गुजरात हिंसा : साइंस उद्योग को करोड़ों का नुकसान
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पिछले कुछ दिनों से गुजरात में पटेल जाति को आरक्षण देने के लिए हो रहे आंदोलन से माहौल खराब चल रहा है। गुजरात के कई शहरों में कर्फ्यू भी लगा हुआ है। इस कारण अंबाला के कपड़ा और साइंस उद्योग को भी करोड़ों का नुकसान हो रहा है। खासकर राखी पर्व पर कपड़ा मार्केट को काफी नुकसान हुआ है।
गुजरात में रुकी सप्लाई अंबाला सिटी में उत्तर भारत की सबसे बड़ी थोक कपड़ा मार्केट है। यहां पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, चंडीगढ़, पश्चिमी यूपी व उत्तराखंड से काफी संख्या में कपड़ा कारोबारी आते हैं और महिलाओं के सूट, साड़ी, लहंगे व अन्य वस्त्र थोक में ले जाते हैं। यहां कपड़े की एक हजार से अधिक दुकानें हैं। जबकि कुछ कारोबारी रिटेल का भी काम करते हैं। चूंकि अब राखी पर्व इस कपड़ा मार्केट के लिए कारोबार के लिहाज से बड़ा पर्व माना जाता है। लेकिन इस बार राखी पर्व कारोबारियों को थोड़ा मायूस कर गया। क्योंकि यहां अधिकतर कपड़ा गुजरात के अहमदाबाद व सूरत से आता है। लेकिन वहां गुजरात हिंसा की वजह से सूटों व साडिय़ों की नई वैरायटियों की खेप वहीं रूकी रह गई। कपड़ा कारोबारी पूर्ण शर्मा, तरूण कपूर, सुरेंद्र कुमार, अशोक जुनेजा, रामचंद्र व अंकुर बताते हैं कि राखी पर्व कारोबारियों का बहुत बढ़िया गुजरता है। इसलिए कारोबारी पहले ही नए सूटों व साड़ियों की कलेक्शन के ऑर्डर गुजरात में दे देते हैं। इस बार भी हुआ तो ऐसा ही मगर आरक्षण हिंसा की वजह से कपड़ा अभी तक पहुंचा ही नहीं। कारोबारियों के पास जो पुराना स्टॉक पड़ा था, उसी पर ये त्यौहार निकाला। यदि सूटों व साड़ियों की नई वैरायिटी आती तो कारोबार बहुत बढ़िया रहता। जिस वजह से इस बार राखी का त्यौहार फीका रहा।
उपकरणों की प्रदर्शनी रुकी : अश्वनी एजुकेशनल व मेडिकल इक्यूपमेंट में अंबाला कैंट देश की सबसे बड़ी साइंस इंडस्ट्री है। देश ही नहीं विदेशों तक यहां से उपकरण सप्लाई किए जाते हैं। मगर इनमें गुजरात साइंस उद्योग का एक बड़ा बाजार है। लेकिन गुजरात में आरक्षण हिंसा ने साइंस उद्योग को भी थोड़ा झटका दिया है। अंबाला साइंसटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स एंड मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के सदस्य व बड़े कारोबारी अश्वनी गोयल बताते हैं कि पिछले दिनों ही एसोसिएशन की ओर से गुजरात में साइंटिफिक उपकरणों की कई प्रदर्शनी लगाई जानी थी। जिसे शुरू भी कर दिया था। मगर इस हिंसा की वजह से ये काम बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ और इस सिलसिले में गुजरात गए कई कारोबारी भी वहीं फंस गए थे। इस डेमोस्ट्रेशन के बूते पर ही वहां से बड़े आर्डर आने होते हैं। लेकिन इस बार सारा शेड्यूल बिगड़ गया। लेकिन अब बताया जा रहा है कि वहां माहौल नार्मल हो रहा है। लेकिन जो नुकसान होना था वो तो हो गया।