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सूखी फसल लाने के बाद भी लगाई जा रही है काट
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जिले भर की मंडियों में बुधवार को धान की खरीद हुई। वहीं किसानों का कहना है कि उनकी फसल सूखी होने के बाद भी काट लगाई जा रही है। इस कारण किसानों को अधिक नुकसान हो रहा है। एक तो पहले ही बारिश के कारण खेतों में फसल खराब हो चुकी है और अब यहां मंडी में नमी के नाम पर काट लगाई जा रही है। जो कि पूरी तरह से गलत है।
किसानों ने इस समस्या के समाधान की मांग की है। वहीं, अभी तक जिले भर की मंडियों से कुल 3 लाख 63 हजार 259 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें बुधवार को खरीदी गई 18 हजार 214 मीट्रिक टन धान भी शामिल है। इसमें से 2 लाख 97 हजार 82 मीट्रिक टन धान का उठान विभाग की ओर से किया जा चुका है।
विभाग के अनुसार बुधवार को अंबाला कैंट मंडी से 972 मीट्रिक टन, अंबाला सिटी से 1 हजार 950 मीट्रिक टन, नन्यौला से 0 मीट्रिक टन, साहा से 2 हजार 662 मीट्रिक टन, मुलाना से 900 मीट्रिक टन, बराड़ा 3 हजार 397 मीट्रिक टन, तलहेड़ी से 2 हजार 255 मीट्रिक टन, केसरी से 246 मीट्रिक टन, सरदेहड़ी से 640 मीट्रिक टन, उगाला से 425 मीट्रिक टन, भरेंड़ी कलां से 335 मीट्रिक टन, नारायणगढ़ से 2 हजार 250 मीट्रिक टन, शहजादपुर से 1732 मीट्रिक टन और कराड़न से 450 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
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यह बोले किसान
फसल पूरी तरह से सूख चुकी थी। इसके बाद भी हमारी फसल में काट लगाई गई है। यह सरासर गलत है। यह कार्य आढ़ती व मुनिम के सामने हुआ है। हम किसानों को पहले बारिश के कारण खेतों में नुकसान हुआ और अब मंडी में नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- बलजीत सिंह, किसान।
हमारी फसल में भी नमी के नाम पर काट लगा दी, जबकि हमारी फसल पूरी तरह से सूखी हुई थी। इसके बाद भी काट लगाना कहां तक जायज है। हम किसानों तो इस सरकार ने जगह से मार रखा है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और काम करना चाहिए।
- नायब सिंह, किसान।
यह संभव नहीं है कि काट लग रही है। क्योंकि इस बार वैसे ही मंडी में धान कम है तो इस समय काट लगाई ही नहीं जा सकती है।
-अपार तिवारी, डीएफएससी, अंबाला।
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किसानों ने इस समस्या के समाधान की मांग की है। वहीं, अभी तक जिले भर की मंडियों से कुल 3 लाख 63 हजार 259 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें बुधवार को खरीदी गई 18 हजार 214 मीट्रिक टन धान भी शामिल है। इसमें से 2 लाख 97 हजार 82 मीट्रिक टन धान का उठान विभाग की ओर से किया जा चुका है।
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विभाग के अनुसार बुधवार को अंबाला कैंट मंडी से 972 मीट्रिक टन, अंबाला सिटी से 1 हजार 950 मीट्रिक टन, नन्यौला से 0 मीट्रिक टन, साहा से 2 हजार 662 मीट्रिक टन, मुलाना से 900 मीट्रिक टन, बराड़ा 3 हजार 397 मीट्रिक टन, तलहेड़ी से 2 हजार 255 मीट्रिक टन, केसरी से 246 मीट्रिक टन, सरदेहड़ी से 640 मीट्रिक टन, उगाला से 425 मीट्रिक टन, भरेंड़ी कलां से 335 मीट्रिक टन, नारायणगढ़ से 2 हजार 250 मीट्रिक टन, शहजादपुर से 1732 मीट्रिक टन और कराड़न से 450 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
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यह बोले किसान
फसल पूरी तरह से सूख चुकी थी। इसके बाद भी हमारी फसल में काट लगाई गई है। यह सरासर गलत है। यह कार्य आढ़ती व मुनिम के सामने हुआ है। हम किसानों को पहले बारिश के कारण खेतों में नुकसान हुआ और अब मंडी में नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- बलजीत सिंह, किसान।
हमारी फसल में भी नमी के नाम पर काट लगा दी, जबकि हमारी फसल पूरी तरह से सूखी हुई थी। इसके बाद भी काट लगाना कहां तक जायज है। हम किसानों तो इस सरकार ने जगह से मार रखा है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और काम करना चाहिए।
- नायब सिंह, किसान।
यह संभव नहीं है कि काट लग रही है। क्योंकि इस बार वैसे ही मंडी में धान कम है तो इस समय काट लगाई ही नहीं जा सकती है।
-अपार तिवारी, डीएफएससी, अंबाला।

शहर की अनाज मंडी का दृश्य।- फोटो : Ambala