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Ambala News: फूड डिलीवरी एप बंद, अटका डिजिटल भुगतान
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अंबाला। किसान आंदोलन को देखते हुए हरियाणा सरकार ने सात जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा के अधिकतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद है। यह 11 से 13 फरवरी तक बंद रहेंगी।
ऐसे में अब मोबाइल पर न तो कोई संदेश आएगा, न व्हाट्सएप काम करेगा। इसमें सबसे बड़ी परेशानी ऑनलाइन फूड एप को हो रहा है। इससे डिलीवरी घरों तक पहुंचती है। इसका कुछ पैसा खाना बनाने वाली रेस्त्रां को तो कुछ डिलीवरी पहुंचाने वाले व्यक्ति को मिलता है, लेकिन इंटरनेट के बंद होने से रविवार को दोनों ही परेशान रहे। इसी प्रकार फल व सब्जी विक्रेताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि पेट्रोल पंपों पर भी लोग नकद भुगतान करते नजर आए। इस दौरान कुछ वाहन चालक वापिस भी चले गए क्योंकि उन्होंने डिजिटल तरीके से भुगतान करना था और उनके पास नकदी नहीं थी। वहीं लोग ऑनलाइन टिकटें भी बुक नहीं कर सके।
आर्थिक तंगी से जूझे रेस्त्रां संचालक
फूड रेस्त्रां को ऑनलाइन तरीके से प्राप्त ऑर्डर के तहत 10 से 15 हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई होती थी और डिलीवरी देने वाले व्यक्ति को भी सात से आठ सौ रुपये मिलते थे, इंटरनेट ठप होने से यह पूरा सिस्टम ठप रहा। इसलिए लोग अपने घरों पर खाना व फास्ट फूड आदि नहीं मंगवा सके। पिज्जा बनाने वाले रेस्त्रां मालिक अमनप्रीत सिंह ने बताया कि जिला में रोजाना आठ से 10 हजार के करीब आर्डर होते हैं। इसमें फूड एप के माध्यम से रोजाना 300 के करीब आर्डर वो डिलीवरी देने वाले व्यक्तियों के माध्यम से घरों तक पहुंचाते हैंं। इंटरनेट बंद होने से आज काम नहीं हुआ।
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खुद पहुंचाए ऑर्डर
इसी प्रकार दूसरे रेस्त्रां प्रबंधक ने बताया कि उनके पास ब्रॉडबैंड की सुविधा है। बावजूद इसके काफी कम ही ऑर्डर आए जोकि उन्होंने अपने कर्मचारियों को भेजकर पूरे किए ताकि लोगों को परेशानी का सामना करना पड़े।
खाते में लिखा उधार
चाय का कारोबार करने वाले सचिन ने बताया कि रोजाना उसकी दुकान पर 60 से 70 ग्राहक आते हैं जोकि डिजिटल तरीके से भुगतान करते हैं। रविवार सुबह भी ग्राहक तो आए, लेकिन वो डिजिटल माध्यम से भुगतान नहीं कर पाए। ऐसे में चाय को उधार खाते में लिखना पड़ा।
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ऐसे में अब मोबाइल पर न तो कोई संदेश आएगा, न व्हाट्सएप काम करेगा। इसमें सबसे बड़ी परेशानी ऑनलाइन फूड एप को हो रहा है। इससे डिलीवरी घरों तक पहुंचती है। इसका कुछ पैसा खाना बनाने वाली रेस्त्रां को तो कुछ डिलीवरी पहुंचाने वाले व्यक्ति को मिलता है, लेकिन इंटरनेट के बंद होने से रविवार को दोनों ही परेशान रहे। इसी प्रकार फल व सब्जी विक्रेताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि पेट्रोल पंपों पर भी लोग नकद भुगतान करते नजर आए। इस दौरान कुछ वाहन चालक वापिस भी चले गए क्योंकि उन्होंने डिजिटल तरीके से भुगतान करना था और उनके पास नकदी नहीं थी। वहीं लोग ऑनलाइन टिकटें भी बुक नहीं कर सके।
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आर्थिक तंगी से जूझे रेस्त्रां संचालक
फूड रेस्त्रां को ऑनलाइन तरीके से प्राप्त ऑर्डर के तहत 10 से 15 हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई होती थी और डिलीवरी देने वाले व्यक्ति को भी सात से आठ सौ रुपये मिलते थे, इंटरनेट ठप होने से यह पूरा सिस्टम ठप रहा। इसलिए लोग अपने घरों पर खाना व फास्ट फूड आदि नहीं मंगवा सके। पिज्जा बनाने वाले रेस्त्रां मालिक अमनप्रीत सिंह ने बताया कि जिला में रोजाना आठ से 10 हजार के करीब आर्डर होते हैं। इसमें फूड एप के माध्यम से रोजाना 300 के करीब आर्डर वो डिलीवरी देने वाले व्यक्तियों के माध्यम से घरों तक पहुंचाते हैंं। इंटरनेट बंद होने से आज काम नहीं हुआ।
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खुद पहुंचाए ऑर्डर
इसी प्रकार दूसरे रेस्त्रां प्रबंधक ने बताया कि उनके पास ब्रॉडबैंड की सुविधा है। बावजूद इसके काफी कम ही ऑर्डर आए जोकि उन्होंने अपने कर्मचारियों को भेजकर पूरे किए ताकि लोगों को परेशानी का सामना करना पड़े।
खाते में लिखा उधार
चाय का कारोबार करने वाले सचिन ने बताया कि रोजाना उसकी दुकान पर 60 से 70 ग्राहक आते हैं जोकि डिजिटल तरीके से भुगतान करते हैं। रविवार सुबह भी ग्राहक तो आए, लेकिन वो डिजिटल माध्यम से भुगतान नहीं कर पाए। ऐसे में चाय को उधार खाते में लिखना पड़ा।

ओंकार सिंह, संवाद।

ओंकार सिंह, संवाद।

ओंकार सिंह, संवाद।

ओंकार सिंह, संवाद।