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Ambala Crime News: फर्जी कागजात पर 4 साल से जॉब कर रहे 8 कर्मचारी, अब पदोन्नति भी हो गई

Fri, 18 Sep 2020 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 18 Sep 2020 01:37 AM IST
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Ambala Crime News 8 government employees working on fake documents for 4 years, now promoted in haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
अंबाला। फर्जी हस्ताक्षर और बिना एसीआर (वार्षिक आंकलन रिपोर्ट) रिपोर्ट के चपरासी से क्लर्क पदोन्नति पाने वाले 8 कर्मचारियों पर चार साल बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई तो दूर विजिलेंस जांच और सीएम विंडो रिपोर्ट पेंडिंग होने के बावजूद इनमें से एक महिला कर्मी को दूसरी पदोन्नति दे दी गई। पदोन्नति से पहले महिला कर्मी ने शपथ पत्र भी दिया कि उसकी न तो कोई विजिलेंस रिपोर्ट पेंडिंग है न ही कोई न्यायिक व अन्य जांच।
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इसी शपथ पत्र के आधार पर महिला कर्मी को क्लर्क से अकाउंटेंट नियुक्त कर दिया गया। जब दस्तावेजों की जांच हुई तो पता चला कि महिला कर्मी के खिलाफ एक विजिलेंस जांच और सीएमओ विंडो रिपोर्ट लंबित है। इसी आधार पर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त ने क्लर्क से पदोन्नति हुई अकाउंट के खिलाफ झूठा शपथ पत्र देने, सच छिपाने के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव अर्बन लोकल बॉडी और डायरेक्टर अर्बन लोकल बॉडी को पत्र लिख दिया। आयुक्त के पत्र के 5 माह बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच महिला कर्मचारी ने मनचाहे स्टेशन पर फिर से अपना ट्रांसफर करवा लिया।
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क्या लिखा है अतिरिक्त आयुक्त ने रिपोर्ट में?
अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार अर्बन लोक बॉडी और निदेशक अर्बन लोकल बॉडी को कार्रवाई के लिए लिखे पत्र में अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम ने लिखा है कि पदोन्नति के क्लाज नंबर 5 के तहत स्थापना शाखा से पूछा गया था कि क्या महिला कर्मी जोकि क्लर्क हैं के ऊपर अंडर रूल 7/8 के तहत कोई अनुशानात्मक कार्रवाई, विजिलेंज जांच पेंडिंग तो नहीं है। महिला कर्मी ने 4 दिसंबर 2019 को सर्टिफिकेट देकर कहा कि ऐसी कोई जांच लंबित नहीं है। लेकिन सीएम विंडो शिकायत संख्या 053247 आफ 2018 कर्मजीत सिंह और एक विजिलेंस जांच अभी महिला कर्मी व 7 अन्य क्लर्क के खिलाफ लंबित है। अतिरिक्त आयुक्त ने रिपोर्ट में यह भी साफ किया है कि इसके लिए वर्ष 2018 में 20 सितंबर 2018 को ज्वाइंट कमिश्नर की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था जिसकी 7 दिन में रिपोर्ट देनी थी लेकिन इस कमेटी ने रिपोर्ट जमा नहीं करवाई।
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जानिए क्या था 2016 का पूरा मामला?
बिना वार्षिक आंकलन रिपोर्ट (एसीआर) के आठ चपरासी को नगर निगम अंबाला में प्रमोट कर क्लर्क बना दिया गया था। इनमें से एक- दो कर्मचारियों की ही आधी-अधूरी एसीआर बनी थी। लेकिन प्रमोशन के लिए सभी ने अपनी एसीआर पर ईओ के फर्जी हस्ताक्षर खुद ही कर दिए। अधिकारी के इन फर्जी हस्ताक्षरों पर सभी चपरासियों को नगर निगम अंबाला में पदोन्नत कर दिया गया। है


ऐसी खुली थी पूरे मामले की पोल
दो साल तक मामला दबा रहा। निगम में ही कार्यरत सफाई दरोगा विकास कुमार ने मामले की पोल खोली थी। 13 जनवरी 2018 को विकास कुमार ने स्थापना शाखा में कार्यरत सुरेंद्र कुमार व अन्य के खिलाफ लिखित रूप से आयुक्त नगर निगम, डीसी और डायरेक्टर अर्बन लोकल बॉडी को शिकायत कर मामले की जांच की गुहार लगाई थी। पूरे मामले की जांच के लिए चीफ इंजीनियर कम चीफ विजिलेंस अधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर सितंबर 2018 में जांच करने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों का अनुपालन करते हुए तत्कालीन आयुक्त नगर निगम ने इस मामले में ज्वाइंट कमिश्नर सतेंद्र दूहन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई लेकिन इस कमेटी ने रिपोर्ट जमा नहीं करवाई।
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