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Ambala News: विटामिन ए की खुराक देगा स्वास्थ्य विभाग
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अंबाला सिटी। बच्चों की आंखों की रोशनी और खसरा, निमोनिया से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग एक अगस्त से विटामिन ए अभियान शुरू करने जा रहा है।इसके तहत पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी। जिन बच्चों को पहली डोज दी जा चुकी है उन्हें एक एमएल और जिन्हें नहीं मिली है उन्हें दो एमएल की डोज दी जाएगी। यह दवा बच्चाें की आंखों की रोशनी बढ़ाएगी। साथ ही निमाेनिया और खसरा जैसे रोगों से भी बचाव में सहायक होती है। अभियान के तहत उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें टीकाकरण के चलते यह दवा नहीं पिलाई गई। यह अभियान एक अगस्त से शुरू होगा।
टीकाकरण की तरह विटामिन ए भी जरूरी
बाल रोग के नोडल अधिकारी डॉ़ जशनप्रीत सिंह ने बताया जन्म के समय से ही बच्चों को विभिन्न प्रकार के टीके लगवाए जाते हैं। इसी दौरान बच्चों को विटामिन ए की दवा भी पिलाई जाती है लेकिन अभिभावक टीका लगाने के बीच दवा पिलाना भूल जाते हैं। इस दवा के अभाव में कई बार बच्चों की आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है। इसलिए यह दवा बेहद जरूरी है।
साथ ही यह दवा हमारे शरीर की अंदरुनी त्वचा को मजबूत बनाती है। जिससे निमोनिया का वायरस शरीर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाता और बच्चे को निमोनिया से भी बचाया जा सकता है। छोटे बच्चों में खसरे का भी अधिक खतरा होता है विटामिन ए उस रोग से भी बचाव करता है। प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग के आरबीएस यानि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की आंखों की जांच करवाई जाती है। इसमें देखने में आता है कि सैकड़ों बच्चों को नजर के चश्मे की जरूरत होती है। उसका एक मुख्य कारण भी विटामिन ए की कमी होना है।
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स्तनपान सप्ताह भी होगा शुरू
स्वास्थ्य विभाग की ओर से माताओं के लिए विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें विभाग की ओर से प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर दूध पिलाने वाली माताओं को दूध पिलाने के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह सप्ताह एक अगस्त से शुरू होकर सात अगस्त तक जारी रहेगा।
विटामिन ए पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए बेहद जरूरी होता है। इसके लिए विभाग प्रत्येक वर्ष अभियान चलाता है। इसलिए सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को विटामिन ए की दवा जरूर पिलानी चाहिए।
-डॉ़ जशनप्रीत सिंह जिला बाल रोग अधिकारी, अंबाला
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टीकाकरण की तरह विटामिन ए भी जरूरी
बाल रोग के नोडल अधिकारी डॉ़ जशनप्रीत सिंह ने बताया जन्म के समय से ही बच्चों को विभिन्न प्रकार के टीके लगवाए जाते हैं। इसी दौरान बच्चों को विटामिन ए की दवा भी पिलाई जाती है लेकिन अभिभावक टीका लगाने के बीच दवा पिलाना भूल जाते हैं। इस दवा के अभाव में कई बार बच्चों की आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है। इसलिए यह दवा बेहद जरूरी है।
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साथ ही यह दवा हमारे शरीर की अंदरुनी त्वचा को मजबूत बनाती है। जिससे निमोनिया का वायरस शरीर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाता और बच्चे को निमोनिया से भी बचाया जा सकता है। छोटे बच्चों में खसरे का भी अधिक खतरा होता है विटामिन ए उस रोग से भी बचाव करता है। प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य विभाग के आरबीएस यानि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की आंखों की जांच करवाई जाती है। इसमें देखने में आता है कि सैकड़ों बच्चों को नजर के चश्मे की जरूरत होती है। उसका एक मुख्य कारण भी विटामिन ए की कमी होना है।
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स्तनपान सप्ताह भी होगा शुरू
स्वास्थ्य विभाग की ओर से माताओं के लिए विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें विभाग की ओर से प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर दूध पिलाने वाली माताओं को दूध पिलाने के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह सप्ताह एक अगस्त से शुरू होकर सात अगस्त तक जारी रहेगा।
विटामिन ए पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए बेहद जरूरी होता है। इसके लिए विभाग प्रत्येक वर्ष अभियान चलाता है। इसलिए सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को विटामिन ए की दवा जरूर पिलानी चाहिए।
-डॉ़ जशनप्रीत सिंह जिला बाल रोग अधिकारी, अंबाला