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सफल रहा प्रयोग तो अंबाला में भी लगेंगे सेब के बाग
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ठंडे इलाकों के साथ अब गर्म क्षेत्र में भी सेब की खेती होगी। कृषि क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करने की कड़ी में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय ने भी नया प्रयास किया है। इसमें प्रयोग के तहत विश्वविद्यालय की ओर से नारायणगढ़ के चानसोली में सेब के पौधे लगाए गए हैं। पौधों में होने वाले हर बदलाव पर नजर रखी जा रही है। अगर गर्म क्षेत्र में पौधों पर फल उगता है तो यह विश्वविद्यालय के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी और आगे भी नई किस्मों पर काम शुरू होगा।
लैब टेस्ट के बाद फील्ड में किया जा रहा प्रयोग
विश्वविद्यालय की ओर से पहले प्रयोगशाला में बीच पर प्रयोग किया गया था। जब विशेषज्ञों ने प्रयोगशाला में बीज को सफल बनाया तब फील्ड में प्रयोग करने का निर्णय लिया गया। जिससे कि पौधे पर फल आता है कि नहीं इसके बारे में पता चल सके। फरवरी में पौधों को जमीन में रोपित किया गया था। अब जमीन पर पौधे रोपित कर पौधे का पूरा निरीक्षण किया जा रहा है। प्रयोग सफल होता है कि नहीं, इसको पता करने में करीब 6 से 7 साल लग जाएंगे।
किसानों को फलों से कमाई के मिलेंगे नए साधन
विशेषज्ञों की मानें तो अगर अंबाला में सेब की खेती सफल हो जाती है तो किसानों को सेब की खेप लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। जिससे कि किसान सेब के पौधे लगाकर अच्छी कमाई कर सके। क्योंकि अंबाला में फलों की कम ही किस्मों की पैदावार होती है। इस कारण किसान केवल गेहूं और धान पर ही निर्भर है। इसके बाद अन्य फलों को बेचकर किसान अच्छी कमाई कर सकेंगे।
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हमने अन्ना किस्म के 100 पौधों का रोपण फरवरी माह में नारायणगढ़ के चानसोली में किया गया था। प्रयोग सफल होता है कि इसके बारे 6 से 7 साल में पता लगेगा। तब तक इस पर पूरी निगरानी रखी जाएगी।
- डॉ. बलवान सिंह मंडल, क्षेत्रिय निदेशक, अनुसंधान केंद्र अंबाला।
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लैब टेस्ट के बाद फील्ड में किया जा रहा प्रयोग
विश्वविद्यालय की ओर से पहले प्रयोगशाला में बीच पर प्रयोग किया गया था। जब विशेषज्ञों ने प्रयोगशाला में बीज को सफल बनाया तब फील्ड में प्रयोग करने का निर्णय लिया गया। जिससे कि पौधे पर फल आता है कि नहीं इसके बारे में पता चल सके। फरवरी में पौधों को जमीन में रोपित किया गया था। अब जमीन पर पौधे रोपित कर पौधे का पूरा निरीक्षण किया जा रहा है। प्रयोग सफल होता है कि नहीं, इसको पता करने में करीब 6 से 7 साल लग जाएंगे।
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किसानों को फलों से कमाई के मिलेंगे नए साधन
विशेषज्ञों की मानें तो अगर अंबाला में सेब की खेती सफल हो जाती है तो किसानों को सेब की खेप लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। जिससे कि किसान सेब के पौधे लगाकर अच्छी कमाई कर सके। क्योंकि अंबाला में फलों की कम ही किस्मों की पैदावार होती है। इस कारण किसान केवल गेहूं और धान पर ही निर्भर है। इसके बाद अन्य फलों को बेचकर किसान अच्छी कमाई कर सकेंगे।
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हमने अन्ना किस्म के 100 पौधों का रोपण फरवरी माह में नारायणगढ़ के चानसोली में किया गया था। प्रयोग सफल होता है कि इसके बारे 6 से 7 साल में पता लगेगा। तब तक इस पर पूरी निगरानी रखी जाएगी।
- डॉ. बलवान सिंह मंडल, क्षेत्रिय निदेशक, अनुसंधान केंद्र अंबाला।