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कुत्ते ने दिखाया रास्ता, कच्ची मैगी खाकर मिटाई भूख
ब्यूरो /अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:41 AM IST
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चेतन
- फोटो : Amar ujala
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कई दिनों तक मनाली के चंद्रखणी में फंसे रहे युवक सकुशल घर वापस पहुंच चुके हैं। सोमवार की रात करीब 11 बजे अंबाला के चेतन की घर वापसी से परिवार काफी खुश है। परिवार ने यह ख़ुशी मिठाई बांट कर सबके संग सांझा की। घर लौटे चेतन ने आपबीती बताते हुए बताया कि एक कुत्ते ने वहां उनकी काफी मदद की और उन्हें रास्ता दिखाया।
चेतन के मनाली से घर वापस लौटने से परिवार और सभी रिश्तेदार काफी खुश है । सबको मिठाइयां खिलाई जा रही है क्योंकि बेटा मौत के मुंह से सकुशल निकल कर वापस लौटा है । अंबाला लौटे चेतन ने अपने सफर की सारी दिक्कतों को बताया और हर पल को सांझा किया जो उसने ट्रैकिंग के दौरान मौसम खराब होने से सहे। चेतन ने बताया कि आठों दोस्त मौज मस्ती के लिए मनाली गए थे क्योंकि उनकी पढ़ाई का आखिरी साल था दोबारा जाने कब मिलेंगे इसी सोच के साथ ख़ुशी मनाने गए थे, लेकिन मौसम खराब हुआ तो मुसीबत बढ़ गई और देखते ही देखते मौसम आफत बन गया।
चेतन ने बताया उनके पास पीने का पानी खत्म हो गया था इसलिए बर्फ को पिघला कर गुजारा किया । इनके पास तीन दिन का खाना था लेकिन वो भी खत्म हो गया । आक्सीजन कम थी इसलिए आग नहीं जल रही थी और कच्ची मैगी खाकर पेट भरा। चेतन ने बताया उन्हें वहां एक कुत्ता मिला जिसने इन्हें न बल्कि रास्ता दिखाया बल्कि इन्हें सुरक्षा भी दी । चेतन ने बताया कुत्ता मौसम खराब होने के दौरान इन्हें आगे आगे चलकर रास्ता दिखाता गया और सुरक्षित स्थान तक ले गया । चेतन ने बताया कुत्ता रात को उनके टैंट के बाहर सुरक्षा भी देता था । चेतन के घर वापस लौटने पर पिता ने मीडिया और मनाली प्रशासन का खासतौर पर शुक्रिया किया है । उन्होंने कहा चेतन यदि दोबारा ट्रैकिंग पर जाना चाहे तो जा सकता है लेकिन परमिशन और पूरे इंतजाम के साथ । वहीं चेतन ने भी कहा कि वो दोबारा पूरे इंतजाम के साथ ट्रैकिंग पर जाएगा ।
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चेतन के मनाली से घर वापस लौटने से परिवार और सभी रिश्तेदार काफी खुश है । सबको मिठाइयां खिलाई जा रही है क्योंकि बेटा मौत के मुंह से सकुशल निकल कर वापस लौटा है । अंबाला लौटे चेतन ने अपने सफर की सारी दिक्कतों को बताया और हर पल को सांझा किया जो उसने ट्रैकिंग के दौरान मौसम खराब होने से सहे। चेतन ने बताया कि आठों दोस्त मौज मस्ती के लिए मनाली गए थे क्योंकि उनकी पढ़ाई का आखिरी साल था दोबारा जाने कब मिलेंगे इसी सोच के साथ ख़ुशी मनाने गए थे, लेकिन मौसम खराब हुआ तो मुसीबत बढ़ गई और देखते ही देखते मौसम आफत बन गया।
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चेतन ने बताया उनके पास पीने का पानी खत्म हो गया था इसलिए बर्फ को पिघला कर गुजारा किया । इनके पास तीन दिन का खाना था लेकिन वो भी खत्म हो गया । आक्सीजन कम थी इसलिए आग नहीं जल रही थी और कच्ची मैगी खाकर पेट भरा। चेतन ने बताया उन्हें वहां एक कुत्ता मिला जिसने इन्हें न बल्कि रास्ता दिखाया बल्कि इन्हें सुरक्षा भी दी । चेतन ने बताया कुत्ता मौसम खराब होने के दौरान इन्हें आगे आगे चलकर रास्ता दिखाता गया और सुरक्षित स्थान तक ले गया । चेतन ने बताया कुत्ता रात को उनके टैंट के बाहर सुरक्षा भी देता था । चेतन के घर वापस लौटने पर पिता ने मीडिया और मनाली प्रशासन का खासतौर पर शुक्रिया किया है । उन्होंने कहा चेतन यदि दोबारा ट्रैकिंग पर जाना चाहे तो जा सकता है लेकिन परमिशन और पूरे इंतजाम के साथ । वहीं चेतन ने भी कहा कि वो दोबारा पूरे इंतजाम के साथ ट्रैकिंग पर जाएगा ।
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