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परिवार के चार सदस्यों को उम्रकैद
अंबाला
Updated Tue, 29 Oct 2013 12:04 AM IST
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क्राइम अगेंस्ट वुमन स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को मकान विवाद में तीन बच्चों समेत दंपति की खुदकुशी के लिए मजबूर करने के आरोपी परिवार के ही चार सदस्यों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सजा पाने वालों में मृतक की मां गुरचरन कौर, पिता बलदेव सिंह, बड़ा भाई चरनजीत, भाभी परमजीत कौर शामिल हैै। अदालत ने दोषियों पर अदालत ने आर्थिक दंड के तौर पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में अदालत ने धारा 305 (नाबालिग सुसाइड) में उम्रकैद और 306 में सुसाइड में 10 साल की कैद के साथ 5-5 का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 24 अक्तूबर को ही दोषी करार दिया था।
यह है मामला
यमुनानगर रेलवे स्टेशन के नजदीक फरूखपुर के रहने वाले परमजीत सिंह ने सितंबर 2012 में पत्नी नरेंद्र कौर, दो बेटियां प्रीतपाल, तृप्तपाल कौर और बेटे हरजिंद्र सिंह के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी।
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पुलिस ने नरेंद्र कौर की मां अमरजीत कौर की शिकायत पर मृतक के परिजनों को ही इसका जिम्मेदार बताते हुए केस दर्ज करवाया था। पुलिस को दिए बयान में अमरजीत कौर ने बताया था कि जमीन विवाद के कारण पिछले काफी दिनों से उनका झगड़ा चल रहा था।
जिसमें घटना से 5-6 महीने पहले भी विवाद को लेकर पंचायत में समझौता हुआ था। लेकिन उसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। शिकायत के अनुसार अमरजीत ने बताया था कि हादसे से कुछ दिन पहले उसकी बेटी नरेंद्र कौर का फोन आया था और उसने बताया था कि विवाद के कारण वे सभी लोग बहुत परेशान है और काफी तंग है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक परमजीत सिंह के पिता बलदेव सिंह, भाई चरनजीत, मां गुरचरण कौर और भाभी परमजीत कौर पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी।
चारों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। ये मामला अब कोर्ट में चल रहा था। लोक अभियोजक दिनेश बजाज ने बताया कि अदालत ने सोमवार को धारा 305 व 306 के तहत आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही आर्थिक दंड के तौर पर 5-5 रुपये का जुर्माना भी किया है।
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सजा पाने वालों में मृतक की मां गुरचरन कौर, पिता बलदेव सिंह, बड़ा भाई चरनजीत, भाभी परमजीत कौर शामिल हैै। अदालत ने दोषियों पर अदालत ने आर्थिक दंड के तौर पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में अदालत ने धारा 305 (नाबालिग सुसाइड) में उम्रकैद और 306 में सुसाइड में 10 साल की कैद के साथ 5-5 का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 24 अक्तूबर को ही दोषी करार दिया था।
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यह है मामला
यमुनानगर रेलवे स्टेशन के नजदीक फरूखपुर के रहने वाले परमजीत सिंह ने सितंबर 2012 में पत्नी नरेंद्र कौर, दो बेटियां प्रीतपाल, तृप्तपाल कौर और बेटे हरजिंद्र सिंह के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी।
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पुलिस ने नरेंद्र कौर की मां अमरजीत कौर की शिकायत पर मृतक के परिजनों को ही इसका जिम्मेदार बताते हुए केस दर्ज करवाया था। पुलिस को दिए बयान में अमरजीत कौर ने बताया था कि जमीन विवाद के कारण पिछले काफी दिनों से उनका झगड़ा चल रहा था।
जिसमें घटना से 5-6 महीने पहले भी विवाद को लेकर पंचायत में समझौता हुआ था। लेकिन उसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। शिकायत के अनुसार अमरजीत ने बताया था कि हादसे से कुछ दिन पहले उसकी बेटी नरेंद्र कौर का फोन आया था और उसने बताया था कि विवाद के कारण वे सभी लोग बहुत परेशान है और काफी तंग है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक परमजीत सिंह के पिता बलदेव सिंह, भाई चरनजीत, मां गुरचरण कौर और भाभी परमजीत कौर पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी।
चारों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। ये मामला अब कोर्ट में चल रहा था। लोक अभियोजक दिनेश बजाज ने बताया कि अदालत ने सोमवार को धारा 305 व 306 के तहत आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही आर्थिक दंड के तौर पर 5-5 रुपये का जुर्माना भी किया है।