{"_id":"665f7eb3f4d1eb29c6036077","slug":"even-a-cm-and-two-ministers-could-not-cross-the-bjps-path-ambala-news-c-36-1-amb1002-124077-2024-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: एक सीएम और दो मंत्री भी नहीं लगा पाए भाजपा की नैया पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: एक सीएम और दो मंत्री भी नहीं लगा पाए भाजपा की नैया पार
विज्ञापन
सीएम और परिवहन मंत्री के बूथ पर ही अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी भाजपा
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। अंबाला लोकसभा सीट पर कांग्रेस को मिले जनाधार ने भाजपा को चौका दिया है। अंबाला लोकसभा में कुल नौ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जहां सीएम नायब सिंह सैनी, परिवहन राज्य मंत्री असीम गोयल, मंत्री कंवरपाल गुर्जर, पूर्व गृहमंत्री अनिल विज की साख दांव पर लगी थी।
इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों को मिले वोटों का आकलन किया जाए तो कांग्रेस ने सिर्फ अपने ही चुनावी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि भाजपा के क्षेत्रों में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन कर हैरान कर दिया। सभी विधानसभाओं में कांग्रेस को साढौरा विधानसभा में सबसे अधिक मत मिले। यही क्षेत्र वरुण के लिए जीत का प्रमुख केंद्र बन गया, क्योंकि यहां 40 हजार से अधिक बढ़त अकेली एक विधानसभा से मिली। इन चार विधानसभाओं में भाजपा को बढ़त मिली उसमें कुल 61 से अधिक मतों की बढ़त थी जब कि कांग्रेस को जिन पांच विस क्षेत्रों में बढ़त मिली वहां भाजपा की तुलना में कांग्रेस ने 1.10 लाख अतिरिक्त मत हासिल किए।
चार सीटों पर भाजपा को मिला था फायदा
भाजपा से विधायक घनश्यामदास अरोड़ा की विधानसभा यमुनानगर में भाजपा प्रत्याशी को फायदा हुआ है। यहां पर भाजपा ने कांग्रेस को पछाड़ते हुए 24675 मतों से लीड ली। इसी प्रकार पंचकूला विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता का क्षेत्र है। यहां पर भी भाजपा को 22921 मतों से बढ़त मिली। कालका से भी भाजपा प्रत्याशी ने लीड बनाई है। यहां पर कांग्रेस की तुलना में भाजपा को 10845 मत अधिक मिले। वहीं, छावनी पूर्व गृहमंत्री अनिल विज का गढ़ रही है। यहां पर भाजपा को 2977 मतों की बढ़त मिली।
विज्ञापन
इन सीटों पर हुआ भाजपा को नुकसान
नारायणगढ़ सीएम नायब सिंह सैनी का क्षेत्र है। यहां कांग्रेस से शैली चौधरी विधायक हैं। यहां पर भाजपा की तुलना में कांग्रेस ने 20906 मतों से लीड ली है। अंबाला सिटी विधानसभा क्षेत्र से असीम गोयल विधायक हैं। बंतो कटारिया के साथ कई स्थानों प्रमुखता से वे प्रचार करते भी नजर आए। यहां पर भाजपा को 5699 मतों से हार मिली है। इसी प्रकार मुलाना विधानसभा से खुद वरुण चौधरी विधायक हैं। मगर यह क्षेत्र भाजपा के प्रभुत्व वाला भी रहा है ऐसे में यहां कड़ी टक्कर के कयास लगाए जा रहे थे। मगर जब चुनाव परिणाम आए तो इस विधानसभा ने चौका दिया। यहां पर 28118 मतों से कांग्रेस भाजपा पर बढ़त बनाई। वहीं सबसे अधिक चौकाने का काम साढौरा विधानसभा ने किया। यहां पर अंबाला लोकसभा सीट की सभी नौ विधानसभाओं में से सबसे अधिक मत कांग्रेस को यहां से दिलाए। यहां पर कांग्रेस को 40055 मतों से बढ़त मिली। वहीं मंत्री कंवरपाल गुर्जर के चुनावी क्षेत्र जगाधरी से भी भाजपा को 15446 मतों से हार मिली।
प्रधानमंत्री की रैली नहीं आई बंतो के काम
लोकसभा चुनावों में आमने-सामने रहे कांग्रेस प्रत्याशी वरुण मुलाना व भाजपा प्रत्याशी बंतो कटारिया ने जीत के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। हालांकि बंतो कटारिया के प्रचार के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंबाला पहुंचे थे और विजय संकल्प रैली में हिस्सा बने थे। इस रैली में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अलावा कई बड़े नेता शामिल थे लेकिन यह रैली किसी काम नहीं आ सकी। उधर, वरुण मुलाना के प्रचार के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आए थे। इसके अलावा वरुण ने सबसे पहले कांग्रेस के बीच चल रही गुटबाजी को नजरअंदाज कर सभी को एकजुट किया और संग लेकर प्रचार किया। यही एकजुटता वरुण के लिए जीत बन गई।
मंत्री असीम गोयल के गांव में हारी भाजपा
राज्यमंत्री असीम गोयल के पैतृक गांव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां पर 232 से लेकर 235 तक चार बूथ बनाए गए थे। इनमें वरुण चौधरी को कुल 1556 मत मिले जबकि बंतो कटारिया को 855 मत ही मिले। वरुण चौधरी ने 701 मतों से जीत हासिल कि है। नन्यौला में कुल मतदाता 3532 थे, जिनमें से 2526 ने मतदान किया था, लेकिन इनमें से 1556 मत वरुण चौधरी को मिले।
सीएम के बूथ पर भी पिछड़ गई भाजपा
अंबाला लोकसभा की नारायणगढ़ विधानसभा में सीएम नायब सिंह सैनी के गांव में भी कांग्रेस प्रत्याशी को अधिक वोट मिले हैं। सीएम के पैतृक गांव मिर्जापुर माजरा का बूथ नंबर 122 में मतदान केंद्र बनाया गया था। इस बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी वरुण चौधरी को 450 वोट मिले हैं तो भाजपा प्रत्याशी बंतो कटारिया को 364 मतों से संतोष करना पड़ा। गौरतलब है कि गांव में सैनी और एससी समाज के लाेगों के वोट सर्वाधिक हैं।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। अंबाला लोकसभा सीट पर कांग्रेस को मिले जनाधार ने भाजपा को चौका दिया है। अंबाला लोकसभा में कुल नौ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जहां सीएम नायब सिंह सैनी, परिवहन राज्य मंत्री असीम गोयल, मंत्री कंवरपाल गुर्जर, पूर्व गृहमंत्री अनिल विज की साख दांव पर लगी थी।
इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों को मिले वोटों का आकलन किया जाए तो कांग्रेस ने सिर्फ अपने ही चुनावी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि भाजपा के क्षेत्रों में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन कर हैरान कर दिया। सभी विधानसभाओं में कांग्रेस को साढौरा विधानसभा में सबसे अधिक मत मिले। यही क्षेत्र वरुण के लिए जीत का प्रमुख केंद्र बन गया, क्योंकि यहां 40 हजार से अधिक बढ़त अकेली एक विधानसभा से मिली। इन चार विधानसभाओं में भाजपा को बढ़त मिली उसमें कुल 61 से अधिक मतों की बढ़त थी जब कि कांग्रेस को जिन पांच विस क्षेत्रों में बढ़त मिली वहां भाजपा की तुलना में कांग्रेस ने 1.10 लाख अतिरिक्त मत हासिल किए।
विज्ञापन
चार सीटों पर भाजपा को मिला था फायदा
भाजपा से विधायक घनश्यामदास अरोड़ा की विधानसभा यमुनानगर में भाजपा प्रत्याशी को फायदा हुआ है। यहां पर भाजपा ने कांग्रेस को पछाड़ते हुए 24675 मतों से लीड ली। इसी प्रकार पंचकूला विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता का क्षेत्र है। यहां पर भी भाजपा को 22921 मतों से बढ़त मिली। कालका से भी भाजपा प्रत्याशी ने लीड बनाई है। यहां पर कांग्रेस की तुलना में भाजपा को 10845 मत अधिक मिले। वहीं, छावनी पूर्व गृहमंत्री अनिल विज का गढ़ रही है। यहां पर भाजपा को 2977 मतों की बढ़त मिली।
विज्ञापन
इन सीटों पर हुआ भाजपा को नुकसान
नारायणगढ़ सीएम नायब सिंह सैनी का क्षेत्र है। यहां कांग्रेस से शैली चौधरी विधायक हैं। यहां पर भाजपा की तुलना में कांग्रेस ने 20906 मतों से लीड ली है। अंबाला सिटी विधानसभा क्षेत्र से असीम गोयल विधायक हैं। बंतो कटारिया के साथ कई स्थानों प्रमुखता से वे प्रचार करते भी नजर आए। यहां पर भाजपा को 5699 मतों से हार मिली है। इसी प्रकार मुलाना विधानसभा से खुद वरुण चौधरी विधायक हैं। मगर यह क्षेत्र भाजपा के प्रभुत्व वाला भी रहा है ऐसे में यहां कड़ी टक्कर के कयास लगाए जा रहे थे। मगर जब चुनाव परिणाम आए तो इस विधानसभा ने चौका दिया। यहां पर 28118 मतों से कांग्रेस भाजपा पर बढ़त बनाई। वहीं सबसे अधिक चौकाने का काम साढौरा विधानसभा ने किया। यहां पर अंबाला लोकसभा सीट की सभी नौ विधानसभाओं में से सबसे अधिक मत कांग्रेस को यहां से दिलाए। यहां पर कांग्रेस को 40055 मतों से बढ़त मिली। वहीं मंत्री कंवरपाल गुर्जर के चुनावी क्षेत्र जगाधरी से भी भाजपा को 15446 मतों से हार मिली।
प्रधानमंत्री की रैली नहीं आई बंतो के काम
लोकसभा चुनावों में आमने-सामने रहे कांग्रेस प्रत्याशी वरुण मुलाना व भाजपा प्रत्याशी बंतो कटारिया ने जीत के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। हालांकि बंतो कटारिया के प्रचार के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंबाला पहुंचे थे और विजय संकल्प रैली में हिस्सा बने थे। इस रैली में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अलावा कई बड़े नेता शामिल थे लेकिन यह रैली किसी काम नहीं आ सकी। उधर, वरुण मुलाना के प्रचार के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आए थे। इसके अलावा वरुण ने सबसे पहले कांग्रेस के बीच चल रही गुटबाजी को नजरअंदाज कर सभी को एकजुट किया और संग लेकर प्रचार किया। यही एकजुटता वरुण के लिए जीत बन गई।
मंत्री असीम गोयल के गांव में हारी भाजपा
राज्यमंत्री असीम गोयल के पैतृक गांव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां पर 232 से लेकर 235 तक चार बूथ बनाए गए थे। इनमें वरुण चौधरी को कुल 1556 मत मिले जबकि बंतो कटारिया को 855 मत ही मिले। वरुण चौधरी ने 701 मतों से जीत हासिल कि है। नन्यौला में कुल मतदाता 3532 थे, जिनमें से 2526 ने मतदान किया था, लेकिन इनमें से 1556 मत वरुण चौधरी को मिले।
सीएम के बूथ पर भी पिछड़ गई भाजपा
अंबाला लोकसभा की नारायणगढ़ विधानसभा में सीएम नायब सिंह सैनी के गांव में भी कांग्रेस प्रत्याशी को अधिक वोट मिले हैं। सीएम के पैतृक गांव मिर्जापुर माजरा का बूथ नंबर 122 में मतदान केंद्र बनाया गया था। इस बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी वरुण चौधरी को 450 वोट मिले हैं तो भाजपा प्रत्याशी बंतो कटारिया को 364 मतों से संतोष करना पड़ा। गौरतलब है कि गांव में सैनी और एससी समाज के लाेगों के वोट सर्वाधिक हैं।