{"_id":"64936dfb5f3cc4021e0657e7","slug":"devotees-danced-on-the-occasion-of-shri-krishnas-birth-anniversary-in-katha-ambala-news-c-36-1-sknl1003-5560-2023-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु
विज्ञापन
मुलाना। राधा कीर्तन मंडली जहांगीरपुर अलीपुर की ओर से सामुदायिक हाल जहांगीरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ भागवत कथा के तीसरे दिन कृष्ण जन्म के प्रसंग में नंद बाबा के घर में जन्मोत्सव का वर्णन आचार्य अनुराग कृष्ण शास्त्री ने किया।
इसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और मिठाई बांटकर और बधाइयां देकर नंदोत्सव की खुशियां मनाई। आचार्य अनुराग कृष्ण शास्त्री ने ओजस्वी वाणी से संगीतमय कथा सुनाते हुए भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा का विस्तार वर्णन किया। आचार्य ने कहा कि जब पृथ्वी पाप के बोझ से दबने लगती है और पाप बढ़ता है तब श्री हरि अवतार लेकर पाप और पापी का नाश कर पुन: धर्म को स्थापित करते हैं।
मथुरा के राजा कंस ने पाप का आचरण करते हुए अपने ही पिता को कारावास में डालकर सत्ता पर आसीन होकर प्रजा पर अत्याचार किया। जब उसे पता लगा कि उसकी बहन देवकी की आठवीं संतान ही उसके काल का कारण बनेगी तो उसने बहन देवकी व उसके पति वासुदेव को कारावास में बंद कर दिया, लेकिन श्री हरि की कृपा से माया के कारण कारावास के बंद द्वार खुल गए और मायावश वासुदेव भगवान कृष्ण को उफनती यमुना को पार कर सकुशल बाबा नंद के घर छोड़ देते है और बाबा नंद के घर में पुत्र होने का समाचार पाकर पूरे नंद में आनंद छा जाता है। इस अवसर पर नारायणगढ़ जिला बनाओ संघर्ष समिति पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और मिठाई बांटकर और बधाइयां देकर नंदोत्सव की खुशियां मनाई। आचार्य अनुराग कृष्ण शास्त्री ने ओजस्वी वाणी से संगीतमय कथा सुनाते हुए भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा का विस्तार वर्णन किया। आचार्य ने कहा कि जब पृथ्वी पाप के बोझ से दबने लगती है और पाप बढ़ता है तब श्री हरि अवतार लेकर पाप और पापी का नाश कर पुन: धर्म को स्थापित करते हैं।
विज्ञापन
मथुरा के राजा कंस ने पाप का आचरण करते हुए अपने ही पिता को कारावास में डालकर सत्ता पर आसीन होकर प्रजा पर अत्याचार किया। जब उसे पता लगा कि उसकी बहन देवकी की आठवीं संतान ही उसके काल का कारण बनेगी तो उसने बहन देवकी व उसके पति वासुदेव को कारावास में बंद कर दिया, लेकिन श्री हरि की कृपा से माया के कारण कारावास के बंद द्वार खुल गए और मायावश वासुदेव भगवान कृष्ण को उफनती यमुना को पार कर सकुशल बाबा नंद के घर छोड़ देते है और बाबा नंद के घर में पुत्र होने का समाचार पाकर पूरे नंद में आनंद छा जाता है। इस अवसर पर नारायणगढ़ जिला बनाओ संघर्ष समिति पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
विज्ञापन