अंबाला सिटी। दिल्ली कूच कर रहे किसानों को पुलिस न तो हरियाणा-पंजाब के शंभू बार्डर पर रोक पाई और न ही सद्दोपुर बार्डर पर उनके कदमों को रोकने में सफल हुई। वीरवार सुबह 6 बजे से ही पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए गाड़ियां तैनात की थी। सैकड़ों की संख्या में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा तीन लेयर की बैरिकेडिंग भी की गई थी। 10 बजे शंभू बार्डर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने किसानों के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का प्रयोग किया लेकिन किसान नहीं रुके। आंदोलन के चलते करीब 10 घंटे नेशनल हाईवे जाम रहा। 3 माह से चल रहे किसान आंदोलन में पहली बार पंजाब की ओर से हरियाणा में प्रवेश करने में किसान कामयाब रहे।
इसी तरह दोपहर करीब 1 बजे सद्दोपुर बार्डर पर पहुंचे आक्रोशित किसानों ने बैरिकेड के साथ-साथ बड़े-बड़े पत्थरों को उठाकर साइड में फेंक दिया। यहां भी पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों से किसानों को रोकने के प्रयास किए लेकिन शंभू बॉर्डर की तरह किसानों के बुलंद हौसलों के आगे पुलिस की कार्रवाई नहीं टिक पाई। शंभू बॉर्डर पर लगाए गए बैरिकेड को किसानों ने घग्गर नदी में फेंक दिया। डीसी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए थे लेकिन किसानों की भारी संख्या के चलते उन्हें पुलिस नहीं रोक पाई।

farmer Going to Delhi Againist krishi law- फोटो : Ambala

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