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Ambala News: 104 दुकानों के दस्तावेज अमान्य, 297 को मिली मान्यता
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हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। स्वामित्व योजना के तहत 104 दुकानों के दस्तावेजों को अमान्य करार दिया है। इसमें 70 दुकानदार ऐसे हैं, जिन्होंने दो बार आवेदन कर दिया था, वहीं 34 दुकानदार ऐसे हैं, जिनकी दुकानों का क्षेत्रफल सरकार की ओर से निर्धारित जगह से अधिक है।
जबकि 297 दुकानों के दस्तावेज तैयार कर दिए गए हैं और इनमें से भी 66 की रजिस्ट्री करवा दी गई है और 33 दुकानदारों को यह सौगात सोमवार या मंगलवार तक मिल जाएगी। इसकी तैयारी भी नगर परिषद ने कर ली है ताकि तहसील स्तर पर भी इस प्रक्रिया को पूरी करके दुकानदारों को स्वामित्व योजना के तहत मालिकाना हक दिया जा सके।
अन्य की प्रक्रिया जारी
स्वामित्व योजना के तहत अंबाला छावनी के छोटे बड़े लगभग 1025 दुकानदारों ने स्वामित्व योजना के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया था। इसमें से 401 दुकानों के दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है और अब 624 दुकानों के दस्तावेजों को खंगालने की तैयारी की जा रही है ताकि सरकार द्वारा निर्धारित किए नियमों को पूरा करने वाले दुकानदारों को भी मालिकाना हक की सौगात मिल सके।
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दुकानों पर लगेगा संपत्ति कर
दुकानों की रजिस्ट्री होने के बाद अब इन पर संपत्ति कर लगेगा। जिस प्रकार रिहायशी क्षेत्रों से संपत्ति कर वसूला जाता है, उसी आधार पर दुकानों से भी संपत्ति कर वसूला जाएगा। यह प्रक्रिया दुकानों की एनडीसी जारी करते ही आरंभ हो गई है। हालांकि शुरुआत में संपत्ति कर का आंकड़ा जीरो भेजा जा रहा है।
यह है सरकार की योजना
प्रदेश सरकार द्वारा मालिकाना हक दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत 1 जुलाई 2021 से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया गया। इसमें ऐसे दुकानदारों को शामिल किया गया जो 31 दिसंबर 2021 तक किराएदार के तौर पर 20 साल पूरे कर चुके थे।
वर्जन
104 दुकानों के दस्तावेज रिजेक्ट किए गए हैं। इसमें 70 दुकानें ऐसी हैं, जिनके पोर्टल पर दो बार आवेदन अपलोड हो गए थे। अन्य 34 की दुकानों का दायरा सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक है। जबकि 297 दुकानों को मान्यता दे दी गई है। इसमें से 66 दुकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है और 33 अन्य की भी आगामी एक या दो दिन में रजिस्ट्री हो जाएगी।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
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अंबाला। स्वामित्व योजना के तहत 104 दुकानों के दस्तावेजों को अमान्य करार दिया है। इसमें 70 दुकानदार ऐसे हैं, जिन्होंने दो बार आवेदन कर दिया था, वहीं 34 दुकानदार ऐसे हैं, जिनकी दुकानों का क्षेत्रफल सरकार की ओर से निर्धारित जगह से अधिक है।
जबकि 297 दुकानों के दस्तावेज तैयार कर दिए गए हैं और इनमें से भी 66 की रजिस्ट्री करवा दी गई है और 33 दुकानदारों को यह सौगात सोमवार या मंगलवार तक मिल जाएगी। इसकी तैयारी भी नगर परिषद ने कर ली है ताकि तहसील स्तर पर भी इस प्रक्रिया को पूरी करके दुकानदारों को स्वामित्व योजना के तहत मालिकाना हक दिया जा सके।
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अन्य की प्रक्रिया जारी
स्वामित्व योजना के तहत अंबाला छावनी के छोटे बड़े लगभग 1025 दुकानदारों ने स्वामित्व योजना के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया था। इसमें से 401 दुकानों के दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है और अब 624 दुकानों के दस्तावेजों को खंगालने की तैयारी की जा रही है ताकि सरकार द्वारा निर्धारित किए नियमों को पूरा करने वाले दुकानदारों को भी मालिकाना हक की सौगात मिल सके।
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दुकानों पर लगेगा संपत्ति कर
दुकानों की रजिस्ट्री होने के बाद अब इन पर संपत्ति कर लगेगा। जिस प्रकार रिहायशी क्षेत्रों से संपत्ति कर वसूला जाता है, उसी आधार पर दुकानों से भी संपत्ति कर वसूला जाएगा। यह प्रक्रिया दुकानों की एनडीसी जारी करते ही आरंभ हो गई है। हालांकि शुरुआत में संपत्ति कर का आंकड़ा जीरो भेजा जा रहा है।
यह है सरकार की योजना
प्रदेश सरकार द्वारा मालिकाना हक दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत 1 जुलाई 2021 से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया गया। इसमें ऐसे दुकानदारों को शामिल किया गया जो 31 दिसंबर 2021 तक किराएदार के तौर पर 20 साल पूरे कर चुके थे।
वर्जन
104 दुकानों के दस्तावेज रिजेक्ट किए गए हैं। इसमें 70 दुकानें ऐसी हैं, जिनके पोर्टल पर दो बार आवेदन अपलोड हो गए थे। अन्य 34 की दुकानों का दायरा सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक है। जबकि 297 दुकानों को मान्यता दे दी गई है। इसमें से 66 दुकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है और 33 अन्य की भी आगामी एक या दो दिन में रजिस्ट्री हो जाएगी।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।