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किसानों का चढ़ा पारा, बैरिकेड तोले काटा बवाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 01:57 AM IST
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Farmer's mercury rises, barricades cut ruckus
Farmer's mercury rises, barricades cut ruckus - फोटो : Ambala
अंबाला। धान की खरीद देरी से शुरू करने के विरोध में किसानों ने लगातार दूसरे दिन भी जमकर प्रदर्शन किया। एक ओर जहां किसानों ने सुबह ही सभी अनाजमंडियों में एकत्रित होकर मार्केट कमेटी कार्यालयों के बाहर ताला जड़ दिया वहीं विधायकों की कोठी के बाहर भी धरना दिया।
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अंबाला शहर विधायक असीम गोयल के निवास स्थान तक पहुंचने के दौरान पुलिस व किसानों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। दो जगह बैरिकेड तोड़कर विधायक के निवास स्थान तक पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। इस बीच एक किसान भी घायल हो गया। ट्रैक्टर पर ही किसान का पैर बुरी तरह से मुड़ गया और उसे आनन-फानन में उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया, लेकिन देरशाम को जैसे ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से धान की खरीद 3 अक्तूबर से शुरू होने की सूचना मिली तो किसानों ने बराड़ा, नारायणगढ़, शहजादपुर, मुलाना, साहा के मार्केट कमेटी कार्यालयों के ताले खोल दिए।
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किसानों द्वारा प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद गृहमंत्री अनिल विज के निवास स्थान के बाहर भी पुलिस पूरे दलबल के साथ तैनात रही। वाटर कैनन से लेकर बैरिकेड लगे हुए थे, लेकिन मंत्री विज निवास स्थान पर न होने के कारण किसान प्रदर्शन करने के लिए नहीं पहुंचे। वहीं, मोहड़ा मंडी में भी किसानों ने जमकर रोष जताते हुए मार्केट कमेटी पर ताला जड़ दिया।
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दो बैरिकेड पर पुलिस व किसानों के बीच बनी टकराव की स्थिति, तोड़कर आगे बढे़ किसान
विधायक की कोठी तक पहुंचने के लिए किसानों और पुलिस के बीच करीब एक घंटे तक संघर्ष चला किया। इस संघर्ष के दौरान पुलिस ओर से किसानों को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड को किसानों ने कुछ ही सेकेंड में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। पुराना सिविल अस्पताल के पास तो पुलिस केवल मूक दर्शक बनी रही। मगर, लघु सचिवालय के बाहर पुलिस और किसानों के बीच काफी समय तक संघर्ष चला। इस बीच पुलिस और किसानों के बीच बैरिकेड हटाने को लेकर काफी धक्कामुक्की भी हुई। जब एक किसान ट्रैक्टर लेकर आगे जाने की कोशिश करने लगा तो पुलिस ट्रैक्टर के आगे ढाल बनकर खड़ी हो गई है और ट्रैक्टर को आगे नहीं जाने दिया। बैरिकेड हटाने की प्रक्रिया में गांव मिर्जापुर निवासी अवतार सिंह का पैर मुड़ गया इस दौरान उसे काफी चोट भी आई। इन्हें तुरंत ही अन्य किसान शहर के नागरिक अस्पताल ले गए। जहां उपचार चल रहा है। बैरिकेड हटाने के तुरंत बाद ही किसान पैदल ही विधायक की कोठी की ओर कूच कर गए। जहां किसानों का शाम तक धरना जारी रहा।
लघु सचिवालय के सामने पुलिस ने कई बार मांगा समय, नहीं बनी सहमति
लघु सचिवालय के सामने बनाई गई बाधा को पार करने से पूर्व किसानों ने पुलिस से बातचीत के लिए कई बार प्रस्ताव रखा। इस दौरान किसानों ने पुलिस से शांतिपूर्ण तरीके से बैरिकेड और ट्रक हटाने का आह्वान किया। किसानों की बात सुनने के बाद डीएसपी बराड़ा रजनीश कुमार व अन्य पुलिस अधिकारियों ने बातचीत की। पहले किसानों ने पुलिस को 10 मिनट का समय दिया और उसके बाद फिर करीब 10 मिनट तक किसानों और पुलिस के बीच बातचीत चली। मगर, अंत तक जब बात नहीं बनी तो किसानों बैरिकेड तोड़ दिए।
धान खरीद की घोषणा के तुरंत बाद धरने से उठे किसान मनाया जश्न
सरकार की ओर से एलान किया गया कि 3 अक्तूबर से धान की खरीद शुरू हो जाएगी। जैसे ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बयान जारी किया उसके तुरंत बाद ही किसानों ने धरना खत्म कर दिया। इस दौरान किसानों ने कहा कि अगर सरकार इसके बाद अपने बयान से पलटती है तो किसान कोई बड़ा निर्णय लेने से परहेज नहीं होगा।
विधायक शैली चौधरी ने किसानों के बीच बैठकर सुनी उनकी समस्या
नारायणगढ़। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले मार्केट कमेटी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाकियू के खंड प्रधान फकीर चंद की अगुवाई में किसानों ने मंडी में रोष मार्च निकालते हुए जमकर नारेबाजी की, बाद में मार्केट कमेटी कार्यालय के परिसर में धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि सरकार को धान की खरीद तुरंत प्रभाव से लागू कर देनी चाहिए क्योंकि किसानों का धान पककर तैयार हो चुका है और मौसम है कि आये दिन डरा रहा है। कभी कभार होने वाली बारिश से धान की पकी फसल के खराब होने की भी आशंका है। धरनारत किसानों के बीच हलका विधायक शैली चौधरी भी पहुंची और उन्होंने किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुना।

शुक्रवार को बराड़ा में फूटा था किसानों का गुस्सा, 217 पर हुआ था केस दर्ज
एक दिन पहले यानी शुक्रवार को ही बराड़ा में भाजपा के त्रिदेव कार्यक्रम से पहले ही किसानों व पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। भड़के किसानों ने जहां हाईवे जाम कर दिया था वहीं पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेकर उन्हें खदेड़ना पड़ा था। इस बीच एक किसान भी चोटिल हो गया था। पुलिस ने देररात करीब 217 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया था।

Farmer's mercury rises, barricades cut ruckus

Farmer's mercury rises, barricades cut ruckus- फोटो : Ambala

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