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Ambala News: गर्भवतियों की संस्थागत प्रसव पूर्व देखभाल और जांच में गिरावट
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। गर्भवतियों की संस्थागत प्रसव पूर्व देखभाल और उनकी जांच में पिछले वर्ष के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। इसका खुलासा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की रिपोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल संस्थागत प्रसवों के मुकाबले प्रसव पूर्व देखभाल रजिस्ट्रेशन का प्रतिशत पिछले वर्ष में 101 प्रतिशत था। जोकि 2025-26 में गिरकर 54 प्रतिशत ही रह गया।
इसी तरह, कुल प्रसव पूर्व देखभाल जांच में भी गिरावट देखी गई है, जो 2024-25 में 63 प्रतिशत से घटकर वर्तमान में 42 प्रतिशत रह गया। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अच्छी प्रगति भी हुई है, जिन क्षेत्रों में गिरावट हुई है वहां स्थिति को ठीक करने में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है।
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान में आई कमी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्वास्थ्य संकेतकों से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान वर्ष 2024-25 में 17 प्रतिशत थी, लेकिन यह वर्तमान में गिरकर 16 प्रतिशत रह गई। हालांकि अन्य संकेतकों में एनएचएम में अच्छी प्रगति देखने को मिल रही है, इनमें मातृ स्वास्थ्य संकेतक में प्रसव पूर्व देखभाल कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। प्रसव पूर्व देखभाल कवरेज में पिछले वर्ष लक्ष्य अनुरूप 75 प्रतिशत सफलता मिली थी, जबकि वर्ष वर्तमान में यह 109 प्रतिशत की उपलब्धि तक पहुंच गया है, जिसका मतलब है कि लक्ष्य से कहीं अधिक महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल मिली।
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इसी प्रकार गर्भावस्था के पहले तिमाही (12 सप्ताह के भीतर) में प्रसव पूर्व देखभाल पंजीकरण 2024-25 में 83 प्रतिशत के साथ लक्ष्य से अधिक रहा, वहीं वर्ष 2025-26 में यह 85 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो गर्भवतियों की शुरुआती देखभाल सुनिश्चित करने में अच्छी दशा को दिखाता है।
प्रसव पूर्व जांच में भी प्रगति
वे गर्भवती जिन्हें चार या अधिक प्रसव पूर्व जांच मिले, उनकी संख्या वर्ष 2024-25 में 86 प्रतिशत के साथ लक्ष्य से अधिक थी। इस संकेतक में वर्ष 2025-26 में 88 प्रतिशत तक प्रगति हुई, जो यह दिखाता है कि गर्भवती महिलाओं को लगातार और पर्याप्त देखभाल मिल रही है, इसके अलावा एक से दो वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 92 प्रतिशत से घटकर 87 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष की प्रगति
एएनसी कवरेज: अब तक, 2150 का कवरेज हुआ है, जो 109 प्रतिशत की उपलब्धि को दर्शाता है।
एएनसी पंजीकरण (पहले ट्राइमेस्टर में): 1828 पंजीकरण हुए हैं, जो लक्ष्य का 85 प्रतिशत है।
चार या अधिक प्रसवपूर्व जांच : 1892 महिलाओं की जांच हुई, जो लक्ष्य का 88 प्रतिशत है।
संस्थागत प्रसव: 1154 संस्थागत प्रसव हुए हैं, जो लक्ष्य का 54 प्रतिशत है।
सभी प्रसवपूर्व जांच : 1365 चेकअप हुए हैं, जो लक्ष्य का 42 प्रतिशत है।
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान और प्रबंधन: 526 एचआरपी की पहचान हुई है (16 प्रतिशत) और 465 का प्रबंधन हुआ है (88 प्रतिशत)।
पूर्ण टीकाकरण: 1467 बच्चों का टीकाकरण हुआ है, जो लक्ष्य का 87 प्रतिशत है।
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अंबाला सिटी। गर्भवतियों की संस्थागत प्रसव पूर्व देखभाल और उनकी जांच में पिछले वर्ष के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। इसका खुलासा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की रिपोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल संस्थागत प्रसवों के मुकाबले प्रसव पूर्व देखभाल रजिस्ट्रेशन का प्रतिशत पिछले वर्ष में 101 प्रतिशत था। जोकि 2025-26 में गिरकर 54 प्रतिशत ही रह गया।
इसी तरह, कुल प्रसव पूर्व देखभाल जांच में भी गिरावट देखी गई है, जो 2024-25 में 63 प्रतिशत से घटकर वर्तमान में 42 प्रतिशत रह गया। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अच्छी प्रगति भी हुई है, जिन क्षेत्रों में गिरावट हुई है वहां स्थिति को ठीक करने में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है।
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उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान में आई कमी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्वास्थ्य संकेतकों से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान वर्ष 2024-25 में 17 प्रतिशत थी, लेकिन यह वर्तमान में गिरकर 16 प्रतिशत रह गई। हालांकि अन्य संकेतकों में एनएचएम में अच्छी प्रगति देखने को मिल रही है, इनमें मातृ स्वास्थ्य संकेतक में प्रसव पूर्व देखभाल कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। प्रसव पूर्व देखभाल कवरेज में पिछले वर्ष लक्ष्य अनुरूप 75 प्रतिशत सफलता मिली थी, जबकि वर्ष वर्तमान में यह 109 प्रतिशत की उपलब्धि तक पहुंच गया है, जिसका मतलब है कि लक्ष्य से कहीं अधिक महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल मिली।
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इसी प्रकार गर्भावस्था के पहले तिमाही (12 सप्ताह के भीतर) में प्रसव पूर्व देखभाल पंजीकरण 2024-25 में 83 प्रतिशत के साथ लक्ष्य से अधिक रहा, वहीं वर्ष 2025-26 में यह 85 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो गर्भवतियों की शुरुआती देखभाल सुनिश्चित करने में अच्छी दशा को दिखाता है।
प्रसव पूर्व जांच में भी प्रगति
वे गर्भवती जिन्हें चार या अधिक प्रसव पूर्व जांच मिले, उनकी संख्या वर्ष 2024-25 में 86 प्रतिशत के साथ लक्ष्य से अधिक थी। इस संकेतक में वर्ष 2025-26 में 88 प्रतिशत तक प्रगति हुई, जो यह दिखाता है कि गर्भवती महिलाओं को लगातार और पर्याप्त देखभाल मिल रही है, इसके अलावा एक से दो वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 92 प्रतिशत से घटकर 87 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष की प्रगति
एएनसी कवरेज: अब तक, 2150 का कवरेज हुआ है, जो 109 प्रतिशत की उपलब्धि को दर्शाता है।
एएनसी पंजीकरण (पहले ट्राइमेस्टर में): 1828 पंजीकरण हुए हैं, जो लक्ष्य का 85 प्रतिशत है।
चार या अधिक प्रसवपूर्व जांच : 1892 महिलाओं की जांच हुई, जो लक्ष्य का 88 प्रतिशत है।
संस्थागत प्रसव: 1154 संस्थागत प्रसव हुए हैं, जो लक्ष्य का 54 प्रतिशत है।
सभी प्रसवपूर्व जांच : 1365 चेकअप हुए हैं, जो लक्ष्य का 42 प्रतिशत है।
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान और प्रबंधन: 526 एचआरपी की पहचान हुई है (16 प्रतिशत) और 465 का प्रबंधन हुआ है (88 प्रतिशत)।
पूर्ण टीकाकरण: 1467 बच्चों का टीकाकरण हुआ है, जो लक्ष्य का 87 प्रतिशत है।