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एक ऑटो में छह स्टूडेंट बिठा सकेंगे चालक
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
Updated Thu, 28 May 2015 01:17 AM IST
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अंबाला सिटी। बुधवार को पुलिस लाइन में उस वक्त मामला गरमा गया जब दी ऑटो रिक्शा यूनियन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दे डाली। हालांकि बाद में एसीपी सुभाष चंद से हुई मीटिंग के बाद मामला सुलझ गया। मामला आटो में स्कूली विद्यार्थियों की संख्या को लेकर बिगड़ा था।
दरअसल, सड़क सुरक्षा सप्ताह की मीटिंग में पुलिस प्रशासन द्वारा आटो चालको को निर्देश दिए गए थे कि वह अपने आटो मे एक समय में केवल तीन स्कूली बच्चे ही बिठाएं।
इस फैसले के विरोध में दी आटो रिक्शा यूनियन अंबाला उतर आई थी। इसी से आटो यूनियन भड़क गई। आटो यूनियन ने इसी का विरोध किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दे दी।
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यूनियन के प्रधान अशोक बूंदी ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें पहले आदेश दिया था कि आगे की सीटें हटाई जाएं। यूनियन ने वह आदेश मानते हुए आगे की सीटें हटवा दी थी।
लेकिन अब प्रशासन का यह फरमान कि एक आटो में केवल तीन स्कूली बच्चे की बिठाए जाएं, गलत है। आटो चालक गरीब परिवारों से हैं। यदि वह केवल तीन बच्चों को एक समय में लेकर जाएंगे। तो गुजारा चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
मामला सुलझ गया : एसीपी
एसीपी ट्रैफिक सुभाष ने बताया कि आटो चालकों को निर्देश दिए है कि वह छह से अधिक बच्चे आटो मे न बिठाएं और न ही आटो के बाहर कोई बैग टंगा हो, जिससे हादसे का भय हो। छह बच्चे बिठाये जाने के आदेश पर आटो चालक सहमत हो गए हैं। इसके बाद यह मामला सुलझ पाया।
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दरअसल, सड़क सुरक्षा सप्ताह की मीटिंग में पुलिस प्रशासन द्वारा आटो चालको को निर्देश दिए गए थे कि वह अपने आटो मे एक समय में केवल तीन स्कूली बच्चे ही बिठाएं।
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इस फैसले के विरोध में दी आटो रिक्शा यूनियन अंबाला उतर आई थी। इसी से आटो यूनियन भड़क गई। आटो यूनियन ने इसी का विरोध किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दे दी।
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यूनियन के प्रधान अशोक बूंदी ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें पहले आदेश दिया था कि आगे की सीटें हटाई जाएं। यूनियन ने वह आदेश मानते हुए आगे की सीटें हटवा दी थी।
लेकिन अब प्रशासन का यह फरमान कि एक आटो में केवल तीन स्कूली बच्चे की बिठाए जाएं, गलत है। आटो चालक गरीब परिवारों से हैं। यदि वह केवल तीन बच्चों को एक समय में लेकर जाएंगे। तो गुजारा चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
मामला सुलझ गया : एसीपी
एसीपी ट्रैफिक सुभाष ने बताया कि आटो चालकों को निर्देश दिए है कि वह छह से अधिक बच्चे आटो मे न बिठाएं और न ही आटो के बाहर कोई बैग टंगा हो, जिससे हादसे का भय हो। छह बच्चे बिठाये जाने के आदेश पर आटो चालक सहमत हो गए हैं। इसके बाद यह मामला सुलझ पाया।