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Ambala News: सेक्टरों के नाले और सीवर बंद, सफाई के नाम पर सिर्फ दिखावा
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अंबाला सिटी। नगर निगम ने सेक्टरों में बरसाती सीजन को देखते हुए सफाई का काम शुरू कर दिया है। सफाई का काम महज दिखावे के तौर पर ही किया जा रहा है। इससे सेक्टरवासियों में भी रोष है। सेक्टरों में बने नालों की सफाई सिर्फ कुछ जगहों से कस्सी और पोकलेन मशीन से की जा रही है। इन नालों में कई वर्षों से गाद और मिट्टी जमा है।
इन नालों में ज्यादातर जगह तो ऐसी है, जहां से कस्सी और पोकलेन से भी सफाई नहीं हो सकती। ऐसे में आने वाला बरसाती सीजन सेक्टरवासियों के लिए मुसीबत बन सकता है। थोड़ी बरसात के बाद ही सेक्टरों में जलभराव हो जाता है। इस समस्या पर वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10 के पदाधिकारी भी नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को मिल चुके हैं, मगर अभी तक सेक्टरों की तरफ निगम ने ध्यान नहीं दिया। नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि सेक्टरों में सफाई कार्य चल रहा है। अगर कहीं दिक्कत आ रही है तो उसे दुरुस्त करवाया जाएगा।
टीपीएस और स्ट्राॅम वाटर प्रोजेक्ट पर खर्च होने हैं पांच करोड़
सेक्टर-8, 9 और 10 के टीपीएस पर करीब 2.50 करोड़ और स्ट्रॉम वाटर प्रोजेक्ट पर 2.50 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सेक्टरों का टीपीएस सिस्टम कई वर्ष पुराना है। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती। इन टीपीएस को अपग्रेड किया जाएगा और स्ट्रॉम वाटर प्रोजेक्ट के लिए भी काम किया जाएगा। निगम इस प्रोजेक्ट पर पिछले वर्ष से कार्य कर रहा है, लेकिन अब जाकर इस प्रोजेक्ट को लेकर कार्य सिरे चढ़ा है, हालांकि बरसाती सीजन सिर पर है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट अभी तक शुरू भी नहीं होने से सेक्टरवासियों के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है।
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जलभराव से रहती है बुरी हालत
शहर में सेक्टर 8, 9 और 10 काफी पुराने सेक्टर हैं। इन सेक्टरों में कई वर्ष पुरानी सीवरेज लाइन हैं। सीवरेज की सफाई न होने से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाती। यह पानी घरों में पाइप के जरिए वापस पहुंच जाता है। इन दोनों सेक्टरों से कई दिनों तक बरसाती पानी नहीं निकलता।
शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं : सिंगला
वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10 प्रधान कमल सिंगला ने बताया कि बीते दिनों नगर निगम अधिकारियों को सेक्टर की समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत दी थी, अभी समस्याओं के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। सेक्टर-10 में सीवरेज की समस्या पिछले करीब 10 वर्षों से बनी है। ज्यादातर जगहों पर सीवरेज बंद है। सेक्टरों के बरसाती नाले भी बंद हैं। इन नालों में मिट्टी और गाद जमा है। लंबे समय से इन नालों की सफाई नहीं की गई। सेक्टर में खाली प्लाटों में बरसाती का पानी जमा हो जाता है। इस वजह से कई दिनों तक तीन से चार फुट तक पानी जमा रहता है।
वर्जन
सेक्टर-8, 9 और 10 में टीपीएस को अपग्रेड किया जाएगा और स्ट्रॉम वाटर प्रोजेक्ट पर भी कार्य किया जाएगा। इन दोनों प्रोजेक्ट पर करीब पांच करोड़ खर्च होंगे। इन प्रोजेक्ट का कार्य होने से सेक्टरवासियों को काफी फायदा होगा।
डॉ. संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।
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इन नालों में ज्यादातर जगह तो ऐसी है, जहां से कस्सी और पोकलेन से भी सफाई नहीं हो सकती। ऐसे में आने वाला बरसाती सीजन सेक्टरवासियों के लिए मुसीबत बन सकता है। थोड़ी बरसात के बाद ही सेक्टरों में जलभराव हो जाता है। इस समस्या पर वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10 के पदाधिकारी भी नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को मिल चुके हैं, मगर अभी तक सेक्टरों की तरफ निगम ने ध्यान नहीं दिया। नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि सेक्टरों में सफाई कार्य चल रहा है। अगर कहीं दिक्कत आ रही है तो उसे दुरुस्त करवाया जाएगा।
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टीपीएस और स्ट्राॅम वाटर प्रोजेक्ट पर खर्च होने हैं पांच करोड़
सेक्टर-8, 9 और 10 के टीपीएस पर करीब 2.50 करोड़ और स्ट्रॉम वाटर प्रोजेक्ट पर 2.50 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सेक्टरों का टीपीएस सिस्टम कई वर्ष पुराना है। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती। इन टीपीएस को अपग्रेड किया जाएगा और स्ट्रॉम वाटर प्रोजेक्ट के लिए भी काम किया जाएगा। निगम इस प्रोजेक्ट पर पिछले वर्ष से कार्य कर रहा है, लेकिन अब जाकर इस प्रोजेक्ट को लेकर कार्य सिरे चढ़ा है, हालांकि बरसाती सीजन सिर पर है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट अभी तक शुरू भी नहीं होने से सेक्टरवासियों के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है।
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जलभराव से रहती है बुरी हालत
शहर में सेक्टर 8, 9 और 10 काफी पुराने सेक्टर हैं। इन सेक्टरों में कई वर्ष पुरानी सीवरेज लाइन हैं। सीवरेज की सफाई न होने से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाती। यह पानी घरों में पाइप के जरिए वापस पहुंच जाता है। इन दोनों सेक्टरों से कई दिनों तक बरसाती पानी नहीं निकलता।
शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं : सिंगला
वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10 प्रधान कमल सिंगला ने बताया कि बीते दिनों नगर निगम अधिकारियों को सेक्टर की समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत दी थी, अभी समस्याओं के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। सेक्टर-10 में सीवरेज की समस्या पिछले करीब 10 वर्षों से बनी है। ज्यादातर जगहों पर सीवरेज बंद है। सेक्टरों के बरसाती नाले भी बंद हैं। इन नालों में मिट्टी और गाद जमा है। लंबे समय से इन नालों की सफाई नहीं की गई। सेक्टर में खाली प्लाटों में बरसाती का पानी जमा हो जाता है। इस वजह से कई दिनों तक तीन से चार फुट तक पानी जमा रहता है।
वर्जन
सेक्टर-8, 9 और 10 में टीपीएस को अपग्रेड किया जाएगा और स्ट्रॉम वाटर प्रोजेक्ट पर भी कार्य किया जाएगा। इन दोनों प्रोजेक्ट पर करीब पांच करोड़ खर्च होंगे। इन प्रोजेक्ट का कार्य होने से सेक्टरवासियों को काफी फायदा होगा।
डॉ. संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।