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रिटायरमेंट पार्टी के दौरान हुए खूनी संघर्ष में आठ आरोपियों पर केस
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मंगलई गांव में दो गुटों में हुए संघर्ष में पुलिस ने तीन महिलाओं समेत आठ लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है। झगड़े में एक ही परिवार के कई लोग जख्मी हो गए थे। पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की बात कह रही है।
गांव के माया राम ने महेशनगर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 31 अक्टूबर को उसकी रिटायरमेंट पार्टी थी। पार्टी में मेरे घर पर सभी रिश्तेदार व गांव के व्यक्ति आए थे। उसने बताया कि पड़ोस में हमारे मकान से पहले बलबीर सिंह का घर है। मेरे मकान के साथ उनके घर की दिवार लगती है। गली को लेकर पहले से बलबीर से झगड़ा चल रहा था। गली को खाली करवाने के लिए कोर्ट ने मार्च 2019 में फैसला हमारे हक में सुनाया था। बीडीपीओ ने बलबीर को मकान गिरवाकर मलवा हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया था। अब तक बलबीर ने मकान का मलवा नहीं हटाया है। इसी जिद्द में बलबीर का परिवार अपने मकान की जगह छोड़कर हमारी गली में चूल्हा व ईंटें व चारपाई रखकर रास्ता रोकता है। गली में ही चूल्हे पर खाना बनाता है। रोज की तरह गली में ही उसी चूल्हे पर अपना खाना बनाने के लिए आग जल रही थी। शाम करीब करीब 5.30 बजे हम सामान लेकर घर पर आ रहे थे। सामान टैंपू में था। मायाराम ने बताया कि टैंपू उसके घर से पहले गली में खड़ा कर दिया था।
मायाराम ने बताया कि जब वीरवार को वे टैंपू से सामान उतारकर घर ले जा रहे थे बलबीर के चूल्हे में जल रही लकड़ी पर पतीला लाते समय पैर लग गया। इसी बात को लेकर बलबीर ने परिजनों के साथ उन पर हमला कर दिया। हमला तब हुआ जब परिवार के साथ रिश्तेदार करीब 7.30 बजे खाना खा रहे थे। तभी बलबीर उसका बेटा नरेश, सुरेश, मिंटू, पत्नी सुनहरी, सुनीता व मनीषा डंडे- ईटें लेकर उसके घर में घुस आए। इसके बाद परिजनों के साथ रिश्तेदारों पर भी हमला कर दिया। हमले में मेरे बेटे राजेश व राजिन्द्र उर्फ सोनू, बहनोई मामचन्द वासी सलेमपुर, कर्णबीर वासी इब्राहिमपुर, कर्णबीर वासी फतेहपुर व भतीजी अंकिता को भी काफी चोटें आईं। उपचार के लिए सभी नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। मायाराम की शिकायत पर पुलिस ने बलबीर सिंह, नरेश, सुरेश, मिन्टू, सुनेहरी देवी, सुनीता उर्फ बेबी, बंटी व मनीषा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गांव के माया राम ने महेशनगर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 31 अक्टूबर को उसकी रिटायरमेंट पार्टी थी। पार्टी में मेरे घर पर सभी रिश्तेदार व गांव के व्यक्ति आए थे। उसने बताया कि पड़ोस में हमारे मकान से पहले बलबीर सिंह का घर है। मेरे मकान के साथ उनके घर की दिवार लगती है। गली को लेकर पहले से बलबीर से झगड़ा चल रहा था। गली को खाली करवाने के लिए कोर्ट ने मार्च 2019 में फैसला हमारे हक में सुनाया था। बीडीपीओ ने बलबीर को मकान गिरवाकर मलवा हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया था। अब तक बलबीर ने मकान का मलवा नहीं हटाया है। इसी जिद्द में बलबीर का परिवार अपने मकान की जगह छोड़कर हमारी गली में चूल्हा व ईंटें व चारपाई रखकर रास्ता रोकता है। गली में ही चूल्हे पर खाना बनाता है। रोज की तरह गली में ही उसी चूल्हे पर अपना खाना बनाने के लिए आग जल रही थी। शाम करीब करीब 5.30 बजे हम सामान लेकर घर पर आ रहे थे। सामान टैंपू में था। मायाराम ने बताया कि टैंपू उसके घर से पहले गली में खड़ा कर दिया था।
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मायाराम ने बताया कि जब वीरवार को वे टैंपू से सामान उतारकर घर ले जा रहे थे बलबीर के चूल्हे में जल रही लकड़ी पर पतीला लाते समय पैर लग गया। इसी बात को लेकर बलबीर ने परिजनों के साथ उन पर हमला कर दिया। हमला तब हुआ जब परिवार के साथ रिश्तेदार करीब 7.30 बजे खाना खा रहे थे। तभी बलबीर उसका बेटा नरेश, सुरेश, मिंटू, पत्नी सुनहरी, सुनीता व मनीषा डंडे- ईटें लेकर उसके घर में घुस आए। इसके बाद परिजनों के साथ रिश्तेदारों पर भी हमला कर दिया। हमले में मेरे बेटे राजेश व राजिन्द्र उर्फ सोनू, बहनोई मामचन्द वासी सलेमपुर, कर्णबीर वासी इब्राहिमपुर, कर्णबीर वासी फतेहपुर व भतीजी अंकिता को भी काफी चोटें आईं। उपचार के लिए सभी नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। मायाराम की शिकायत पर पुलिस ने बलबीर सिंह, नरेश, सुरेश, मिन्टू, सुनेहरी देवी, सुनीता उर्फ बेबी, बंटी व मनीषा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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