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Ambala News: बसों से फर्स्ट एड किट गायब, अफसर हैं बेपरवाह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Dec 2023 12:29 AM IST
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First aid kits missing from buses, officers are careless
अंबाला। अगर आप अंबाला से दिल्ली, लुधियाना, पटियाला, बद्दी या अन्य किसी दूर के क्षेत्र में हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर कर रहे हैं और आपकी तबीयत खराब हो जाती है तो आपको भगवान से ही प्रार्थना करनी पड़ेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि लंबे रूट पर चलने वाली बसों में फर्स्ट एड किट को लेकर भारी लापरवाही देखने को मिल रही है। अमर उजाला टीम ने सोमवार को लंबे रूट पर चलने वाली बसों में इस सुविधा को लेकर पड़ताल की तो पाया कि किसी में प्राथमिक उपचार के लिए बॉक्स नहीं था, अगर बॉक्स था तो मेडिकल किट नहीं थी। वहीं मेडिकल किट थी उसमें दवाइयां नहीं थी। वहीं एक बस में बाक्स की जगह बैग मिला, जिसमें दर्द की दवा का एक पत्ता रखा था। उसमें भी पूरी गोलियां नहीं थी।
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बसों में सफर के दौरान फर्स्ट एड किट में डेटॉल, रूई, पट्टी समेत अन्य कई तरह की दवाइयां होनी चाहिए। रोडवेज की बसों में इस तरह की किट रखना अनिवार्य है। इसमें सिर व पेट दर्द, उल्टी, जी मिचलाने के लिए फर्स्ट रिलीफ की दवाइयां आदि रखनी होती हैं।
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अंबाला डिपो की अंबाला से लुधियाना जाने वाले बस पर तैनात परिचालक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह लुधियाना से बस लेकर अंबाला आया है। इस बस में उसकी ड्यूटी स्थायी नहीं है और बस में मेडिकल किट भ नहीं है।
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पंचकूला डिपो के परिचालक ने बताया कि वह अंबाला छावनी से बस अड्डा से सवारियों को लेकर बद्दी जा रहा है। उसकी जिस बस पर ड्यूटी थी वह अचानक से खराब हो गई। जिसके चलते उसकी ड्यूटी इस बस पर लगाई गई है। इसमें प्राथमिक उपचार का बॉक्स तो है मगर दवा नहीं है। मेरा पास एक ही दवा का पत्ता है।



कुरूक्षेत्र डिपो के परिचालक ने बताया कि वह दिल्ली से अमृतसर के लिए सवारियों को लेकर जाता है। उनकी बस में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं मिला। इसी प्रकार अंबाला से पटियाला जाने वाली बस के परिचालक ने बताया कि वह इस बस पर स्थायी नहीं है। इसलिए मेडिकल बॉक्स के बारे में उसे पता नहीं है। गाड़ी में बॉक्स नहीं मिला।




हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के प्रधान रविंदर ने बताया कि जब रोडवेज परिचालकों की भर्ती होती है तब परिचालकों को फर्स्ट एड का कोर्स कराया जाता है। इसके बाद परिचालक का लाइसेंस जारी होता है। कई परिचालकों को रोडवेज ने फर्स्ट एड किट दी है। इस मामले में विभाग और परिचालक दोनों की कमियां हैं। दोनों में तालमेल होता तो मेडिकल बॉक्स बसों में ठीक हालात में होते।
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