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राज्यसभा सीट के लिए मिले प्रतिनिधित्व : संदीप सचदेवा
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अंबाला सिटी। फरवरी को होने जा रहे राज्यसभा सीट चुनाव को लेकर हरियाणा के पंजाबी समुदाय ने दावेदारी जताते हुए भाजपा शीर्ष नेतृत्व से प्रतिनिधित्व की मांग की।
राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पंजाबी बिरादरी विकास सभा हरियाणा के अध्यक्ष और विभाजन विभिषिका कल्याण समूह के हरियाणा के महामंत्री एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि भाजपा से राज्यसभा सदस्य डीपी वत्स का कार्यकाल अप्रैल माह में समाप्त हो रहा है, जिसके लिए 8 फरवरी को अधिसूचना जारी हो सकती है। चुनावी नियमावली अनुसार 15 फरवरी को नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे।
16 फरवरी को नामांकन पत्र की जांच और 20 फरवरी तक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं, जबकि मतदान 27 फरवरी को होगा। हरियाणा की कुल पांच सीटों में से एक पर कांग्रेस, तीन पर भाजपा और एक पर निर्दलीय काबिज है, जिनमें कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा जाट समुदाय, भाजपा के रामचंद्र जांगड़ा पिछड़ा वर्ग, डीपी वत्स ब्राह्मण समाज, कृष्ण लाल पंवार अनुसूचित जाति से और भाजपा समर्थित आजाद राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखते हैं।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा विधानसभा में आठ भाजपा सदस्य पंजाबी समुदाय से हैं, जबकि भाजपा ने नौ पंजाबी चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा था। जो इससे पता चलता है कि पंजाबी समुदाय अब राजनीतिक रूप से भी जागृत व संगठित हो रहा है। राज्य की मौजूदा राजनीति में पंजाबी समुदाय के योगदान को देखते हुए राज्यसभा में इस समुदाय को प्रतिनिधित्व देने से भाजपाई जनाधार के बढ़ने के साथ-साथ लोकसभा व विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए एक संजीवनी साबित हो सकता है।
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राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पंजाबी बिरादरी विकास सभा हरियाणा के अध्यक्ष और विभाजन विभिषिका कल्याण समूह के हरियाणा के महामंत्री एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि भाजपा से राज्यसभा सदस्य डीपी वत्स का कार्यकाल अप्रैल माह में समाप्त हो रहा है, जिसके लिए 8 फरवरी को अधिसूचना जारी हो सकती है। चुनावी नियमावली अनुसार 15 फरवरी को नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे।
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16 फरवरी को नामांकन पत्र की जांच और 20 फरवरी तक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं, जबकि मतदान 27 फरवरी को होगा। हरियाणा की कुल पांच सीटों में से एक पर कांग्रेस, तीन पर भाजपा और एक पर निर्दलीय काबिज है, जिनमें कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा जाट समुदाय, भाजपा के रामचंद्र जांगड़ा पिछड़ा वर्ग, डीपी वत्स ब्राह्मण समाज, कृष्ण लाल पंवार अनुसूचित जाति से और भाजपा समर्थित आजाद राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखते हैं।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा विधानसभा में आठ भाजपा सदस्य पंजाबी समुदाय से हैं, जबकि भाजपा ने नौ पंजाबी चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा था। जो इससे पता चलता है कि पंजाबी समुदाय अब राजनीतिक रूप से भी जागृत व संगठित हो रहा है। राज्य की मौजूदा राजनीति में पंजाबी समुदाय के योगदान को देखते हुए राज्यसभा में इस समुदाय को प्रतिनिधित्व देने से भाजपाई जनाधार के बढ़ने के साथ-साथ लोकसभा व विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए एक संजीवनी साबित हो सकता है।