फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   fog will not break at the speed of train

कोहरे से ट्रेनों की रफ्तार पर नहीं लगेगा ब्रेक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2020 12:41 AM IST
विज्ञापन
fog will not break at the speed of train
कोहरा ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लगा पाएगा। रेलवे ने ऐसा फॉग सर्विलेंस सिस्टम तैयार किया जो ट्रेन के लोको पायलट को 3 किलोमीटर तक का रेलवे ट्रैक दिखाएगा। कुछ मंडलों में इसे लेकर कार्य चल रहा है लेकिन अभी अंबाला मंडल में फॉग सेफ्टी डिवाइस सहित चूना व रेडियम टेप का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। ठंड का मौसम शुरू हो चुका है और अब धीरे-धीरे कोहरा भी छाने लगा है। आने वाले दिनों में कोहरा बढने से ट्रेनों की गति पर रोक लगना लाजिमी है। कोहरे से निपटने के लिए रेलवे कई प्रकार के कार्य कर रहा है ताकि कोहरे में भी ट्रेनों का संचालन का सुचारू तरीके से हो सके। इसके अलावा रेलवे फॉग सेफ्टी डिवाइस जैसे कुछ उपकरणों का भी सहारा ले रहा है जो लोको पायलट को सचेत करने में काफी सहायक है। हालांकि इसके बाद भी लोको पायलटों का चूना मार्किंग पर भरोसा है। पायलटों का कहना है कि कोहरे में सिग्नल के एक किलोमीटर पहले गिना चूने से उन्हें अंदाजा हो जाता है कि सिग्नल आने वाला है। इसके साथ ही सिग्नल से एक खंभा पहले रेडियम वाला सिग्मा बोर्ड भी लगाया जाता है। यह दूर से देखने पर ही चमकने लगता है। यह बोर्ड भी सिग्नल को दर्शाने का काम करता है। अब रेलवे नई तकनीक का भी इस्तेमाल करने जा रहा है। इस तकनीक का नाम फॉग सर्विलेंस सिस्टम दिया गया है। यह एक ऐसा उपकरण है जो ट्रेन के इंजन में ही फिट किया जाता है। कंट्रोल पैनल पर रेलवे ट्रैक की तस्वीर लोको पायलट को नजर आती है। अगर रेलवे ट्रैक पर कोई दरार या फिर कोई संदिग्ध वस्तु आदि पड़ी है तो सिस्टम से निकलने सिग्नल लोको पायलट को सचेत कर देते हैं। अंबाला मंडल में 1 नवंबर से ही कोहरे से निपटने के उपाय आरंभ हो जाते हैं। कोहरे को देखते हुए लोको पायलट को कम गति पर ट्रेनों के संचालन के निर्देश दिए जाते हैं। इसके अलावा ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली का भी इस्तेमाल किया जाता है। फाटकों व संवेदनशील स्थानों पर रेडियम टेप चिपकाई जाती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर चूने का इस्तेमाल भी किया जाता है।
विज्ञापन

अभी अंबाला मंडल में फॉग सर्विलेंस सिस्टम का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। सर्दियों में कोहरे को देखते हुए रेलवे द्वारा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। लोको पायलट को फॉग सेफ्टी डिवाइस तो दी ही जाती है, साथ ही ट्रैक पर सिग्नल से पहले चूना और सिग्मा बोर्ड भी लगाए जाते हैं, वहीं पेट्रोलिंग के लिए अतिरिक्त गैंगमैन की ड्यूटी भी लगाई जाती है।
विज्ञापन

पंकज गुप्ता, एडीआरएम अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed