एडमिशन नहीं दिया तो कैंसिल होगी स्कूल की मान्यता
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स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट के स्पेशल सेक्रेटरी आरएस खरब ने उन निजी स्कूलों को चेतावनी दी है जिन्होंने शिक्षा नियमावली 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों को एडमिशन नहीं दिया। ऐसे स्कूलों की मान्यता (रिकॉग्निशन) वापस ली जा सकती है। अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी सहित खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है, जिसमें ऐसे स्कूलों पर शिकंजा कसने के निर्देश हैं। वर्तमान स्थिति पर नजर मारें तो कईं स्कूल इस नियमावली के तहत बच्चों को एडमिशन देने से मना कर रहे हैं।
उक्त अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी सहित सभी बीईओ को पत्र लिखकर शिक्षा नियमावली 134ए के तहत पात्र बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन दिलाते हुए सभी लाभ देने को कहा है। इसके लिए अधिकारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर दिए गए फैसले का भी जिक्र किया गया है। इसी पत्र में अधिकारी ने साफ किया है कि जिला शिक्षा विभाग द्वारा जो भी ड्रा निकाले जाएंगे (पात्र बच्चों को एडमिशन देने के लिए) उसके तहत बच्चों को एडमिशन दिया जाना है। इसके लिए 14 व 24 अगस्त को दो ड्रा निकाले जा चुक हैं, जबकि अभी 27 अगस्त का ड्रा निकाला जाना है। इसी के तहत यदि सीटें खाली रहती हैं तो तीसरे राउंड के तहत स्कूल जिला लेवल कमेटी के सामने 4 सितंबर से पहले अपनी रिपोर्ट देंगे।
कमेटी कर सकती है मान्यता रद्द करने की सिफारिश इस पत्र में साफ कहा गया है कि शिक्षा नियमावली 134ए के तहत यदि कोई निजी स्कूल नियम मानने से मना करता है, तो जिला लेवल कमेटी ऐसे स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश कर सकती है। ऐसे में इस स्कूल की मान्यता (रिकॉग्निशन) को रद्द किया जा सकता है। अभिभावक भी इस संबंध में जिला लेवल कमेटी अथवा ब्लाक लेवल कमेटी के पास अपनी शिकायत दे सकते हैं।
एडमिशन के बाद भी फंस सकता है पेंज कुछ स्कूल एडमिशन देने को तो राजी हैं, लेकिन दाखिला फीस और फीस में पेंच फंस सकता है। बताया जाता है कि यह स्कूल एडमिशन फीस वापस न करने की बात कर रहे हैं, जबकि आधी फीस की डिमांड भी कर रहे हैं। इसी को लेकर विगत दिनों कैंट के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इसी को लेकर अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी के सामने यह मुद्दा भी उठाया था। इस पर हालांकि अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई।
प्रिंसिपलों के साथ करे विभाग मीटिंग अपना मुद्दा संघर्ष समिति के आशीष पासी व अमर आर्य का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर वे काफी समय से अभिभावकों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हल नहीं निकल रहा, जबकि हर बार परेशानी खड़ी होती है। इस बार यदि शिक्षा विभाग निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों से बैठक कर सब कुछ साफ कर ले, तो काफी परेशानी दूर हो सकती है। इसी को लेकर जल्द ही डीईओ से भी मिलेंगे।
शिक्षा नियमावली 134ए के तहत निजी स्कूलों को पात्र बच्चों को एडमिशन देनी होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश जिला लेवल कमेटी करेगी, जबकि कार्रवाई उच्चाधिकारियों ने करनी है। शिक्षा विभाग पूरी कोशिश में हैं कि उक्त नियम के तहत बच्चों को एडमिशन मिले। -धर्मवीर कादियान, डीईओ अंबाला