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Ambala News: निजी खेल नर्सरी में रखे प्रशिक्षक की डीएसओ करेंगे जांच
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अंबाला का जिला खेल अधिकारी कार्यालय
अंबाला। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सत्र 2025-26 की खेल नर्सरियों को शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खेल विभाग के अलावा निजी संस्थानों, पंचायतों व निजी खेल संस्थानों से खेल नर्सरी स्थापित करने के लिए 15 मार्च तक आवेदन मांगे गए है।
इसके आवेदन ऑनलाइन भी मांगे गए है लेकिन खेल विभाग की तरफ से कार्यालय में आने वालों को भी जानकारी दी जा रही है ताकि जल्द से जल्द वह खेल नर्सरी के आवेदन कर सकें। निजी खेल नर्सरी के प्रशिक्षक की नियुक्ति संबंधित द्वारा की जाएगी। जबकि चयनित प्रशिक्षक की योग्यता की जांच जिला खेल अधिकार (डीएसओ) की ओर से की जाएगी। अगर प्रशिक्षक को छुट्टी लेनी तो इसकी जानकारी जिला खेल अधिकारी से लेनी होगी। इसके अलावा प्रशिक्षक मास में एक से अधिक दिन छुट्टी लेने या अनुपस्थित होने पर मानदेय में कटौती की जाएगी। एक माह में दस दिन से अधिक छुट्टी लेने पर उस माह का मानदेय नहीं दिया जाएगा।
आवेदन के बाद खेल विभाग करेगा जांच
निजी संस्थानाओं, पंचायतों आदि द्वारा खेल नर्सरी के लिए किए गए आवेदन के बाद खेल विभाग खुद भी जांच करेगी। जो उन स्कूलों में जाकर वहां की व्यवस्थाओं को जांचेगा कि प्रशिक्षक है कि नहीं। मैदान है या फिर खिलाड़ियों की संख्या पूरी है कि नहीं। दरअसल, हर नर्सरी में न्यूनतम 20 तो अधिकतम 25 खिलाड़ी होंगे। इसके अलावा 10 खिलाड़ियों की अलग से सूची तैयार होगी, अगर कोई खिलाड़ी छोड़कर चला जाता है तो उनमें से खिलाड़ी को मौका दिया जाएगा।
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खिलाड़ी को 22 दिन आने पर मिलेगा मानदेय
प्रत्येक खिलाड़ी के प्रतिमाह कम से कम 22 दिन हाजिर होने पर 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग हेतु 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये प्रति माह की दर से छात्रवृत्ति के रूप में खुराक राशि दी जाएगी। इसके अलावा खेल नर्सरी को चलाने की शर्ताें का उल्लंघन और किसी भी प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर संस्थान का मुखिया स्वयं जिम्मेदार होगा।
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इसके आवेदन ऑनलाइन भी मांगे गए है लेकिन खेल विभाग की तरफ से कार्यालय में आने वालों को भी जानकारी दी जा रही है ताकि जल्द से जल्द वह खेल नर्सरी के आवेदन कर सकें। निजी खेल नर्सरी के प्रशिक्षक की नियुक्ति संबंधित द्वारा की जाएगी। जबकि चयनित प्रशिक्षक की योग्यता की जांच जिला खेल अधिकार (डीएसओ) की ओर से की जाएगी। अगर प्रशिक्षक को छुट्टी लेनी तो इसकी जानकारी जिला खेल अधिकारी से लेनी होगी। इसके अलावा प्रशिक्षक मास में एक से अधिक दिन छुट्टी लेने या अनुपस्थित होने पर मानदेय में कटौती की जाएगी। एक माह में दस दिन से अधिक छुट्टी लेने पर उस माह का मानदेय नहीं दिया जाएगा।
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आवेदन के बाद खेल विभाग करेगा जांच
निजी संस्थानाओं, पंचायतों आदि द्वारा खेल नर्सरी के लिए किए गए आवेदन के बाद खेल विभाग खुद भी जांच करेगी। जो उन स्कूलों में जाकर वहां की व्यवस्थाओं को जांचेगा कि प्रशिक्षक है कि नहीं। मैदान है या फिर खिलाड़ियों की संख्या पूरी है कि नहीं। दरअसल, हर नर्सरी में न्यूनतम 20 तो अधिकतम 25 खिलाड़ी होंगे। इसके अलावा 10 खिलाड़ियों की अलग से सूची तैयार होगी, अगर कोई खिलाड़ी छोड़कर चला जाता है तो उनमें से खिलाड़ी को मौका दिया जाएगा।
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खिलाड़ी को 22 दिन आने पर मिलेगा मानदेय
प्रत्येक खिलाड़ी के प्रतिमाह कम से कम 22 दिन हाजिर होने पर 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग हेतु 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये प्रति माह की दर से छात्रवृत्ति के रूप में खुराक राशि दी जाएगी। इसके अलावा खेल नर्सरी को चलाने की शर्ताें का उल्लंघन और किसी भी प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर संस्थान का मुखिया स्वयं जिम्मेदार होगा।