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जीएमएन कॉलेज गेट पर छात्रों का हंगामा, जड़ा ताला
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:29 AM IST
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कॉलेज गेट पर चढ़कर हंगामा करते छात्र
- फोटो : amar ujala
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कॉलेज स्टूडेंट्स की समस्याओं का ज्ञापन लेकर जीएमएन कॉलेज की प्रबंधन समिति से मिलने गए एबीवीपी के छात्र सदस्यों के साथ बुधवार को प्राध्यापकों की नोक-झोंक और धक्का-मुक्की के मामले ने वीरवार को तूल पकड़ लिया। वीरवार को एबीवीपी के छात्र सदस्य काफी संख्या में कॉलेज के बाहर एकत्रित हो गए और जमकर बवाल काटा।
इन छात्रों ने फिर से समस्याओं से संबंधित ज्ञापन देने का प्रयास किया और बुधवार को उसने धक्का-मुक्की करने वाले प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने इन छात्रों को भीतर नहीं आने दिया, जिस पर छात्र फिर से भड़क गए और उन्होंने वहीं मोर्चा खोलते हुए कॉलेज के सामने न केवल सड़क पर हंगामा किया, बल्कि कॉलेज के मुख्य गेट पर चढ़कर खूब बवाल काटा और कॉलेज गेट पर ताला जड़ दिया।
उधर, इस दौरान कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को बुलवा लिया और पुलिस के आने के बाद भी छात्रों ने अपना विरोध जताया। उसके बाद पुलिस ने मध्यस्थता कर छात्र सदस्यों से कॉलेज प्रबंधन को ज्ञापन दिलवाकर उन्हें शांत करवाया, जिसके बाद छात्र सदस्य वहां से चले गए। लेकिन छात्र संघ के सदस्यों की कार्रवाई से कॉलेज में भी हड़कंप की स्थिति बन गई और कॉलेज में पढने आए छात्र भी घबरा गए।
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इसलिए हुआ विवाद
बुधवार को ये छात्र कॉलेज छात्रों की कुछ समस्यओं से कॉलेज प्रबंधन को अवगत करवाने आए थे। वे ज्ञापन की शक्ल में इन समस्याओं से कॉलेज प्रबंधन को अवगत करवाना चाहते थे। लेकिन जैसे ही ये छात्र कॉलेज कैंपस में घुसे तो कुछ प्राध्यापकों से उनका टकराव हो गया और आउटर साइडर होने की वजह से कॉलेज प्राध्यापकों ने उन्हें कॉलेज से बाहर जाने का आग्रह किया, लेकिन छात्र संघ सदस्यों के विरोध करने पर मामला काफी बिगड़ गया और दोनों पक्ष आपस में उलझ गए। प्राध्यापकों ने छात्र संघ के सदस्यों पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया तो छात्र संघ के सदस्यों ने कॉलेज प्राध्यापकों पर मारपीट व धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। छात्र संघ के सदस्यों का कहना था कि वे तो शांतिपूर्वक तरीके अपना ज्ञापन सौंपने आए थे, लेकिन प्राध्यापकों ने उन्हे धक्के मारने शुरू कर दिए। इसी के विरोधस्वरूप छात्र संघ के सदस्य वीरवार को फिर से कॉलेज में ज्ञापन सौंपने पहुंचे, लेकिन कॉलेज में एंट्री न मिलने की वजह से उनका सब्र फिर टूट गया और छात्र संघ सदस्यों ने फिर से हंगामा करते हुए कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में पुलिस को मौके पर पहुंचकर मध्यस्थता करवानी पड़ी।
उधर, राष्ट्रभाषा विचार मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्त भी इस मामले में छात्र संघ के साथ खड़े नजर आए, उन्होंने कहा कि इस मामले में कॉलेज प्रबंधन की गलती है, क्योंकि छात्र संघ जब शांतिपूर्वक ढंग से ज्ञापन सौंपने आया था तो उनका ज्ञापन ले लेना चाहिए था, बाद में कार्रवाई तो प्रबंधन ने ही करनी थी, लेकिन छात्रों के साथ कॉलेज में धक्का-मुक्की करना उचित नहीं था, इसलिए ऐसे हालात बने।
कॉलेज छात्र संघ के चुनाव का विचार टालने की मांग
जीएमएन कॉलेज के प्राचार्य राजपाल सिंह ने बताया कि इस मामले में कॉलेज प्रबंधन की कोई गलती नहीं है। जब कॉलेज में आउटसाइडरों की बिना अनुमति के प्रवेश पर रोक है तो क्यों छात्र संघ के सदस्यों ने कॉलेज प्रवेश से पहले अनुमति लेना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन से आग्रह किया जाता है कि वे आउटसाइडर छात्रों को कॉलेज के बाहर ही रोकने में सहयोग दें, कॉलेज अपने छात्रों को खुद संभाल लेगा। उनके अनुसार सरकार से भी मांग की जाएगी कि वे इन हालातों को देखकर कॉलेजों में करवाए जाने वाले छात्र संघ के चुनावों के विचार को टाल दें, क्योंकि इससे कॉलेजों का माहौल इसी तरह खराब होने वाला है। प्राचार्य के अनुसार जल्द ही सभी कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक कर इसी बाबत डीसी अंबाला को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
वर्जन
पुलिस ने मध्यस्थता करवाकर छात्र संघ सदस्यों का ज्ञापन कॉलेज प्रबंधन को दिलवा दिया है। अभी कॉलेज की ओर से उन्हें कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए पुलिस की ओर से अभी कोई कार्रवाई नहीं बनती। लेकिन यदि किसी ने भी कानून तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस उससे सख्ती से निपटेगी।
-अजीत सिंह, थाना प्रभारी अंबाला कैंट।
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इन छात्रों ने फिर से समस्याओं से संबंधित ज्ञापन देने का प्रयास किया और बुधवार को उसने धक्का-मुक्की करने वाले प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने इन छात्रों को भीतर नहीं आने दिया, जिस पर छात्र फिर से भड़क गए और उन्होंने वहीं मोर्चा खोलते हुए कॉलेज के सामने न केवल सड़क पर हंगामा किया, बल्कि कॉलेज के मुख्य गेट पर चढ़कर खूब बवाल काटा और कॉलेज गेट पर ताला जड़ दिया।
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उधर, इस दौरान कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को बुलवा लिया और पुलिस के आने के बाद भी छात्रों ने अपना विरोध जताया। उसके बाद पुलिस ने मध्यस्थता कर छात्र सदस्यों से कॉलेज प्रबंधन को ज्ञापन दिलवाकर उन्हें शांत करवाया, जिसके बाद छात्र सदस्य वहां से चले गए। लेकिन छात्र संघ के सदस्यों की कार्रवाई से कॉलेज में भी हड़कंप की स्थिति बन गई और कॉलेज में पढने आए छात्र भी घबरा गए।
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इसलिए हुआ विवाद
बुधवार को ये छात्र कॉलेज छात्रों की कुछ समस्यओं से कॉलेज प्रबंधन को अवगत करवाने आए थे। वे ज्ञापन की शक्ल में इन समस्याओं से कॉलेज प्रबंधन को अवगत करवाना चाहते थे। लेकिन जैसे ही ये छात्र कॉलेज कैंपस में घुसे तो कुछ प्राध्यापकों से उनका टकराव हो गया और आउटर साइडर होने की वजह से कॉलेज प्राध्यापकों ने उन्हें कॉलेज से बाहर जाने का आग्रह किया, लेकिन छात्र संघ सदस्यों के विरोध करने पर मामला काफी बिगड़ गया और दोनों पक्ष आपस में उलझ गए। प्राध्यापकों ने छात्र संघ के सदस्यों पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया तो छात्र संघ के सदस्यों ने कॉलेज प्राध्यापकों पर मारपीट व धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। छात्र संघ के सदस्यों का कहना था कि वे तो शांतिपूर्वक तरीके अपना ज्ञापन सौंपने आए थे, लेकिन प्राध्यापकों ने उन्हे धक्के मारने शुरू कर दिए। इसी के विरोधस्वरूप छात्र संघ के सदस्य वीरवार को फिर से कॉलेज में ज्ञापन सौंपने पहुंचे, लेकिन कॉलेज में एंट्री न मिलने की वजह से उनका सब्र फिर टूट गया और छात्र संघ सदस्यों ने फिर से हंगामा करते हुए कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में पुलिस को मौके पर पहुंचकर मध्यस्थता करवानी पड़ी।
उधर, राष्ट्रभाषा विचार मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्त भी इस मामले में छात्र संघ के साथ खड़े नजर आए, उन्होंने कहा कि इस मामले में कॉलेज प्रबंधन की गलती है, क्योंकि छात्र संघ जब शांतिपूर्वक ढंग से ज्ञापन सौंपने आया था तो उनका ज्ञापन ले लेना चाहिए था, बाद में कार्रवाई तो प्रबंधन ने ही करनी थी, लेकिन छात्रों के साथ कॉलेज में धक्का-मुक्की करना उचित नहीं था, इसलिए ऐसे हालात बने।
कॉलेज छात्र संघ के चुनाव का विचार टालने की मांग
जीएमएन कॉलेज के प्राचार्य राजपाल सिंह ने बताया कि इस मामले में कॉलेज प्रबंधन की कोई गलती नहीं है। जब कॉलेज में आउटसाइडरों की बिना अनुमति के प्रवेश पर रोक है तो क्यों छात्र संघ के सदस्यों ने कॉलेज प्रवेश से पहले अनुमति लेना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन से आग्रह किया जाता है कि वे आउटसाइडर छात्रों को कॉलेज के बाहर ही रोकने में सहयोग दें, कॉलेज अपने छात्रों को खुद संभाल लेगा। उनके अनुसार सरकार से भी मांग की जाएगी कि वे इन हालातों को देखकर कॉलेजों में करवाए जाने वाले छात्र संघ के चुनावों के विचार को टाल दें, क्योंकि इससे कॉलेजों का माहौल इसी तरह खराब होने वाला है। प्राचार्य के अनुसार जल्द ही सभी कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक कर इसी बाबत डीसी अंबाला को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
वर्जन
पुलिस ने मध्यस्थता करवाकर छात्र संघ सदस्यों का ज्ञापन कॉलेज प्रबंधन को दिलवा दिया है। अभी कॉलेज की ओर से उन्हें कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए पुलिस की ओर से अभी कोई कार्रवाई नहीं बनती। लेकिन यदि किसी ने भी कानून तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस उससे सख्ती से निपटेगी।
-अजीत सिंह, थाना प्रभारी अंबाला कैंट।