{"_id":"65f4b14005ff2163b10fcc47","slug":"deepak-won-bronze-in-the-world-cup-ambala-news-c-36-1-sknl1017-119946-2024-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: वर्ल्ड कप में दीपक ने जीता कांस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: वर्ल्ड कप में दीपक ने जीता कांस्य
विज्ञापन
दिव्यांग शूटर दीपक सैनी पैरा वर्ल्ड कप-2024 में जीता कांस्य पदक दिखाते हुए: सोशल मीडिया
अंबाला। अंबाला के शाहपुर गांव निवासी दीपक सैनी ने एक बार फिर दिव्यांगता को मात देकर पैरा वर्ल्ड कप-2024 में कांस्य पदक हासिल कर अंबाला का नाम चमकाया। यह पैरा वर्ल्ड कप दिल्ली में 6 से 15 मार्च तक आयोजित हुआ था।
दीपक सैनी ने 50 मीटर राइफल प्रोन में सटीक निशाना साधते हुए कांस्य पदक झटका। इस उपलब्धि पर खेल विभाग भी दीपक सैनी का स्वागत करेगा। बता दें कि इससे पहले भी वह नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत ढेरों मैडल झटककर अंबाला का नाम चमका चुका है। बता दें कि दीपक अंबाला छावनी से सटे गांव शाहपुर में रहने वाला है और वर्तमान में अंबाला में ही थर्ड आई शूटिंग स्पोर्ट्स एकेडमी भी चला रहा है।
अभी तक वह करीब 50 खिलाड़ियों की फौज तैयार कर चुका है। जो शूटिंग में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत आगे बढ़ते जा रहे हैं। बता दें कि 9 साल की उम्र में दिव्यांग दीपक के पिता का हादसे में निधन हो गया था। मां के लिए बड़ी बेटी सहित तीन बेटों को संभालना आसान नहीं था। जैसे-तैसे बड़ी बेटी का विवाह किया। परिवार में बहन के बाद दीपक बड़े थे। दिव्यांग होने के बाद भी वे परिवार चलाने और पढ़ाई के लिए कुछ न कुछ काम करते रहे। अभी तक दीपक नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 20 गोल्ड मेडल, चार सिल्वर मेडल और तीन कांस्य पदक जीत चुके हैं। इतना ही नहीं वर्ष 2017 में थाइलैंड में आयोजित वर्ल्ड कप में दीपक कांस्य पदक जीत चुका है।
विज्ञापन
भीम अवॉर्ड से भी सम्मानित
दीपक सैनी ने करीब 19 साल पहले शूटिंग में अपना सफर शुरू किया था। उस दौरान प्रैक्टिस के लिए घर पर ही छर्रे वाली बंदूक का सहारा लिया। घर पर ही प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी, लेकिन आर्थिक हालात ऐसे नहीं थे कि इस खेल के लिए बंदूक खरीद सकें, लेकिन दीपक सैनी ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह से बंदूक का बंदोबस्त किया। वह ग्यारह बार नेशनल चैंपियन रहे और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रदेश सरकार ने दीपक सैनी को साल 2018-19 के लिए भीम अवार्ड से सम्मानित करने का फैसला किया है।
विज्ञापन
दीपक सैनी ने 50 मीटर राइफल प्रोन में सटीक निशाना साधते हुए कांस्य पदक झटका। इस उपलब्धि पर खेल विभाग भी दीपक सैनी का स्वागत करेगा। बता दें कि इससे पहले भी वह नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत ढेरों मैडल झटककर अंबाला का नाम चमका चुका है। बता दें कि दीपक अंबाला छावनी से सटे गांव शाहपुर में रहने वाला है और वर्तमान में अंबाला में ही थर्ड आई शूटिंग स्पोर्ट्स एकेडमी भी चला रहा है।
विज्ञापन
अभी तक वह करीब 50 खिलाड़ियों की फौज तैयार कर चुका है। जो शूटिंग में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत आगे बढ़ते जा रहे हैं। बता दें कि 9 साल की उम्र में दिव्यांग दीपक के पिता का हादसे में निधन हो गया था। मां के लिए बड़ी बेटी सहित तीन बेटों को संभालना आसान नहीं था। जैसे-तैसे बड़ी बेटी का विवाह किया। परिवार में बहन के बाद दीपक बड़े थे। दिव्यांग होने के बाद भी वे परिवार चलाने और पढ़ाई के लिए कुछ न कुछ काम करते रहे। अभी तक दीपक नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 20 गोल्ड मेडल, चार सिल्वर मेडल और तीन कांस्य पदक जीत चुके हैं। इतना ही नहीं वर्ष 2017 में थाइलैंड में आयोजित वर्ल्ड कप में दीपक कांस्य पदक जीत चुका है।
विज्ञापन
भीम अवॉर्ड से भी सम्मानित
दीपक सैनी ने करीब 19 साल पहले शूटिंग में अपना सफर शुरू किया था। उस दौरान प्रैक्टिस के लिए घर पर ही छर्रे वाली बंदूक का सहारा लिया। घर पर ही प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी, लेकिन आर्थिक हालात ऐसे नहीं थे कि इस खेल के लिए बंदूक खरीद सकें, लेकिन दीपक सैनी ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह से बंदूक का बंदोबस्त किया। वह ग्यारह बार नेशनल चैंपियन रहे और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रदेश सरकार ने दीपक सैनी को साल 2018-19 के लिए भीम अवार्ड से सम्मानित करने का फैसला किया है।