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अवार्ड लिस्ट की प्रिंटिंग के साथ जीमेल के स्पेस में फंसी कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय की परीक्षाएं
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अंबाला। कोरोना के बीच चल रही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की परीक्षाएं विद्यार्थियों के साथ अब कालेजों के लिए आफत बन गई हैं। कालेज और केयू की आपसी खींचतान में विद्यार्थियों के कैरियर के खराब होने का खतरा बन गया है। क्योंकि अक्टूबर मध्य तक चलने वाली कुवि की परीक्षाओं के तीसरे दिन ही प्रदेशभर के लगभग सभी कालेजों की जीमेल आईडी जिसका स्पेस 15 जीबी होता है वह फुल हो गया है। ऐसे में अब विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की पीडीएफ फाइल इन जीमेल पर भेजते हैं तो वह रिसीव नहीं होंगी। इसी तरह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए अवार्ड लिस्ट का फार्मेट बनाकर प्रदेश भर के कालेजों को भेजकर अवार्ड लिस्ट निजी स्तर पर प्रिंट करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं लेकिन इन अवार्ड लिस्ट की प्रिंटिंग किस खाते से करवाई जाए यह स्पष्ट नहीं किया। प्रदेश के प्रत्येक कॉलेज को औसतन रोजाना 3 से 4 हजार अवार्ड लिस्ट प्रिंट करवानी हैं। ऐसे में एक महीने में जो खर्च होगा वह कौन वहन करेगा?
कुवि का दावा जारी की गई है अलग आईडी
वहीं कुरुक्षेत्र विवि. ने स्पष्ट किया है कि कुवि ने प्रत्येक कॉलेज की अलग से ईमेल आईडी बनाई है यदि कालेज स्पेस नहीं खरीदना चाहता तो इस ईमेल आईडी पर मेल फारवर्ड करवा दें। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अभी तक कुवि द्वारा तैयार प्रत्येक कालेज की आईडी का न तो किसी को डोमिन नेम दिया गया न ही पासवर्ड बताया गया।
परीक्षाओं के बीच में कैसे बदलें ईमेल आईडी
परीक्षाओं से पहले कुवि ने पूर्व और प्राइवेट विद्यार्थियों के रोल नंबर पर ईमेल आईडी प्रिंट करवा दी थी जिस पर उन्हें अपनी उत्तर-पुस्तिकाएं भेजनी हैं। इसी तरह कालेज के वर्तमान नियमित और रि-अपीयर विद्यार्थियों को कालेज बता चुके हैं कि उन्हें किस आईडी पर उत्तर पुस्तिका भेजनी है। यदि कुरुक्षेत्र विवि ने अब प्रत्येक कॉलेज की अलग से ईमेल आईडी बना भी दी है तो हजारों विद्यार्थियों तक अलग-अलग ईमेल आईडी का मैसेज कैसे पहुंचाया जाए?
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कुवि ने जारी किया लेटर खरीदें जीमेल स्पेस
दूसरी और कुवि ने शनिवार को लेटर जारी कर सभी कालेजों को जीमेल पर 100 जीबी स्पेस खरीदने के आदेश भी जारी कर दिए। लेकिन यह नहीं बताया गया कि यह स्पेस किस खाते से खरीदा जाए। बता दें कि जीमेल पर एक साल के लिए 100 जीबी स्पेस 1500 रुपये प्रति आईडी तय किया गया है। एक साल से ज्यादा समय पर रेट दोगुना हो जाएगा। इस तरह कालेजों ने 10 से 15 आईडी बनाई हैं ऐसे में खर्चा कौन उठाएगा?
नहीं खरीदना चाहते तो रिकार्ड खुद बनाएं
कुवि ने जारी लेटर में यह भी कहा है कि यदि स्पेस नहीं खरीद सकते तो विद्यार्थियों द्वारा आई मेल को कंप्यूटर में तारीख और समय अनुसार सेव करें लेकिन एक-एक विद्यार्थी ने एक ही पेपर की पीडीएफ फाइल एक ही दिन में चार-चार भेजी हैं ऐसे में कालेजों को यह भी समझ नहीं आ रहा कि कौन सी पीडीएफ को सेव करें और किसे छोड़ें।
अवॉर्ड लिस्ट के पैसे की बात है तो कालेज डिमांड करेंगे तभी बताया जाएगा कि पैसा कहां से आएगा। अभी तक किसी भी कालेज ने कोई डिमांड नहीं की। जीमेल स्पेस फुल होने की बात है तो कालेज गलत बताकर गुमराह कर रहे हैं। यदि स्पेस नहीं खरीदना चाहते तो हमने अपनी मेल आईडी बनाई है उस पर पीडीएफ फाइल क्यों नहीं डलवाई जा रही?
-डॉ. हुक्म सिंह, परीक्षा शाखा नियंत्रक, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय
रोजाना हमारे कॉलेज में कम से कम 3 हजार अवार्ड लिस्ट प्रिंट होंगी इसका पैसे कौन देगा। मैं तो इस बारे में दो बार पत्र लिखकर विरोध कर चुका हैं। अब नई समस्या आ गई है जीमेल का स्पेस। स्पेस फुल हो गया है और कुवि ने पत्र जारी कर दिया कि स्पेस खरीद लो लेकिन स्पेस खरीदने के पैसे कहां से आएंगे। कुवि ने जो ईमेल आईडी बनाई हैं उनका अभी तक न तो डोमिन आईडी बताई गई न पासवर्ड और जिन विद्यार्थियों के रोल नंबर पर ईमेल आईडी कुवि ने प्रिंट करके भेजी हैं अब उनकी ईमेल आईडी कैसे बदलवाएं?
-डॉ. राजपाल सिंह, प्रिंसिपल जीएमएन कॉलेज अंबाला।
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कुवि का दावा जारी की गई है अलग आईडी
वहीं कुरुक्षेत्र विवि. ने स्पष्ट किया है कि कुवि ने प्रत्येक कॉलेज की अलग से ईमेल आईडी बनाई है यदि कालेज स्पेस नहीं खरीदना चाहता तो इस ईमेल आईडी पर मेल फारवर्ड करवा दें। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अभी तक कुवि द्वारा तैयार प्रत्येक कालेज की आईडी का न तो किसी को डोमिन नेम दिया गया न ही पासवर्ड बताया गया।
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परीक्षाओं के बीच में कैसे बदलें ईमेल आईडी
परीक्षाओं से पहले कुवि ने पूर्व और प्राइवेट विद्यार्थियों के रोल नंबर पर ईमेल आईडी प्रिंट करवा दी थी जिस पर उन्हें अपनी उत्तर-पुस्तिकाएं भेजनी हैं। इसी तरह कालेज के वर्तमान नियमित और रि-अपीयर विद्यार्थियों को कालेज बता चुके हैं कि उन्हें किस आईडी पर उत्तर पुस्तिका भेजनी है। यदि कुरुक्षेत्र विवि ने अब प्रत्येक कॉलेज की अलग से ईमेल आईडी बना भी दी है तो हजारों विद्यार्थियों तक अलग-अलग ईमेल आईडी का मैसेज कैसे पहुंचाया जाए?
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कुवि ने जारी किया लेटर खरीदें जीमेल स्पेस
दूसरी और कुवि ने शनिवार को लेटर जारी कर सभी कालेजों को जीमेल पर 100 जीबी स्पेस खरीदने के आदेश भी जारी कर दिए। लेकिन यह नहीं बताया गया कि यह स्पेस किस खाते से खरीदा जाए। बता दें कि जीमेल पर एक साल के लिए 100 जीबी स्पेस 1500 रुपये प्रति आईडी तय किया गया है। एक साल से ज्यादा समय पर रेट दोगुना हो जाएगा। इस तरह कालेजों ने 10 से 15 आईडी बनाई हैं ऐसे में खर्चा कौन उठाएगा?
नहीं खरीदना चाहते तो रिकार्ड खुद बनाएं
कुवि ने जारी लेटर में यह भी कहा है कि यदि स्पेस नहीं खरीद सकते तो विद्यार्थियों द्वारा आई मेल को कंप्यूटर में तारीख और समय अनुसार सेव करें लेकिन एक-एक विद्यार्थी ने एक ही पेपर की पीडीएफ फाइल एक ही दिन में चार-चार भेजी हैं ऐसे में कालेजों को यह भी समझ नहीं आ रहा कि कौन सी पीडीएफ को सेव करें और किसे छोड़ें।
अवॉर्ड लिस्ट के पैसे की बात है तो कालेज डिमांड करेंगे तभी बताया जाएगा कि पैसा कहां से आएगा। अभी तक किसी भी कालेज ने कोई डिमांड नहीं की। जीमेल स्पेस फुल होने की बात है तो कालेज गलत बताकर गुमराह कर रहे हैं। यदि स्पेस नहीं खरीदना चाहते तो हमने अपनी मेल आईडी बनाई है उस पर पीडीएफ फाइल क्यों नहीं डलवाई जा रही?
-डॉ. हुक्म सिंह, परीक्षा शाखा नियंत्रक, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय
रोजाना हमारे कॉलेज में कम से कम 3 हजार अवार्ड लिस्ट प्रिंट होंगी इसका पैसे कौन देगा। मैं तो इस बारे में दो बार पत्र लिखकर विरोध कर चुका हैं। अब नई समस्या आ गई है जीमेल का स्पेस। स्पेस फुल हो गया है और कुवि ने पत्र जारी कर दिया कि स्पेस खरीद लो लेकिन स्पेस खरीदने के पैसे कहां से आएंगे। कुवि ने जो ईमेल आईडी बनाई हैं उनका अभी तक न तो डोमिन आईडी बताई गई न पासवर्ड और जिन विद्यार्थियों के रोल नंबर पर ईमेल आईडी कुवि ने प्रिंट करके भेजी हैं अब उनकी ईमेल आईडी कैसे बदलवाएं?
-डॉ. राजपाल सिंह, प्रिंसिपल जीएमएन कॉलेज अंबाला।