यात्रियों को राहत: बैटरी संचालित वाहन से प्लेटफार्म तक पहुंचेंगे दिव्यांग व बुजुर्ग, किराया निर्धारित
रेलवे की तरफ से दिल्ली की कंपनी को तीन साल के लिए बैटरी संचालित वाहनों का ठेका दिया गया है। इससे रेलवे को 15 लाख 57 हजार 600 रुपये राजस्व के तौर पर मिलेंगे। वाहनों के रख-रखाव की जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
विस्तार
अब दिव्यांग व बुजुर्ग यात्री बैटरी संचालित वाहन से रेलवे परिसर से प्लेटफार्म तक पहुंच पाएंगे। रेलवे ने इस सुविधा के लिए ठेका जारी कर दिया है। इसके लिए बैटरी से चलने वाले वाहनों को स्टेशन पर खड़ा कर दिया है। उनकी बैटरी को चार्ज करने के लिए जगह भी निर्धारित कर दी है। इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए यात्रियों से मामूली शुल्क लिया जाएगा।
रेलवे की ओर से प्रति सवारी के हिसाब से ये शुल्क 50 रुपये निर्धारित किया गया है ताकि वाहन चालक व यात्री में किसी प्रकार का विवाद न हो। अगर किसी परिवार ने पूरे वाहन की सुविधा लेनी है तो उसे 250 रुपये चुकाने होंगे। इसमें दिव्यांग के अलावा अन्य यात्री भी सफर कर सकेंगे। इस संबंध में रेलवे की तरफ से लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही ये वाहन रेलवे परिसर और प्लेटफार्मों पर दौड़ते नजर आएंगे। संवाद
झेलनी पड़ती थी परेशानी
जानकारी के अनुसार दिव्यांग व बुजुर्गाें को रेलगाड़ी में चढ़ने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता था। उन्हें कुलियों से मदद लेनी पड़ती थी और कुली स्टेशन मास्टर से व्हीलचेयर लेकर दिव्यांग व बुजुर्गाेंं को प्लेटफार्म तक ले जाते थे। इसके लिए भी उन्हें कुछ शुल्क चुकाना पड़ता था। यात्रियों ने रेलवे के अधिकारियों से इस संबंध में कई बार आग्रह भी किया गया था और इससे संबंधित प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया था।
15 लाख में दिया तीन साल का ठेका
रेलवे की तरफ से दिल्ली की कंपनी को तीन साल के लिए बैटरी संचालित वाहनों का ठेका दिया गया है। इससे रेलवे को 15 लाख 57 हजार 600 रुपये राजस्व के तौर पर मिलेंगे। वाहनों के रख-रखाव की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। जबकि चार्जिंग स्टेशन के लिए जगह अंबाला मंडल ने पहले ही निर्धारित कर दी है।
50 हजार यात्रियों का होता है आवागमन
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे का सबसे पुराना और अहम रेलवे स्टेशन है जोकि पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान से जुड़ा हुआ है। इस स्टेशन से रोजाना 300 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि स्टेशन से रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की संख्या भी लगभग 50 हजार है। इसलिए स्टेशन पर सुविधाओं को लेकर लगातार कार्रवाई चल रही है।
आईआरसीटीसी नहीं कर पाई रख-रखाव
लगभग पांच साल पहले आईआरसीटीसी की तरफ से ऐसी ही सुविधा यात्रियों के लिए अंबाला कैंट स्टेशन पर शुरु की गई थी जोकि कुछ माह में ही दम तोड़ गई। बैटरी संचालित वाहन में खराबी आने के बाद इसे दोबारा ठीक करवाने की तरफ आईआरसीटीसी ने ध्यान नहीं दिया। अब यह वाहन रेलवे स्टेशन पर पार्सल कार्यालय में कबाड़ में तब्दील हो चुका है।
अधिकारी के अनुसार
अंबाला मंडल के अधीन अंबाला कैंट और सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर दिव्यांग व बुजुर्गाें के लिए बैटरी संचालित वाहन की सुविधा शुरु की जा रही है। इस सुविधा से यात्री रेलवे परिसर से सीधा प्लेटफार्म तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए मामूली शुल्क भी यात्रियों को देना होगा। -नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।