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Ambala News: गोशाला का बेसहारा गोवंश को रखने से इंकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Mar 2025 01:27 AM IST
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Gaushala refuses to keep helpless cows
अंबाला छावनी के सनातन धर्म स्कूल के पास सड़क के दोनों तरफ खड़े बेसहारा गोवंश। संवाद
अंबाला। बेसहारा गोवंश की समस्या है कि दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। रोजाना किसी न किसी हादसे में बाइक और स्कूटर सवार के गोवंश से टकराकर चोटिल होने के समाचार मिल रहे हैं। बावजूद इसके इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ठोस व्यवस्था नहीं कर पाई है।
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अंबाला छावनी की रामबाग स्थित गोशाला में भी इन बेसहारा गोवंश के लिए जगह नहीं है। प्रबंधकों का कहना है कि यहां पहले ही पशुओं की भरमार है। अगर और पशु रख लिए तो इनके लिए चारे की व्यवस्था करना काफी मुश्किल हो जाएगा।
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ऐसे में अब इस परेशानी के समाधान के लिए नगर परिषद ने अस्थायी गोशाला के निर्माण का फैसला किया है, जिससे कि बेसहारा गोवंश को पकड़कर यहां रखा जा सके। इसके लिए नगर परिषद के अधीन खाली जगह का आंकलन किया जा रहा है। इसमें करधान सहित उगाड़ा-बाड़ा गांव के पास काफी खाली जमीन है। जहां गोशाला के निर्माण की योजना तैयार हो सकती है। हालांकि अभी आचार संहिता को लेकर इस काम को लंबित किया गया है।
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वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता हटते ही इस योजना पर तेजी से कार्य किया जाएगा, जिससे कि अंबाला छावनी की जनता को बेसहारा पशुओं के कारण आ रही परेशानी से निजात दिलवाई जा सके।
गली-मोहल्ले और हाईवे पर डेरा
अंबाला छावनी के गली-मोहल्ले ही नहीं बल्कि अंबाला-साहा नेशनल हाईवे पर भी बेसहारा गोवंश ने डेरा डाला है। छावनी के नागरिक अस्पताल के सामने हाईवे के डिवाइडर पर सुबह से शाम तक दर्जन के करीब बेसहारा गोवंश बैठे रहते हैं जोकि कभी भी अचानक सड़क पर आ जाते हैं और वाहन से टकरा जाते हैं। ऐसे में लोगों की जान-माल का भी खतरा बना रहता है।
कैबिनेट मंत्री ने भी दिए हैं निर्देश
अंबाला छावनी की खूबसूरती बिगाड़ रहे बेसहारा गोवंश लोगों के लिए एक भारी परेशानी का सबब बन गए हैं। इनकी वजह से कई छोटे बच्चे व बुजुर्ग भी घायल हो चुके हैं। ऐसी कई शिकायतें हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के संज्ञान में भी आई थीं। उन्होंने नगर परिषद को निर्देश दिए थे कि अगर गोशालाओं में जगह नहीं है तो नगर परिषद अपने स्तर पर एक गोशाला बनवाए ताकि यहां बेसहारा गोवंश को रखा जा सके। हालांकि इस संबंध में कुछ समय पहले कार्रवाई शुरु भी की गई थी, लेकिन चुनावों सहित अन्य ड्यूटियों को लेकर यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई थी।
पालतू गोवंश भी समस्या
बेसहारा गोवंश के अलावा पालतु पशु भी हादसों का कारण बन रहे हैं। सुभाष पार्क के पास ऐसे हालात देखे जा सकते हैं। यहां दूध की डेयरियां चलाने वाले लोग पशुओं को सड़क पर छोड़ देते हैं जोकि पार्क आने वाले लोगों और वाहनों के लिए खतरा बने हैं। इन पशु पालकों पर नगर परिषद की ओर से आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। मात्र लिखित नोटिस देकर खानापूर्ति कर दी जाती है। कुछ दिन तो हालात ठीक रहते हैं, लेकिन फिर व्यवस्था पुराने ढर्रे पर आ जाती है।
कैंटोनमेंट बोर्ड से सीख लेने की जरूरत
कैंटोनमेंट बोर्ड ने बेसहारा गोवंश की समस्या से निपटने के लिए अपने स्तर पर ही एक छोटी गोशाला बनाई हुई है। वहीं गोवंश को पकड़ने के लिए भी खुद की टीम बनाई हुई है जोकि सुबह-शाम बोर्ड क्षेत्र की सड़कों पर बैठे गोवंश को गोशाला में लेकर आती है। इस दौरान पालतु गोवंश को जुर्माना लेकर छोड़ा जाता है। इस व्यवस्था से जहां बोर्ड को राजस्व की प्राप्ति होती है, वहीं सड़क भी साफ-सुथरी रहती है।

वर्जन
बेसहारा गोवंश को लेकर योजना तैयार की गई है जोकि आचार संहिता के कारण लंबित हो गई थी। इस समस्या के समाधान को लेकर अस्थाई गोशाला के निर्माण पर भी मंथन किया जा रहा है, जिससे कि दूसरी गोशालाओं में बेसहारा गोवंश को भेजने की जरूरत ही न पड़े।
रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर अंबाला।

अंबाला छावनी के सनातन धर्म स्कूल के पास सड़क के दोनों तरफ खड़े बेसहारा गोवंश। संवाद

अंबाला छावनी के सनातन धर्म स्कूल के पास सड़क के दोनों तरफ खड़े बेसहारा गोवंश। संवाद

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