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कैदी की काला पीलिया से मौत
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health
- फोटो : Ambala
काला पीलिया का कहर अंबाला में थमने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को सेंट्रल जेल में काला पीलिया से ग्रस्त सजायाफ्ता कैदी की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सुबह के समय जेल से पुलिस गारद कैदी मनजीत सिंह (34 वर्ष) को काला पीलिया की दवाई दिलवाने के लिए चंडीगढ़ पीजीआई लेकर गए थे लेकिन दवा न मिलने पर वापस लौटते समय सेंट्रल जेल के गेट पर कैदी की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। पुलिस गारद कैदी को लेकर छावनी के नागरिक अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गारद में शामिल पुलिस मुलाजिम ने मृतक के बेटे मनदीप को सूचित किया। मृतक के परिजनों ने प्राईवेट अस्पताल में इलाज न करवाने के आरोप लगाए। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। शुक्रवार को आगामी कार्रवाई की जाएगी। छावनी के नागरिक अस्पताल में कैदी की मौत का यह दूसरा मामला है। बुधवार हार्ट सेंटर में 20 साल की सजा काट रहे साढ़ौरा निवासी ऋषिपाल की मौत हो गई थी। ऋषिपाल की मौत पर परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
14 साल की सजा काट रहा था मनजीत
एनडीपीएस एक्ट के मामले में मनजीत सिंह को 14 साल की सजा सुनाई गई थी। वह पिछले चार साल से में बंद था। मनजीत सिंह के अलावा उसकी पत्नी, भाई, बहन और जीजा भी इसी मामले में सजा काट रहे हैं। इस दौरान उसकी दोनों किडनी खराब होने के कारण डायलसिस शुरू हो गया था। सप्ताह में दो बार वह छावनी के नागरिक अस्पताल में डायलसिस करवा रहा था। इसी बीच टेस्ट में पता चला कि उसे काला पीलिया हो चुका है। एक दिन पहले ही अस्पताल से डायलसिस करवाकर गया था।
बेटा बोला, अपने स्तर पर उपचार के लिए मांग रहे थे छुट्टी
मृतक के बेटे मनदीप सिंह व उसकी बुआ के लड़के विक्रम ने कहा कि कोर्ट में लंबे समय से उपचार के लिए जमानत मांग रहे थे। ताकि वह अपने पिता मनजीत की दोनों किडनी बदलवा सके। बावजूद उसे छुट्टी नहीं दी और जेल प्रशासन केवल डायलसिस करवाने तक ही सीमित रहा।
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चार की मौत, 450 के पार काले पीलिया के मरीज
डायलिसिस के दौरान काले पीलिया के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले साल जहां चार की जान काले पीलिया ने ली थी और 450 के पार मरीजों की संख्या पहुंच गई थी। वहीं इस साल भी मरीजों का आंकड़ा करीब 20 से पार हो चुका है और अब सजायाफ्ता कैदी ने दम तोड़ दिया।
पीजीआई से लौटते समय सेंट्रल जेल के गेट पर कैदी की तबीयत बिगड़ी थी। जब तक अस्पताल पहुंचे डॉक्टरों ने जांच कर मृत घोषित कर दिया। कैदी काला पीलिया का मरीज था और उसी की दवा लेने पीजीआई गए थे। मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा।
राजेश, एएसआई, सेंट्रल जेल
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14 साल की सजा काट रहा था मनजीत
एनडीपीएस एक्ट के मामले में मनजीत सिंह को 14 साल की सजा सुनाई गई थी। वह पिछले चार साल से में बंद था। मनजीत सिंह के अलावा उसकी पत्नी, भाई, बहन और जीजा भी इसी मामले में सजा काट रहे हैं। इस दौरान उसकी दोनों किडनी खराब होने के कारण डायलसिस शुरू हो गया था। सप्ताह में दो बार वह छावनी के नागरिक अस्पताल में डायलसिस करवा रहा था। इसी बीच टेस्ट में पता चला कि उसे काला पीलिया हो चुका है। एक दिन पहले ही अस्पताल से डायलसिस करवाकर गया था।
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बेटा बोला, अपने स्तर पर उपचार के लिए मांग रहे थे छुट्टी
मृतक के बेटे मनदीप सिंह व उसकी बुआ के लड़के विक्रम ने कहा कि कोर्ट में लंबे समय से उपचार के लिए जमानत मांग रहे थे। ताकि वह अपने पिता मनजीत की दोनों किडनी बदलवा सके। बावजूद उसे छुट्टी नहीं दी और जेल प्रशासन केवल डायलसिस करवाने तक ही सीमित रहा।
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चार की मौत, 450 के पार काले पीलिया के मरीज
डायलिसिस के दौरान काले पीलिया के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले साल जहां चार की जान काले पीलिया ने ली थी और 450 के पार मरीजों की संख्या पहुंच गई थी। वहीं इस साल भी मरीजों का आंकड़ा करीब 20 से पार हो चुका है और अब सजायाफ्ता कैदी ने दम तोड़ दिया।
पीजीआई से लौटते समय सेंट्रल जेल के गेट पर कैदी की तबीयत बिगड़ी थी। जब तक अस्पताल पहुंचे डॉक्टरों ने जांच कर मृत घोषित कर दिया। कैदी काला पीलिया का मरीज था और उसी की दवा लेने पीजीआई गए थे। मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा।
राजेश, एएसआई, सेंट्रल जेल