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Ambala News: बैठक में लिया निर्णय, किसान आईएमटी के लिए नहीं देंगे जमीन
Thu, 08 Jan 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:58 AM IST
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आईएमटी को लेकर नडियाली गांव में गुरुद्वारा साहिब में बैठक करते हुए किसान। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। आईएमटी को लेकर किसानों ने नडियाली गांव के गुरुद्वारा साहिब में बुधवार को अहम बैठक की। यह बैठक भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के नेतृत्व में हुई। बैठक में किसानों ने आईएमटी के लिए जमीन न देने का फैसला लिया। किसानों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने किसानों की बिना सहमति के कोई कदम उठाया तो यूनियन उसका विरोध करते हुए लड़ाई लड़ेगी।
किसान बोले, उन्होंने अपनी मर्जी से जमीन देने की कोई इच्छा नहीं की जाहिर : भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि नडियाली व खैरा के किसानों ने यूनियन को लिखित में संदेश दिया था कि वह आईएमटी के लिए अपनी जमीन को देना नहीं चाहते, इसके बाद किसानों ने यह बैठक रखी, वहीं, बैठक के दौरान किसानों ने कहा कि आईएमटी के लिए वह अपनी जमीन को नहीं देना चाहते हैं। आईएमटी लगने से किसानों को फायदा नहीं होगा।
सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ 1.55 करोड़ देने की बात कही है, यह पैसा तो जमीन के बराबर जरूर है, लेकिन किसानों ने कहा कि यहां आईएमटी न लगाई जाए। किसानों ने यह भी कहा कि नडियाली व खैरा गांव के किसान अपनी जमीन देने के लिए सहमत नहीं है। यह भम्र फैलाया जा रहा है कि किसान आईएमटी के लिए अपनी जमीन देना चाहते हैं, यह झूठ है। किसानों ने अपनी मर्जी से जमीन देने के लिए कोई इच्छा जाहिर नहीं है, वह अपनी जमीन नहीं देना चाहते और न ही किसानों ने पोर्टल पर जमीन देने के लिए चढ़ाई है।
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अंबाला सिटी। आईएमटी को लेकर किसानों ने नडियाली गांव के गुरुद्वारा साहिब में बुधवार को अहम बैठक की। यह बैठक भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के नेतृत्व में हुई। बैठक में किसानों ने आईएमटी के लिए जमीन न देने का फैसला लिया। किसानों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने किसानों की बिना सहमति के कोई कदम उठाया तो यूनियन उसका विरोध करते हुए लड़ाई लड़ेगी।
किसान बोले, उन्होंने अपनी मर्जी से जमीन देने की कोई इच्छा नहीं की जाहिर : भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि नडियाली व खैरा के किसानों ने यूनियन को लिखित में संदेश दिया था कि वह आईएमटी के लिए अपनी जमीन को देना नहीं चाहते, इसके बाद किसानों ने यह बैठक रखी, वहीं, बैठक के दौरान किसानों ने कहा कि आईएमटी के लिए वह अपनी जमीन को नहीं देना चाहते हैं। आईएमटी लगने से किसानों को फायदा नहीं होगा।
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सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ 1.55 करोड़ देने की बात कही है, यह पैसा तो जमीन के बराबर जरूर है, लेकिन किसानों ने कहा कि यहां आईएमटी न लगाई जाए। किसानों ने यह भी कहा कि नडियाली व खैरा गांव के किसान अपनी जमीन देने के लिए सहमत नहीं है। यह भम्र फैलाया जा रहा है कि किसान आईएमटी के लिए अपनी जमीन देना चाहते हैं, यह झूठ है। किसानों ने अपनी मर्जी से जमीन देने के लिए कोई इच्छा जाहिर नहीं है, वह अपनी जमीन नहीं देना चाहते और न ही किसानों ने पोर्टल पर जमीन देने के लिए चढ़ाई है।
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आईएमटी को लेकर नडियाली गांव में गुरुद्वारा साहिब में बैठक करते हुए किसान। प्रवक्ता