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बराड़ा में फैला डायरिया, 50 चपेट में
अंबाला
Updated Mon, 23 Sep 2013 12:08 AM IST
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बराड़ा (अंबाला) के सरकपुर गांव में में डायरिया फैल गया है। अब तक पचास लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। पीड़ितों में एक ही परिवार के कई लोग शामिल हैं।
गांव के सरपंच और उनके पिता भी डायरिया से पीड़ित हो चुके है। चिकित्सकों की टीम ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर प्रभावितों का इलाज शुरू कर दिया है। वहीं, जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने गांव में पहुंचकर पानी के सैंपल लिए और पाइप के लीकेज की जांच की।
शुक्रवार को सबसे हरिजन बस्ती और बाल्मीकि मोहल्ला के कुछ लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। इनमें से कुछ लोगों ने बराड़ा के डा. देसवाल और हरीश मोदगिल से उपचार करवाया।
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शनिवार होते-होते मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। रविवार तक दो मोहल्लों के पचास लोग डायरिया की चपेट में आ गए।
प्रभावित में गांव के सरपंच समय सिंह, उनके परिवार के सदस्य, बरखा राम, रवि, अशोक, संजीव, राजू, बंटी, राजेश, बरखा रानी समेत दर्जनों लोग प्रभावित हैं।
बराड़ा के चिकित्सक डा. रंधीर देसवाल ने बताया कि सरकपुर गांव के कुछ घरों के पूरा परिवार ही डायरिया से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि पीने के पानी की वजह से ही पेट में संक्रमण हुआ है।
सरपंच समय सिंह ने बताया कि उल्टी-दस्त के मरीज अचानक बढ़ने पर मुलाना सीएचसी में इसकी सूचना दे दी गई जिसके बाद चिकित्सकों की टीम तुरंत गांव में पहुंची और बीमार लोगों का उपचार किया। अधिकतर मरीजों इलाज सीएचसी मुलाना में चल रहा है।
टूटी का पानी पीने पर रोक
डायरिया फैलने की खबर मिलते ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांव में जाकर पानी का सैंपल लिया और पाइप लीकेज की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टूटियों का पानी पीने पर रोक लगा दी है। और पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।
स्थिति नियंत्रण में: डा. राणा
मुलाना के सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डा. कुलदीप राणा ने बताया कि गांव सरकपुर में डायरिया के पचास के संख्या में मरीज मिले हैं। गांव से सूचना मिलने पर स्वास्थ्य महकमे की टीम उपचार के लिए पहुंच गई है। शायद कुछ हिस्से में लीकेज वगैरह के चलते पानी दूषित हो गया हो। स्थिति अब नियंत्रण में है।
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गांव के सरपंच और उनके पिता भी डायरिया से पीड़ित हो चुके है। चिकित्सकों की टीम ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर प्रभावितों का इलाज शुरू कर दिया है। वहीं, जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने गांव में पहुंचकर पानी के सैंपल लिए और पाइप के लीकेज की जांच की।
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शुक्रवार को सबसे हरिजन बस्ती और बाल्मीकि मोहल्ला के कुछ लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। इनमें से कुछ लोगों ने बराड़ा के डा. देसवाल और हरीश मोदगिल से उपचार करवाया।
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शनिवार होते-होते मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। रविवार तक दो मोहल्लों के पचास लोग डायरिया की चपेट में आ गए।
प्रभावित में गांव के सरपंच समय सिंह, उनके परिवार के सदस्य, बरखा राम, रवि, अशोक, संजीव, राजू, बंटी, राजेश, बरखा रानी समेत दर्जनों लोग प्रभावित हैं।
बराड़ा के चिकित्सक डा. रंधीर देसवाल ने बताया कि सरकपुर गांव के कुछ घरों के पूरा परिवार ही डायरिया से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि पीने के पानी की वजह से ही पेट में संक्रमण हुआ है।
सरपंच समय सिंह ने बताया कि उल्टी-दस्त के मरीज अचानक बढ़ने पर मुलाना सीएचसी में इसकी सूचना दे दी गई जिसके बाद चिकित्सकों की टीम तुरंत गांव में पहुंची और बीमार लोगों का उपचार किया। अधिकतर मरीजों इलाज सीएचसी मुलाना में चल रहा है।
टूटी का पानी पीने पर रोक
डायरिया फैलने की खबर मिलते ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांव में जाकर पानी का सैंपल लिया और पाइप लीकेज की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टूटियों का पानी पीने पर रोक लगा दी है। और पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।
स्थिति नियंत्रण में: डा. राणा
मुलाना के सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डा. कुलदीप राणा ने बताया कि गांव सरकपुर में डायरिया के पचास के संख्या में मरीज मिले हैं। गांव से सूचना मिलने पर स्वास्थ्य महकमे की टीम उपचार के लिए पहुंच गई है। शायद कुछ हिस्से में लीकेज वगैरह के चलते पानी दूषित हो गया हो। स्थिति अब नियंत्रण में है।