{"_id":"683e1873d27350e8f80403f7","slug":"he-is-spreading-the-message-of-de-addiction-by-cycling-100-kms-daily-ambala-news-c-36-1-ame1006-143759-2025-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: रोजाना 100 किलोमीटर साइकिल चलाकर दे रहे नशा मुक्ति का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: रोजाना 100 किलोमीटर साइकिल चलाकर दे रहे नशा मुक्ति का संदेश
विज्ञापन
अंबाला सिटी। प्रेम नगर के रहने वाले वायुसेना में सार्जेंट पद से सेवानिवृत्त 53 वर्ष के रूपेश कुमार बाली पिछले कई वर्षों से वे रोजाना 100 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। वह युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं। रूपेश ने बताया कि उनकी इस मुहिम के साथ अब तक कई लोग जुड़ चुके हैं। वे भी इसी प्रकार साइकिल अभियान कर रहें हैं। इसके लिए उन्हें फ्रांस की कंपनी ओडेक्स इंडिया की ओर से सुपर रेंडियर का खिताब भी मिल चुका है।
रूपेश ने बताया कि वे वर्ष 1989 में वायु सेना में भर्ती हुए थे। नौकरी के दौरान ही उन्हें साइकिल चलाने का शौक था। वह अक्सर ही कई किलोमीटर तक साइकिल चलाते थे। वर्ष 2022 में वे सियाचिन से रिटायर होने के बाद उन्होंने इस शौक को मुहिम से जोड़ दिया और लोगों को एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने लगे। उन्होंने बताया कि वे पिछले वर्ष जून में अयोध्या की भी साइकिल यात्रा पूरी कर चुके हैं। इसके साथ ही अब तक वे एक लाख 44 हजार 100 किलाेमीटर साइकिल चला चुके हैं। रोजाना वे 100 किलोमीटर तक का सफर साइकिल से ही तय करते हैं। इसके अलावा वे राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के भी विभिन्न क्षेत्रों का सफर तय कर चुके हैं।
-- -- -- -- -- -
अंबाला के दो साइकिल क्लब भी बने प्रेरणा
अंबाला में दो साइकिल क्लब हैं जिनमें चिकित्सक, इंजिनियर, विद्यार्थी और सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं। इनमें साइकिल क्लब अंबाला और अंबाला साइकिल ग्रुप शामिल हैं। दोनों ही ग्रुप में देखें तो 300 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। मगर इनमें से रोजाना सिर्फ 20 सदस्य रोजाना साइकिल चलाते हैं। इसके साथ ही दोनों क्लब समय- समय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं और जागरूकता अभियान भी चलाते रहते हैं। ्र
विज्ञापन
विज्ञापन
रूपेश ने बताया कि वे वर्ष 1989 में वायु सेना में भर्ती हुए थे। नौकरी के दौरान ही उन्हें साइकिल चलाने का शौक था। वह अक्सर ही कई किलोमीटर तक साइकिल चलाते थे। वर्ष 2022 में वे सियाचिन से रिटायर होने के बाद उन्होंने इस शौक को मुहिम से जोड़ दिया और लोगों को एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने लगे। उन्होंने बताया कि वे पिछले वर्ष जून में अयोध्या की भी साइकिल यात्रा पूरी कर चुके हैं। इसके साथ ही अब तक वे एक लाख 44 हजार 100 किलाेमीटर साइकिल चला चुके हैं। रोजाना वे 100 किलोमीटर तक का सफर साइकिल से ही तय करते हैं। इसके अलावा वे राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के भी विभिन्न क्षेत्रों का सफर तय कर चुके हैं।
विज्ञापन
अंबाला के दो साइकिल क्लब भी बने प्रेरणा
अंबाला में दो साइकिल क्लब हैं जिनमें चिकित्सक, इंजिनियर, विद्यार्थी और सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं। इनमें साइकिल क्लब अंबाला और अंबाला साइकिल ग्रुप शामिल हैं। दोनों ही ग्रुप में देखें तो 300 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। मगर इनमें से रोजाना सिर्फ 20 सदस्य रोजाना साइकिल चलाते हैं। इसके साथ ही दोनों क्लब समय- समय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं और जागरूकता अभियान भी चलाते रहते हैं। ्र
विज्ञापन