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खेत में महिला को कुत्तों नोंचा, पीजीआई रेफर
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खेत के अंदर घास लेने के लिए जा रही एक महिलाओं को करीब 10 आवारा कुत्तों के झुंड ने घेरकर हमला कर दिया। यह मामला यमुनानगर के गांव डलहोर का था और महिला को परिजन उपचार के लिए सीधा छावनी नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इस हमले के बाद महिला कुछ समझ पाती कि कुत्तों ने महिला को नोंचना शुरू कर दिया। महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग डंडों व लाठियों के साथ मौके पर पहुंचे और आवारा कुत्तों को वहां से खदेड़ा। इस बीच जगह-जगह से कुत्तों द्वारा नोचे जाने पर महिला लहूलुहान हो गई। आनन-फानन में परिवार के लोग ज्यादा होने के कारण उसे स्थानीय अस्पताल की जगह सीधे अपने निजी वाहन के जरिए छावनी के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। इसके बाद महिला को पीजीआई रेफर कर दिया गया।
घास लेने जा रही महिला पर गांव की फिरनी पर झपटे कुत्ते
महिला के पति भोजराम ने बताया कि संतोष घर से घास लेने के लिए अपने खेत में जा रही थी। जैसे ही वह गांव की फिरनी पर पहुंची तो झुंड में घूम रहे कुत्ते झपट पड़े। गांव में कुत्तों के हमले का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार यह कुत्ते जान हमला कर चुके हैं। कई बार पंचायत सहित प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें तक कर चुके है फिर भी कोई समाधान नहीं हो सका।
रूंधे गले से परिजन बोले- दो मासूमों को नोंच खा गए थे कुत्ते
अस्पताल में महिला के प्रति भोजराम ने रूंधे गले से बोलते हुए कहा कि एक माह पहले ही आवारा कुत्तों के झुंड ने 10 वर्षीय मासूम भाई-बहन को भी नहीं छोड़ा था। उन्हें भी जगह-जगह से नोंच खाया था। बिलासपुर से ही उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया था। जहां पांच दिन चले उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया था और अब उनका घर पर ही उपचार चल रहा है। यही कारण था कि वह सीधा ही पीजीआई जाने की जगह अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल आ गए।
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घास लेने जा रही महिला पर गांव की फिरनी पर झपटे कुत्ते
महिला के पति भोजराम ने बताया कि संतोष घर से घास लेने के लिए अपने खेत में जा रही थी। जैसे ही वह गांव की फिरनी पर पहुंची तो झुंड में घूम रहे कुत्ते झपट पड़े। गांव में कुत्तों के हमले का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार यह कुत्ते जान हमला कर चुके हैं। कई बार पंचायत सहित प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें तक कर चुके है फिर भी कोई समाधान नहीं हो सका।
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रूंधे गले से परिजन बोले- दो मासूमों को नोंच खा गए थे कुत्ते
अस्पताल में महिला के प्रति भोजराम ने रूंधे गले से बोलते हुए कहा कि एक माह पहले ही आवारा कुत्तों के झुंड ने 10 वर्षीय मासूम भाई-बहन को भी नहीं छोड़ा था। उन्हें भी जगह-जगह से नोंच खाया था। बिलासपुर से ही उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया था। जहां पांच दिन चले उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया था और अब उनका घर पर ही उपचार चल रहा है। यही कारण था कि वह सीधा ही पीजीआई जाने की जगह अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल आ गए।
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