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भगवान श्रीराम के जन्म पर भक्तों ने की पुष्प वर्षा
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अंबाला सिटी। नावल्टी रोड स्थित श्री रघुनाथ मंदिर भवन में संगीतमयी दिव्य श्रीराम कथा चल रही है। मंगलवार को कथा में सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने भक्ति भाव से भगवान श्रीराम की कथा का रसपान किया। प्रभु श्री राम की कथा सुन भक्त भावविभोर हो गए। श्रीराम के जन्म होते ही सभी भक्तों ने पुष्प वर्षा करते हुए संगीतमयी कथा का भरपूर आनंद लिया। महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद गिरि महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जन्म असुरों और पापियों का सर्वनाश करने के लिए हुआ था।
उन्होंने कहा कि भगवान ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश करना शुरू कर दिया था। श्रीराम एक ऐतिहासिक महापुरुष थे और इसके पर्याप्त प्रमाण हैं। भगवान श्रीराम के जन्म से पूर्व मंत्रीगणों और सेवकों ने महाराज राजा दशरथ की आज्ञानुसार श्यामकर्ण घोड़ा चतुरंगिनी सेना के साथ छुड़वा दिया। महाराज दशरथ ने देश देशांतर के मनस्वी, तपस्वी, विद्वान ऋषि-मुनियों और पंडितों को यज्ञ संपन्न करवाने के लिए बुलावा भेजा। निश्चित समय आने पर समस्त अभ्यागतों के साथ महाराज दशरथ अपने गुरु वशिष्ठ और अपने परम मित्र अंग देश के अधिपति लोभपाद के जामाता ऋंग ऋषि को लेकर यज्ञ मंडप में पधारे। कथा के समापन पर सभी भक्तों ने भगवान श्रीराम जी की आरती की, तत्पश्चात सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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उन्होंने कहा कि भगवान ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश करना शुरू कर दिया था। श्रीराम एक ऐतिहासिक महापुरुष थे और इसके पर्याप्त प्रमाण हैं। भगवान श्रीराम के जन्म से पूर्व मंत्रीगणों और सेवकों ने महाराज राजा दशरथ की आज्ञानुसार श्यामकर्ण घोड़ा चतुरंगिनी सेना के साथ छुड़वा दिया। महाराज दशरथ ने देश देशांतर के मनस्वी, तपस्वी, विद्वान ऋषि-मुनियों और पंडितों को यज्ञ संपन्न करवाने के लिए बुलावा भेजा। निश्चित समय आने पर समस्त अभ्यागतों के साथ महाराज दशरथ अपने गुरु वशिष्ठ और अपने परम मित्र अंग देश के अधिपति लोभपाद के जामाता ऋंग ऋषि को लेकर यज्ञ मंडप में पधारे। कथा के समापन पर सभी भक्तों ने भगवान श्रीराम जी की आरती की, तत्पश्चात सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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