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किसानों की धान रोपाई पर पड़ रहा असर
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अंबाला सिटी। अग्निपथ के विरोध का किसानों की धान की रोपाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है। धान की रोपाई के लिए ज्यादातर मजदूर बिहार से आते हैं। वहां पिछले काफी दिनों से अग्निपथ योजना के विरोध में आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। इस कारण प्रवासी मजदूर धान की रोपाई के लिए हरियाणा में आने से कतरा रहे हैं। ऐसे में लेबर की कमी के कारण धान की रोपाई लेट होती जा रही है। इसका सीधा असर किसानों की प्रति एकड़ एवरेज पर पड़ेगा। धान की रोपाई न होने से किसानों के चेहरे उतरे हुए हैं। वहीं, लोकल मजदूर मुंहमांगे दाम ले रहे हैं जो कुछ किसानों के बजट में नहीं है। लेबर की कमी के कारण उनकी धान की रोपाई कैसे हो पाएगी यह भी एक गंभीर विषय बनता जा रहा है।
20 एकड़ जमीन खाली पड़ी
किसान राजकुमार ने बताया कि उनकी 20 एकड़ जमीन खाली पड़ी है, जबकि पिछले साल इन दिनों उन्होंने धान की रोपाई का कार्य पूरा कर लिया था। ऐसे में सरकार को ही प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें हरियाणा में पहुंचाना चाहिए।
लोकल मजदूर एक हजार रुपये ले रहे ज्यादा
ओंकार ने बताया कि प्रवासी मजदूर न आने के कारण लोकल मजदूर उनसे प्रति एकड़ एक हजार रुपये ज्यादा ले रहे हैं। वे धान की रोपाई के कार्य के लिए चिंतित हैं। इसको लेकर सरकार और जिला प्रशासन को लेबर का इंतजाम करवाना चाहिए।
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20 एकड़ जमीन खाली पड़ी
किसान राजकुमार ने बताया कि उनकी 20 एकड़ जमीन खाली पड़ी है, जबकि पिछले साल इन दिनों उन्होंने धान की रोपाई का कार्य पूरा कर लिया था। ऐसे में सरकार को ही प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें हरियाणा में पहुंचाना चाहिए।
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लोकल मजदूर एक हजार रुपये ले रहे ज्यादा
ओंकार ने बताया कि प्रवासी मजदूर न आने के कारण लोकल मजदूर उनसे प्रति एकड़ एक हजार रुपये ज्यादा ले रहे हैं। वे धान की रोपाई के कार्य के लिए चिंतित हैं। इसको लेकर सरकार और जिला प्रशासन को लेबर का इंतजाम करवाना चाहिए।
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