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चार्जशीट पड़ताल में पर्दाफाश: समय सीमा के 2 घंटे बाद तक चली एचएसएससी स्टेनो भर्ती परीक्षा
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हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की 192 पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा निर्धारित समय बीत जाने के बाद दो घंटे तक चलती रही। परीक्षा का समय 2 से 3 बजे निर्धारित किया गया था लेकिन अंबाला में कल्पना चावला राजकीय पॉलिटेक्निक में यह परीक्षा 4 बजकर 50 मिनट तक चलती रही। इसके बारे में न तो हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन को कोई सूचना दी गई न ही अधिकारियों से इसके लिए कोई अनुमति लेना लाजमी समझा गया। इसी भर्ती परीक्षा के आधार पर अगस्त-सितंबर 2019 में इन पदों पर नियुक्तियां भी कर दी गई।
दुर्व्यवहार मामले में कर्मी को जारी चार्ज शीट ने खोले राज
यह परीक्षा प्रदेश भर में 10 सेंटरों पर 6 से 10 फरवरी 2019 को हुई थी। 7 फरवरी को इन 10 सेंटरों पर 1718 आवेदनकर्ताओं ने परीक्षा देनी थी। इसके लिए तीन सेंटर अंबाला शहर में बनाए गए थे। इनमें एक सेंटर कल्पना चावला राजकीय बहुतकनीकी संस्थान भी था। इसी दिन इस संस्थान में कार्यरत वर्कशॉप अनुदेशक पिंटू नागल को चार्जशीट किया गया। क्योंकि कर्मचारी ने 4 बजकर 50 मिनट पर जनरेटर बंद कर दिया। चार्जशीट में यह साफ लिखा गया है। जबकि अनुदेशक का कहना है कि उसने जनरेटर 5 बजकर 5 मिनट पर बंद किया।
जांच में ही मिलेगा इन सवालों का जवाब
सवाल यह नहीं कि जनरेटर 4 बजकर 50 मिनट पर बंद हुआ या 5 बजकर 5 मिनट पर। सवाल यह है कि जब परीक्षा का समय ही 3 बजे तक का था तो 4 बजकर 50 मिनट तक पेपर कैसे चल रहा था? इसका जवाब न तो कल्पना चावला की प्रिंसिपल के पास है न ही हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के पास। बिना यूपीएस की सुविधा के कंप्यूटर क्यों चलाए गए? क्या इस बारे में एचएससी को सूचना दी गई? 4 बजकर 50 मिनट के बाद दोबारा पेपर करवाने के लिए क्या सिलेक्शन कमीशन से अनुमति ली गई? नहीं तो फिर परीक्षा दोबारा कैसे कंडक्ट हुई?
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फर्जीवाड़े की आशंका
निर्धारित समय के दो घंटे बाद भी परीक्षा क्यों चलती रही। इस सेंटर में कुल 40 आवेदनकर्ता थे। इन सभी को दो घंटे अतिरिक्त समय क्यों दिया गया? बतौर प्रिंसिपल परीक्षा कंप्यूटर पर चल रही थी। जनरेटर बंद करने के कारण परीक्षार्थियों का सारा डाटा उड़ गया। इसी कारण उन्हें परीक्षा रि-कंडक्ट भी करवानी पड़ी। जोकि करीब 5 बजकर 45 मिनट पर खत्म हुई। यानी जो परीक्षा 3 बजे खत्म होनी थी वह 5 बजकर 45 मिनट पर समाप्त हुई। बड़ी बात यह है कि इसकी सूचना हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन तक को नहीं दी गई। न ही परीक्षा रि-कंडक्ट करवाने के लिए कोई अनुमति ली गई।
जानिए क्या था परीक्षा का शेड्यूल
2015 में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने हिंदी-इंग्लिश दोनों भाषाओं में निपूर्ण स्टेनो भर्ती की परीक्षा का विज्ञप्ति जारी हुई थी। शेड्यूल के अनुसार 2019 में फरवरी में परीक्षाएं हुई। 6 से 9 तक परीक्षा तीन शिफ्ट और 10 को चार शिफ्ट में करवाई गई। पहली शिफ्ट 8 से 10 बजे, दूसरी शिफ्ट साढ़े 10 बजे साढ़े 12 बजे और तीसरी शिफ्ट एक बजे से 3 बजे तक चलनी थी। इसमें 1 मिनट पढऩे का समय, 16 मिनट की टाइपिंग और 3 डिक्टेशन के तय किए गए थे। इस तरह पूरी परीक्षा महज 20 मिनट की होती है। शेष डेढ़ घंटे में पेपर वितरित करना, चेकिंग करना और पेपर एकत्रित करना का निर्धारित किया गया था।
4 बजकर 50 मिनट पर टिंकू नागल ने जनरेटर बंद कर दिया था। इसीलिए डाटा उडऩे के कारण हमें रि-कंडक्ट करवानी पड़ी। जहां तक 3 बजे तक की परीक्षा 4 बजकर 50 मिनट तक क्यों चल रही थी यह तो अब रिकार्ड देखने के बाद ही पता चल सकेगा। एकदम तो यह नहीं बताया जा सकता। कोई कारण जरूर रहा होगा।
बिंदू आनंद, प्रिंसिपल कल्पना चावला राजकीय आईटीआई।
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पूरे मामले में दस्तावेज जांच के बाद ही यह बताया जा सकेगा कि 4 बजकर 50 मिनट तक परीक्षा कैसे चल रही थी जब समय ही 3 बजे तक का निर्धारित किया गया था। एचएससी से इसके लिए कोई अनुमति ली गई या नहीं यह भी जांच के बाद ही तय हो सकेगा।
भारत भूषण, चेयरमैन हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन।
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दुर्व्यवहार मामले में कर्मी को जारी चार्ज शीट ने खोले राज
यह परीक्षा प्रदेश भर में 10 सेंटरों पर 6 से 10 फरवरी 2019 को हुई थी। 7 फरवरी को इन 10 सेंटरों पर 1718 आवेदनकर्ताओं ने परीक्षा देनी थी। इसके लिए तीन सेंटर अंबाला शहर में बनाए गए थे। इनमें एक सेंटर कल्पना चावला राजकीय बहुतकनीकी संस्थान भी था। इसी दिन इस संस्थान में कार्यरत वर्कशॉप अनुदेशक पिंटू नागल को चार्जशीट किया गया। क्योंकि कर्मचारी ने 4 बजकर 50 मिनट पर जनरेटर बंद कर दिया। चार्जशीट में यह साफ लिखा गया है। जबकि अनुदेशक का कहना है कि उसने जनरेटर 5 बजकर 5 मिनट पर बंद किया।
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जांच में ही मिलेगा इन सवालों का जवाब
सवाल यह नहीं कि जनरेटर 4 बजकर 50 मिनट पर बंद हुआ या 5 बजकर 5 मिनट पर। सवाल यह है कि जब परीक्षा का समय ही 3 बजे तक का था तो 4 बजकर 50 मिनट तक पेपर कैसे चल रहा था? इसका जवाब न तो कल्पना चावला की प्रिंसिपल के पास है न ही हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के पास। बिना यूपीएस की सुविधा के कंप्यूटर क्यों चलाए गए? क्या इस बारे में एचएससी को सूचना दी गई? 4 बजकर 50 मिनट के बाद दोबारा पेपर करवाने के लिए क्या सिलेक्शन कमीशन से अनुमति ली गई? नहीं तो फिर परीक्षा दोबारा कैसे कंडक्ट हुई?
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फर्जीवाड़े की आशंका
निर्धारित समय के दो घंटे बाद भी परीक्षा क्यों चलती रही। इस सेंटर में कुल 40 आवेदनकर्ता थे। इन सभी को दो घंटे अतिरिक्त समय क्यों दिया गया? बतौर प्रिंसिपल परीक्षा कंप्यूटर पर चल रही थी। जनरेटर बंद करने के कारण परीक्षार्थियों का सारा डाटा उड़ गया। इसी कारण उन्हें परीक्षा रि-कंडक्ट भी करवानी पड़ी। जोकि करीब 5 बजकर 45 मिनट पर खत्म हुई। यानी जो परीक्षा 3 बजे खत्म होनी थी वह 5 बजकर 45 मिनट पर समाप्त हुई। बड़ी बात यह है कि इसकी सूचना हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन तक को नहीं दी गई। न ही परीक्षा रि-कंडक्ट करवाने के लिए कोई अनुमति ली गई।
जानिए क्या था परीक्षा का शेड्यूल
2015 में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने हिंदी-इंग्लिश दोनों भाषाओं में निपूर्ण स्टेनो भर्ती की परीक्षा का विज्ञप्ति जारी हुई थी। शेड्यूल के अनुसार 2019 में फरवरी में परीक्षाएं हुई। 6 से 9 तक परीक्षा तीन शिफ्ट और 10 को चार शिफ्ट में करवाई गई। पहली शिफ्ट 8 से 10 बजे, दूसरी शिफ्ट साढ़े 10 बजे साढ़े 12 बजे और तीसरी शिफ्ट एक बजे से 3 बजे तक चलनी थी। इसमें 1 मिनट पढऩे का समय, 16 मिनट की टाइपिंग और 3 डिक्टेशन के तय किए गए थे। इस तरह पूरी परीक्षा महज 20 मिनट की होती है। शेष डेढ़ घंटे में पेपर वितरित करना, चेकिंग करना और पेपर एकत्रित करना का निर्धारित किया गया था।
4 बजकर 50 मिनट पर टिंकू नागल ने जनरेटर बंद कर दिया था। इसीलिए डाटा उडऩे के कारण हमें रि-कंडक्ट करवानी पड़ी। जहां तक 3 बजे तक की परीक्षा 4 बजकर 50 मिनट तक क्यों चल रही थी यह तो अब रिकार्ड देखने के बाद ही पता चल सकेगा। एकदम तो यह नहीं बताया जा सकता। कोई कारण जरूर रहा होगा।
बिंदू आनंद, प्रिंसिपल कल्पना चावला राजकीय आईटीआई।
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पूरे मामले में दस्तावेज जांच के बाद ही यह बताया जा सकेगा कि 4 बजकर 50 मिनट तक परीक्षा कैसे चल रही थी जब समय ही 3 बजे तक का निर्धारित किया गया था। एचएससी से इसके लिए कोई अनुमति ली गई या नहीं यह भी जांच के बाद ही तय हो सकेगा।
भारत भूषण, चेयरमैन हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन।