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प्रदेशभर की आईटीआई में कार्यरत 12 कर्मचारी बने माहमारी का शिकार अब रोजगार देगी सरकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 01:48 AM IST
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goverment give employement, who effected from corona
कोरोना की दूसरी लहर खत्म होते ही प्रदेश सरकार ने अब इस लहर में जान गंवा चुके प्रदेशभर के कर्मचारियों का डाटा मांग लिया है। इसी कड़ी में प्रदेशभर की सभी आईटीआई में कार्यरत उन तमाम कर्मचारियों का डाटा सरकार ने मांगा है जिनकी मौत कोरोना के कारण हुई ताकि इन कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक मदद के साथ आईटीआई में कम हुई कर्मचारियों की संख्या को भी पूरा किया जा सके। इसके लिए सरकार ने 16 जून तक जानकारी भेजने के आदेश दिए थे। प्रदेशभर की आईटीआई के 12 कर्मचारियों की लिस्ट सरकार के पास भेजी गई है जिनकी मौत कोरोना से हुई। लेकिन इनमें से दो कर्मचारियों की मौत पर पेंच फंसा है। क्योंकि परिजनों के पास उनकी मौत कोरोना से हुई ऐसा कोई प्रमाण नहीं हैं। केवल प्राइवेट लैब की रिपोर्ट परिजनों के पास है।
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कोरोना वॉरियर्स यानी ऐसे कर्मचारी जिनकी ड्यूटी कोविड वार्ड व अस्पताल इत्यादि में लगाई गई थी और वह ड्यूटी के दौरान ही संक्रमित हुए ऐसे कर्मचारियों को 20 लाख आर्थिक मदद दी जानी है। इसी तरह जो स्थायी कर्मचारी वैसे ही कोरोना के शिकार हुए उनके परिवार को 5 लाख व डीसी रेट और अनुबंध पर लगे कर्मचारियों के परिवारों को तीन लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
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अंबाला और महेंद्रगढ़ के कर्मचारी की मौत पर असमंजस
अंबाला की राजकीय बराड़ा आईटीआई के जगवंत सिंह और महेंद्रगढ़ राजकीय आईटीआई के धर्मवीर की मौत कोविड के दौरान ही हुई। परिजनों ने मौत का कारण कोरोना बताया था। इन दोनों कर्मचारियों के नाम की सूची विभाग के पास पहले भेज भी दी गई थी लेकिन इनके परिजन अभी तक कोई आधिकारिक प्रमाण पत्र पेश नहीं कर पाए। राजकीय आईटीआई बराड़ा के प्रिंसिपल राजकुमार ने बताया कि जगवंत सिंह को परिजनों ने किसी अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया था न ही सरकारी अस्पताल के पास कोई रिकॉर्ड है। केवल परिजनों के पास प्राइवेट लैब की रिपोर्ट है जिसमें जगवंत को कोरोना संक्रमित बताया गया है। लेकिन मुआवजे के लिए सरकारी रिकॉर्ड होना जरूरी है। अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र में भी परिजन मौत कोरोना से हुई है ऐसा नहीं दिखा पाए।
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इन कर्मचारियों की भेजी लिस्ट
वंदना शर्मा हेडक्वार्टर, विनोद आईटीआई रेवाड़ी, बृजेश मंगला आईटीआई फरीदाबाद, जगवंत सिंह आईटीआई बराड़ा अंबाला, कृष्ण पांचाल आईटीआई जींद, जितेंद्र ढ़ांगी गोहाना, मदन लाल रायपुर रानी पंचकूला, शेर सिंह सिरसा, धर्मवीर महेंद्रगढ़, दलेल सिंह सोनीपत, नवीन कुंडू किलोई, संदीप राजकीय आईटीआई असौधा। इन सभी कर्मचारियों में से नवीन कुंडू और संदीप डीसी रेट पर लगे हुए थे। इसके अलावा तमाम कर्मचारी नियमित थे।

हमने 10 कर्मचारियों की लिस्ट सरकार के पास भेज दी है। नियमानुसार जो भी लाभ होंगे इनके परिजनों को दिए जाएंगे। 52 साल से कम आयु वाले कर्मचारियों के परिवारों को एक्सग्रेसिया का लाभ देने का भी प्रावधान है।
-संजीव शर्मा, संयुक्त निदेशक कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा।
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