं, ताकि जिस भी स्तर पर चूक हो रही है, उसमें सुधार के साथ लिंगानुपात की स्थिति को सुधारा जा सके।
अंबाला में वर्ष 2014 तक लिंगानुपात की स्थिति काफी चिंताजनक थी, क्योंकि जिले में 1000 के मुकाबले केवल 855 बेटियां ही थीं। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ अभियान की शुरुआत हरियाणा की धरती से की। इसमें सभी विभागों ने बेटियों को सुशिक्षित बनाने और कन्या भ्रूण हत्या का कलंक धोकर लिंगानुपात में सुधार का संकल्प लिया था।
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अब यह है स्थिति
प्रधानमंत्री की बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ की अपील और अभियान की शुरुआत के साथ ही हरियाणा के कई जिलों विशेषकर अंबाला में इसका जबरदस्त असर दिखा था। साल 2019 में अंबाला 1000 के मुकाबले 959 लिंगानुपात के साथ पूरे राज्य में नंबर वन हो गया था। इसके बाद कोविड काल शुरू हुआ, छापामारी कम हुई और 2020 में लिंगानुपात में सुधार की बजाए स्थिति गड़बड़ा कर 931 तक हो गई। अब वर्ष 2021 में हालात और बिगड़े और अंबाला पहले से 15वें स्थान पर पहुंच गया। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में यह आंकड़े चिंताजनक हैं।
32 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का पंजीकरण हो चुका है रद
नोडल अधिकारी के अनुसार अंबाला में कुल 114 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत थे। इनमें से वर्तमान में कुल 82 अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं,क्योंकि इनमें से 32 का पंजीकरण रद किया गया है। 78 प्राइवेट और चार सरकारी अल्ट्रासाउंड सेंटर अभी सेवाओं में हैं। इनकी समय-समय पर निगरानी की जा रही है।
इस साल सिर्फ नौ छापामारी
डा.बलजिंदर कौर के मुताबिक इस साल टीम ने पुलिस के साथ सिर्फ नौ जगह छापामारी की। इनमें से केवल दो छापे अंबाला में पड़े। जबकि शेष छापामारी पड़ोसी राज्यों में की गईं। उन्होंने बताया कि अगले दिनों में निगरानी और छापामारी कार्रवाई में तेजी लाने के लिये सीएमओ डा.कुलदीप सिंह ने निर्देश दिए हैं।
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उनका कहना है कि लिंगानुपात में सुधार के लिए बड़ी पहल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से हुई थी। इसके बाद लगातार अन्य जिलों की तरह अंबाला में भी सुधार आया, क्योंकि इस अभियान से सभी विभाग जुड़े थे। अब लगता है कि इस अभियान का जिम्मा सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर ही रह गया है, क्योंकि इस दिशा में दूसरे विभागों की भूमिका गौण है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर वह उपायुक्त के सामने पूरा रोडमैप रखेंगीं, ताकि जिस भी स्तर पर चूक हो रही है, उसमें सुधार के साथ लिंगानुपात की स्थिति को सुधारा जा सके।
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अंबाला में वर्ष 2014 तक लिंगानुपात की स्थिति काफी चिंताजनक थी, क्योंकि जिले में 1000 के मुकाबले केवल 855 बेटियां ही थीं। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ अभियान की शुरुआत हरियाणा की धरती से की। इसमें सभी विभागों ने बेटियों को सुशिक्षित बनाने और कन्या भ्रूण हत्या का कलंक धोकर लिंगानुपात में सुधार का संकल्प लिया था।
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अब यह है स्थिति
प्रधानमंत्री की बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ की अपील और अभियान की शुरुआत के साथ ही हरियाणा के कई जिलों विशेषकर अंबाला में इसका जबरदस्त असर दिखा था। साल 2019 में अंबाला 1000 के मुकाबले 959 लिंगानुपात के साथ पूरे राज्य में नंबर वन हो गया था। इसके बाद कोविड काल शुरू हुआ, छापामारी कम हुई और 2020 में लिंगानुपात में सुधार की बजाए स्थिति गड़बड़ा कर 931 तक हो गई। अब वर्ष 2021 में हालात और बिगड़े और अंबाला पहले से 15वें स्थान पर पहुंच गया। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में यह आंकड़े चिंताजनक हैं।
32 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का पंजीकरण हो चुका है रद
नोडल अधिकारी के अनुसार अंबाला में कुल 114 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत थे। इनमें से वर्तमान में कुल 82 अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं,क्योंकि इनमें से 32 का पंजीकरण रद किया गया है। 78 प्राइवेट और चार सरकारी अल्ट्रासाउंड सेंटर अभी सेवाओं में हैं। इनकी समय-समय पर निगरानी की जा रही है।
इस साल सिर्फ नौ छापामारी
डा.बलजिंदर कौर के मुताबिक इस साल टीम ने पुलिस के साथ सिर्फ नौ जगह छापामारी की। इनमें से केवल दो छापे अंबाला में पड़े। जबकि शेष छापामारी पड़ोसी राज्यों में की गईं। उन्होंने बताया कि अगले दिनों में निगरानी और छापामारी कार्रवाई में तेजी लाने के लिये सीएमओ डा.कुलदीप सिंह ने निर्देश दिए हैं।