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Ambala News: पैदावार ज्यादा, खरीद सीमा कम<bha>;</bha> मात्रा बढ़वाने के लिए किसानों की कतार
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अंबाला शहर अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर धान की मात
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
जलबेड़ा। इस वर्ष जिले में धान की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन साथ ही किसानों की मुश्किलें और प्रशासनिक औपचारिकताएं भी बढ़ गई हैं। अंबाला शहर अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर धान की मात्रा बढ़वाने के लिए इन दिनों किसानों का तांता लगा हुआ है।
अंबाला शहर के आनंदपुर जलबेड़ा, मटहेड़ी, बलाना, मोहड़ी और तेजा सहित विभिन्न गांवों के किसान मार्केट कमेटी के किसान सहायता केंद्र पर लंबी लाइनों में खड़े नजर आए। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से पहले प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल धान की खरीद सीमा तय की गई थी, जिसके तहत अभी तक फसल खरीदी जा रही थी। हालांकि, बंपर पैदावार को देखते हुए किसानों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया था और मांग की थी कि खरीद सीमा बढ़ाकर 35 क्विंटल प्रति एकड़ की जाए।
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गेट पास के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए किसान
सरकार की ओर से मार्केट कमेटी को निर्देश दिए गए थे कि जिस किसान का पोर्टल पूरा हो चुका है और उसके पास अतिरिक्त धान बचा है, उसे मार्केट कमेटी द्वारा गेट पास जारी किया जाए। हालांकि, किसानों ने इस मौखिक व्यवस्था पर विश्वास नहीं जताया और किसान नेताओं के माध्यम से अपनी बात दोबारा सरकार तक पहुंचाई। इसके बाद सरकार के निर्देश पर अब मार्केट कमेटी में किसानों के पोर्टल पर मात्रा बढ़वाने के लिए फॉर्म सबमिट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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किसानों को उठानी पड़ी अतिरिक्त लागत
किसान जरनैल सिंह, हरप्रीत सिंह, विपिन, ओंकार और राजेंद्र कुमार आदि ने बताया कि इस साल फसल की पैदावार तो शानदार रही, लेकिन मौसम की बेरुखी के कारण उन्हें अपनी फसल कटवाने के लिए अधिक पैसे देकर चैन वाली कंबाइन चलवानी पड़ी, जिससे लागत बढ़ गई है। पोर्टल पर पंजीकरण और मात्रा बढ़वाने को लेकर मार्केट कमेटी के पास अब तक सैकड़ों किसानों के फॉर्म पहुंच चुके हैं, जिनकी ऑनलाइन प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
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जलबेड़ा। इस वर्ष जिले में धान की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन साथ ही किसानों की मुश्किलें और प्रशासनिक औपचारिकताएं भी बढ़ गई हैं। अंबाला शहर अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर धान की मात्रा बढ़वाने के लिए इन दिनों किसानों का तांता लगा हुआ है।
अंबाला शहर के आनंदपुर जलबेड़ा, मटहेड़ी, बलाना, मोहड़ी और तेजा सहित विभिन्न गांवों के किसान मार्केट कमेटी के किसान सहायता केंद्र पर लंबी लाइनों में खड़े नजर आए। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से पहले प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल धान की खरीद सीमा तय की गई थी, जिसके तहत अभी तक फसल खरीदी जा रही थी। हालांकि, बंपर पैदावार को देखते हुए किसानों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया था और मांग की थी कि खरीद सीमा बढ़ाकर 35 क्विंटल प्रति एकड़ की जाए।
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गेट पास के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए किसान
सरकार की ओर से मार्केट कमेटी को निर्देश दिए गए थे कि जिस किसान का पोर्टल पूरा हो चुका है और उसके पास अतिरिक्त धान बचा है, उसे मार्केट कमेटी द्वारा गेट पास जारी किया जाए। हालांकि, किसानों ने इस मौखिक व्यवस्था पर विश्वास नहीं जताया और किसान नेताओं के माध्यम से अपनी बात दोबारा सरकार तक पहुंचाई। इसके बाद सरकार के निर्देश पर अब मार्केट कमेटी में किसानों के पोर्टल पर मात्रा बढ़वाने के लिए फॉर्म सबमिट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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किसानों को उठानी पड़ी अतिरिक्त लागत
किसान जरनैल सिंह, हरप्रीत सिंह, विपिन, ओंकार और राजेंद्र कुमार आदि ने बताया कि इस साल फसल की पैदावार तो शानदार रही, लेकिन मौसम की बेरुखी के कारण उन्हें अपनी फसल कटवाने के लिए अधिक पैसे देकर चैन वाली कंबाइन चलवानी पड़ी, जिससे लागत बढ़ गई है। पोर्टल पर पंजीकरण और मात्रा बढ़वाने को लेकर मार्केट कमेटी के पास अब तक सैकड़ों किसानों के फॉर्म पहुंच चुके हैं, जिनकी ऑनलाइन प्रक्रिया तेजी से चल रही है।