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Ambala News: छह साल से नहीं खरीदा नया उपकरण, पुराने से अभ्यास करना मजबूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Dec 2025 01:19 AM IST
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I haven't bought a new instrument in six years, and I'm forced to practice with the old one.
- खिलाड़ियों की फिटनेस के लिए कैंट के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम में लगाई जानी थी ओपन जिम
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैदान व कोच ही नहीं उपकरणों की भी जरूरत होती है। जिले में छह साल से कोई बड़ा उपकरण नहीं खरीदा गया है। खेल नर्सरियां से हर साल डिमांड भेजी जा रही है। विभाग की तरफ से हर बार मुख्यालय स्तर में डिमांड अटकने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
अलग-अलग खेलों के कोच के अलावा 600 खिलाड़ियों को भी मजबूरन पुराने उपकरणों की मदद से प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है। छोटे उपकरण तो जिला खेल अधिकारी अपने बजट से खरीद रहे हैं लेकिन खिलाड़ियों के लिए कई मुख्य उपकरण आज भी नहीं हैं।
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वार हीरोज स्टेडियम में लगाई जानी है जिम
जिले के मुख्य अंबाला कैंट के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम व अंबाला सिटी के राजीव गांधी स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए जिम तैयार करने की अनुमति मिली थी। चार साल से इस जिम की डिमांड भेजी जा रही है। अब तक उपकरणों की खरीद ही नहीं हुई। जबकि हर खेल में खिलाड़ी को मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत रहना पड़ता है। ऐसे में इस जिम के इस्तेमाल से खिलाड़ी खेल को और बेहतर बना सकते हैं। लाखों रुपये की लागत से इस जिम में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक उपकरण आने हैं। ऐसे में मजबूरन खिलाड़ियों को निजी जिम का सहारा लेना पड़ रहा है।
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बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग अकादमी में डिजिटल बोर्ड का इंतजार
कैंट के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम में चल रही खेल नर्सरियां की बात करें तो बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग के लिए आधुनिक डिजिटल बोर्ड की डिमांड है ताकि खिलाड़ियों को अपने स्कोर का पता चल सके। इसका सबसे ज्यादा फायदा होने वाली जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए होता है। इसके अलावा हैंडबॉल, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, हॉकी आदि खेलों में इस्तेमाल होेने वाली सामान्य उपकरण की भी डिमांड है। हालांकि कम खर्च वाली चीजों को जिला खेल अधिकारी अपने स्तर पर खर्च के लिए मिलने वाले बजट में खरीद लेते हैं लेकिन ज्यादा महंगे उपकरणों की खरीद नहीं हो रही है। इनमें फेंसिंग अकादमी की कीमती तलवारों से लेकर फेस मास्क आदि भी शामिल हैं।
छह साल पहले हुई थी 30 करोड़ के उपकरणों की खरीद
साल 2019 में आखिरी बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उस समय के खेल मंत्री अनिल विज के कार्यकाल में उपकरणों की खरीद हुई थी। प्रदेशभर में 30 करोड़ रुपये के खेल उपकरण खरीदे गए थे। जबकि हर साल खेल विभाग का बजट कई गुना बढ़ जाता है। आठ माह से उपकरणों की खरीद ई-टेंडर व फाइलों के फेर में उलझकर रह गई है।


जिले में चल रहीं खेल नर्सरियां
खेल विभाग की तरफ से अंबाला में बॉक्सिंग, तैराकी, वेटलिफ्टिंंग, बैडमिंटन, हैंडबॉल, फेंसिंग, हैंडबॉल, जिम्नास्टिक, ताइक्वांडो, फुटबॉल, वुशू, लॉन टेनिस, बॉस्केटबॉल की खेल नर्सरियां चल रही हैं जो अंबाला कैंट के वारहीरोज मेमोरियल स्टेडियम, अंबाला सिटी के राजीव गांधी खेल स्टेडियम सहित बड़ागढ़ के आधुनिक खेल स्टेडियम सहित छह ब्लॉक स्तरीय राजीव गांधी खेल स्टेडियम में चल रही हैं।
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