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सरकारी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशरों की किताबें दिखी तो खैर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सीटी।
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:36 AM IST
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अंबाला सिटी। प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ अब किताबों के प्राइवेट पब्लिशरों ने सरकारी स्कूलों में भी डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल इन दिनों प्राइवेट पब्लिशर नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक अनिवार्य विषय नैतिक शिक्षा की किताबों स्कूलों में सेटिंग के जरिए लगवाना चाहते हैं। इस तरह की शिकायतें फिल्ड से आने के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे किताबों के लिए बिल्कुल भी प्राइवेट पब्लिशरों के संपर्क में न रहे।
नौवीं से बारहवीं तक अनिवार्य हुई नैतिक शिक्षा
उल्लेखनीय है कि हरियाणा शिक्षा विभाग ने बच्चों के नैतिक स्तर को बढ़ाने के लिए नौवीं से बारहवीं कक्षा तक नैतिक शिक्षा विषय को अनिवार्य कर दिया है। अन्य रूटीन विषयों से ये विषय पूरी तरह अलग रहेगा। इसी के चलते पिछले दिनों हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बकायदा खुद बोर्ड की ओर से छपवाई गई नैतिक शिक्षा की पुस्तकों का कुरुक्षेत्र में विमोचन भी करवाया था। अब इंही किताबों को स्कूलों में लगवाया जाना है।
इस तरह डोरे डाल रहे प्राइवेट पब्लिशर
सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षकों व प्राचार्य ने बताया कि बोर्ड ने नैतिक शिक्षा की किताब का विमोचन तो कर दिया है। लेकिन अभी तक बाजारों में किताबें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, लेकिन प्राइवेट पब्लिशरों ने इसे तुरंत कॉपी कर अपनी किताबें बाजारों में उतार दी है। अब प्राइवेट पब्लिशर सरकारी स्कूलों में प्राचार्य से संपर्क कर स्कूल में ही छात्रों के लिए इन किताबों को उपलब्ध करवाने की बात कहकर अपने झांसे में ले रहे है, ताकि अच्छी कमाई कर सके।
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बोर्ड इस मामले में दिख रहा सख्त
प्राइवेट पब्लिशरों के इस खेल में हरियाणा शिक्षा विद्यालय बोर्ड पूरी तरह सख्त दिख रहा है। बोर्ड ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि नौवीं से बारहवीं कक्षा में नैतिक शिक्षा की सिर्फ बोर्ड से ही पब्लिश किताबें ही लगाई जाएं। ये किताबें बाजार में बिक्री हेतु उतारी जा रही है। इसलिए सभी जिला शिक्षा अधिकारी बोर्ड को ये सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा में नैतिक शिक्षा विषय शुरू करवा दिया गया है और किताबें बोर्ड से ही पब्लिश की गई ही इस्तेमाल की जा रही है। बोर्ड ने ये भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल में निजी प्रकाशक की पुस्तकें मिली, तो उस स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड की ओर से जो भी आदेश आए हैं, उससे सभी स्कूलों के प्राचार्य को अवगत करवा दिया गया है। साथ ही ये भी सुनिश्चित करवा दिया गया है कि नैतिक शिक्षा की किताबें सिर्फ बोर्ड की ओर से ही छपी हुई पढ़ाई जाएंगीं। सभी सरकारी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई भी शुरू करवाई जा रही है।
उमा शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला
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नौवीं से बारहवीं तक अनिवार्य हुई नैतिक शिक्षा
उल्लेखनीय है कि हरियाणा शिक्षा विभाग ने बच्चों के नैतिक स्तर को बढ़ाने के लिए नौवीं से बारहवीं कक्षा तक नैतिक शिक्षा विषय को अनिवार्य कर दिया है। अन्य रूटीन विषयों से ये विषय पूरी तरह अलग रहेगा। इसी के चलते पिछले दिनों हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बकायदा खुद बोर्ड की ओर से छपवाई गई नैतिक शिक्षा की पुस्तकों का कुरुक्षेत्र में विमोचन भी करवाया था। अब इंही किताबों को स्कूलों में लगवाया जाना है।
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इस तरह डोरे डाल रहे प्राइवेट पब्लिशर
सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षकों व प्राचार्य ने बताया कि बोर्ड ने नैतिक शिक्षा की किताब का विमोचन तो कर दिया है। लेकिन अभी तक बाजारों में किताबें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, लेकिन प्राइवेट पब्लिशरों ने इसे तुरंत कॉपी कर अपनी किताबें बाजारों में उतार दी है। अब प्राइवेट पब्लिशर सरकारी स्कूलों में प्राचार्य से संपर्क कर स्कूल में ही छात्रों के लिए इन किताबों को उपलब्ध करवाने की बात कहकर अपने झांसे में ले रहे है, ताकि अच्छी कमाई कर सके।
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बोर्ड इस मामले में दिख रहा सख्त
प्राइवेट पब्लिशरों के इस खेल में हरियाणा शिक्षा विद्यालय बोर्ड पूरी तरह सख्त दिख रहा है। बोर्ड ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि नौवीं से बारहवीं कक्षा में नैतिक शिक्षा की सिर्फ बोर्ड से ही पब्लिश किताबें ही लगाई जाएं। ये किताबें बाजार में बिक्री हेतु उतारी जा रही है। इसलिए सभी जिला शिक्षा अधिकारी बोर्ड को ये सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा में नैतिक शिक्षा विषय शुरू करवा दिया गया है और किताबें बोर्ड से ही पब्लिश की गई ही इस्तेमाल की जा रही है। बोर्ड ने ये भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल में निजी प्रकाशक की पुस्तकें मिली, तो उस स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड की ओर से जो भी आदेश आए हैं, उससे सभी स्कूलों के प्राचार्य को अवगत करवा दिया गया है। साथ ही ये भी सुनिश्चित करवा दिया गया है कि नैतिक शिक्षा की किताबें सिर्फ बोर्ड की ओर से ही छपी हुई पढ़ाई जाएंगीं। सभी सरकारी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई भी शुरू करवाई जा रही है।
उमा शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला