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दस्तावेज थे उर्दू में दिखाए गए अंग्रेजी में

Sun, 07 Jun 2015 01:02 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला Updated Sun, 07 Jun 2015 01:02 AM IST
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अंबाला छावनी में धोबीघाट के पास सरकार की करोड़ों की लीज लैंड 4.16 एकड़ (सर्वे नंबर 164-सी-राबर्ट पैवेलियन) पर कब्जे को लेकर किए गए फर्जीवाड़े में अब एक और खुलासा हो गया है।
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जिला राजस्व विभाग द्वारा की जा रही जांच में सामने आया है कि इस जमीन से संबंधित कुछ दस्तावेजों को सन 1936 में भी फर्जी ढंग से तैयार कराया गया। जिला राजस्व अधिकारी ने जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि जांच के बाद दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी प्रतीत हो रहे हैं।
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विभाग के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए दस्तावेज
दरअसल, करोड़ों की इस सरकारी लीज लैंड पर कब्जा बरकरार रखने के लिए एक कथित ट्रस्ट सोसायटी ने इस जमीन और अन्य कई संपत्तियों से संबंधित कुछ अहम दस्तावेज तैयार कर रखे हैं। करीबन 12 पेज के ये दस्तावेज अंग्रेजी में हैं और स्टांप पेपर पर है।
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 इन दस्तावेजों पर सरकारी सील ऑफ द रजिस्ट्रार भी लगी हुई है। ये दस्तावेज 01.02.1975 को जारी एक स्टांप पेपर पर अंग्रेजी में तैयार किया गया है। मगर इन दस्तावेजों में इन्हें तैयार करने की तारीख अक्टूबर 1936 की अंकित है।
दस्तावेजों में गड़बड़ी की शिकायत होने पर जिला राजस्व विभाग से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। इस जांच में ये स्पष्ट किया गया कि जिला राजस्व विभाग के रिकार्ड के अनुसार सन 1936 का संबंधित रिकार्ड तो उर्दू भाषा में हैं, जबकि इनमें नाम भी शांति देवी पत्नी लाला बदन लाल व नानक राम पुत्र वधवा राम अंकित है।

जांच रिपोर्ट में ये स्पष्ट कहा गया है कि विभाग के पास संबंधित रिकार्ड भी उर्दू में हैं। लेकिन सन 1936 में तैयार किए गए जो दस्तावेज विभाग को जांच के लिए मिले हैं, वो अंग्रेजी में है। दूसरा सन 1936 के ये दस्तावेज सन 1975 को जारी स्टांप पर तैयार किए गए हैं।

 इसलिए अंग्रेजी के दस्तावेज का राजस्व विभाग के पास मौजूद उर्दू रिकार्ड से मेल नहीं हो पा रहा है। लिहाजा अंग्रेजी में उपलब्ध करवाए गए संबंधित दस्तावेज फर्जी हैं।

पहले भी तैयार हुए फर्जी दस्तावेज
-इस सरकारी लीज लैंड पर कब्जा बरकरार रखने के लिए पहले भी कई फर्जी दस्तावेज तैयार हो चुके है
-पहले इसी लीज लैंड से संबंधित हरियाणा स्थानीय निकाय निदेशालय के फर्जी आदेश तैयार किए गए, इस मामले में केस भी दर्ज हुआ

-इसी जमीन का नायब तहसीलदार कार्यालय से एक फर्जी लैंड सर्टिफिकेट तैयार करवाया गया, जिला राजस्व अधिकारी ने इसे भी जांच में फर्जी करार

-पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के दरबार में पहुंची शिकायत, लैंड संबंधी ट्रस्ट डीड के रिकार्ड में छेड़छाड़ कर दी गई, उसकी जांच भी जिला राजस्व अधिकारी कर रहे हैं


-इसके अतिरिक्त इसी जमीन से संबंधित सेना के रक्षा संपदा कार्यालय के रिकार्ड में छेड़छाड़ की गई, जांच चल रही है
गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव से मांग रखा जवाब

उल्लेखनीय है कि इस मामले कई फर्जीवाड़े का खुलासा अमर उजाला ने किया था। जिसके बाद अफसरों ने भी इस मामले को गंभीर माना।

इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसी बाबत मुख्य सचिव हरियाणा से रिपोर्ट मांग रखी है। मुख्य सचिव ने इसकी जांच अंबाला के डीसी को सौंप रखी है, जो अभी जारी है। उधर, डीजीपी ने भी इस बाबत अंबाला पुलिस प्रशासन से इस बाबत गोपनीय रिपोर्ट मांग रखी है। इसकी भी जांच जारी है।
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