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विदेश भेजने के नाम पर साढ़े 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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बराड़ा। बेटी को विदेश भेजने के नाम पर व्यक्ति 13 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी का शिकार हो गया। आरोपियों ने पहले यूके भेजने की बात कही। इसके बाद कनाडा का वीजा दिलाने का सपना दिखाकर रुपये हड़प लिए। अंबाला पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपने के बाद बराड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिकायत में अवतार सिंह निवासी कसेरलां खुर्द ने बताया कि उसकी पुत्री लवक्रीत कौर ने जुलाई 2020 में मोबाइल पर फ्यूचर डेवलपर इमिग्रेशन सेक्टर-34 ए चंडीगढ़ का विज्ञापन देखा। उस पर दिए नंबर से लवक्रीत ने एचओडी ज्योति अरोड़ा से विदेश भेजने की बात की। ज्योति अरोड़ा ने लवक्रीत को नवंबर 2022 तक यूके स्टडी वीजा विद स्पाउज लगवा देने का आश्वासन दिया। 15 दिन लगातार बातचीत होने के बाद लवक्रीत स्वयं चंडीगढ़ स्थित ऑफिस जाकर फाइल देकर आई। शिकायत के अनुसार ज्योति अरोड़ा ने काम होने से पहले फंड दिखाने के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की।
इसके बाद लवक्रीत ने 31 अगस्त 2020 को इमिग्रेशन सेंटर के मालिक मलकीत बराड़ के बैंक खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए। अगले ही दिन एक सितंबर को अपने खाते से एक लाख 50 हजार रुपये निकलवा कर इमीग्रेशन ऑफिस चंडीगढ़ में जाकर ज्योति अरोड़ा व मैनेजर बलजिंद्र सिंह को नकद दिए। इसके बाद 18 सितंबर 2020 को लवक्रीत ने मलकीत के खाते में 15 हजार, 25 सितंबर 2020 को पांच हजार और 10 हजार रुपये नकद ज्योति अरोड़ा को दिए। इस तरह आरोपियों ने उनसे 13 लाख 50 रुपये ले लिए। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने शिकायतकर्ता की बेटी को विदेश भेजने के लिए आवेदन तक नहीं किया।
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शिकायत में अवतार सिंह निवासी कसेरलां खुर्द ने बताया कि उसकी पुत्री लवक्रीत कौर ने जुलाई 2020 में मोबाइल पर फ्यूचर डेवलपर इमिग्रेशन सेक्टर-34 ए चंडीगढ़ का विज्ञापन देखा। उस पर दिए नंबर से लवक्रीत ने एचओडी ज्योति अरोड़ा से विदेश भेजने की बात की। ज्योति अरोड़ा ने लवक्रीत को नवंबर 2022 तक यूके स्टडी वीजा विद स्पाउज लगवा देने का आश्वासन दिया। 15 दिन लगातार बातचीत होने के बाद लवक्रीत स्वयं चंडीगढ़ स्थित ऑफिस जाकर फाइल देकर आई। शिकायत के अनुसार ज्योति अरोड़ा ने काम होने से पहले फंड दिखाने के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की।
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इसके बाद लवक्रीत ने 31 अगस्त 2020 को इमिग्रेशन सेंटर के मालिक मलकीत बराड़ के बैंक खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए। अगले ही दिन एक सितंबर को अपने खाते से एक लाख 50 हजार रुपये निकलवा कर इमीग्रेशन ऑफिस चंडीगढ़ में जाकर ज्योति अरोड़ा व मैनेजर बलजिंद्र सिंह को नकद दिए। इसके बाद 18 सितंबर 2020 को लवक्रीत ने मलकीत के खाते में 15 हजार, 25 सितंबर 2020 को पांच हजार और 10 हजार रुपये नकद ज्योति अरोड़ा को दिए। इस तरह आरोपियों ने उनसे 13 लाख 50 रुपये ले लिए। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने शिकायतकर्ता की बेटी को विदेश भेजने के लिए आवेदन तक नहीं किया।
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