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सेमिनार में घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक
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सनातन धर्म कॉलेज में महिला प्रकोष्ठ के द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से अपमान जनक संबंधों की पहचान और घरेलू हिंसा की रोकथाम विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीश डॉ. सुखदा प्रीतम ने विचार रखे।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह, कॉलेज जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवीन गुलाटी और महिला प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो. हिना ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. नवीन गुलाटी ने घरेलू हिंसा से संबंधित मुद्दे पर अपने विचार रखे। प्रो. हिना ने महिला प्रकोष्ठ की उपलब्धियों का विवरण दिया। मुख्यातिथि डॉ. सुखदा प्रीतम ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उस पर चलने पर बल दिया।
प्रथम सत्र की मुख्य वक्ता पटियाला से आई डॉ. रीतु लहल ने कोविड-19 के दौरान घरेलू हिंसा की बड़ी हुई घटनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कई उदाहरण देकर विद्यार्थियों को घरेलू हिंसा के बारे में समझाया। दूसरे सत्र की मुख्य वक्ता अधिवक्ता संजना ने बताया कि घरेलू हिंसा सिर्फ मारपीट ही नहीं है, उन्होंने घरेलू हिंसा की पहचान पर बल दिया और उसके बारे में जागरूक होने की अपील की। तीसरे सत्र की मुख्य वक्ता अधिवक्ता सूक्ष्म अग्रवाल व अन्य ने भी विचार रखते हुए विद्यार्थियों को जागरूक किया।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह, कॉलेज जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवीन गुलाटी और महिला प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो. हिना ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. नवीन गुलाटी ने घरेलू हिंसा से संबंधित मुद्दे पर अपने विचार रखे। प्रो. हिना ने महिला प्रकोष्ठ की उपलब्धियों का विवरण दिया। मुख्यातिथि डॉ. सुखदा प्रीतम ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उस पर चलने पर बल दिया।
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प्रथम सत्र की मुख्य वक्ता पटियाला से आई डॉ. रीतु लहल ने कोविड-19 के दौरान घरेलू हिंसा की बड़ी हुई घटनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कई उदाहरण देकर विद्यार्थियों को घरेलू हिंसा के बारे में समझाया। दूसरे सत्र की मुख्य वक्ता अधिवक्ता संजना ने बताया कि घरेलू हिंसा सिर्फ मारपीट ही नहीं है, उन्होंने घरेलू हिंसा की पहचान पर बल दिया और उसके बारे में जागरूक होने की अपील की। तीसरे सत्र की मुख्य वक्ता अधिवक्ता सूक्ष्म अग्रवाल व अन्य ने भी विचार रखते हुए विद्यार्थियों को जागरूक किया।
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