{"_id":"5d76b0aa8ebc3e93d47d5c8c","slug":"curruption-ambala-news-knl46143192","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओरियन स्टार कंपनी की सुपरवाइजर पर गिरी गाज, टर्मिनेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओरियन स्टार कंपनी की सुपरवाइजर पर गिरी गाज, टर्मिनेट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में करीब नौ दिन पूर्व उजागर हुए सनसनीखेज घूसखोरी प्रकरण में ओरियन स्टार कंपनी ने अपने ही सुपरवाइजर राहुल को स्वास्थ्य विभाग को मेल कर टर्मिनेट कर दिया। ऐसे में सुपरवाइजर संजीव की जगह दिनेश तथा राहुल की जगह गुरविंदर को सुपरवाइजर का कार्यभार सौंपा गया है। पकड़े जाने की आशंका के चलते अस्पताल के करीब आठ कर्मी ड्यूटी से नदारद हैं। सभी को अब्सेंट मार्क किया है। पीएमओ ऑफिस द्वारा एजेंसी की कार्यशैली को खराब बताकर ठेका रद्द करने की सिफारिश की रिपोर्ट रविवार डीजी हेल्थ को भेजी जा चुकी है। मामले में डिप्टी सीएमओ एवं आउट सोर्सिंग अधिकारी डा. पवन चौधरी सोमवार को डीजी से मिलने पहुंचे। पानीपत वासी फरार ठेकेदार पुनीत अत्री व अलाउद्दीन माजरा वासी फील्ड ऑफिसर राजकुमार की तलाश में विजिलेंस की दबिश जारी है। बीती 31 अगस्त को यमुनानगर वासी राजेश को ओटी सहायक लगाने की एवज में 30 हजार रिश्वत लेते कौला के संजीव को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने रंगेहाथ पकड़ा था। पीएमओ आफिस के सहायक अकाउंटेंट हरदीप राणा को भी न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जानकारी के अनुसार बहुचर्चित मामले में ओरियन कंपनी ने अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए राहुल को पद से हटा दिया। ठेका रद्द करने के लिए डीजी हेल्थ से आदेशों का इंतजार है। बता दें कि आउट सोर्सिंग कर्मी को लगाने व हटाने का अधिकार केवल कंपनी के हाथों में है।
ऐसे चला घटनाक्रम
- पैसे लेते पकड़े गए संजीव ने अपनी पूछताछ में हरदीप सिंह, राजकुमार व पुनीत अत्री का भी जिक्र किया। हरदीप को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में कुछ अन्य कर्मियों व महिला सिक्योरिटी गार्ड के भी नाम सामने आए, जिन्होंने पैसे का लेनदेन किया या कराया। फरार आरोपियों के संपर्क में हैं। उनकी सहायता कर रहे हैं।
डीजी हेल्थ को भेजी रिपोर्ट के जवाब का इंतजार : सीएमओ
सीएमओ डा. गोविंद राव गुप्ता केे अनुसार पीएमओ आफिस ने ओरियन कंपनी की कार्यशाली खराब की रिपोर्ट भेजकर ठेका रद्द करने वाली सिफारिश की थी। रविवार को रिपोर्ट डीजी हेल्थ को भेज दी है। अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। डिप्टी सीएमओ डा. पवन को हेड क्वाटर में बुलाया नहीं गया था बल्कि वे खुद वहां गए थे। रिपोर्ट आने के बाद ही विभागीय कार्रवाई पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में करीब नौ दिन पूर्व उजागर हुए सनसनीखेज घूसखोरी प्रकरण में ओरियन स्टार कंपनी ने अपने ही सुपरवाइजर राहुल को स्वास्थ्य विभाग को मेल कर टर्मिनेट कर दिया। ऐसे में सुपरवाइजर संजीव की जगह दिनेश तथा राहुल की जगह गुरविंदर को सुपरवाइजर का कार्यभार सौंपा गया है। पकड़े जाने की आशंका के चलते अस्पताल के करीब आठ कर्मी ड्यूटी से नदारद हैं। सभी को अब्सेंट मार्क किया है। पीएमओ ऑफिस द्वारा एजेंसी की कार्यशैली को खराब बताकर ठेका रद्द करने की सिफारिश की रिपोर्ट रविवार डीजी हेल्थ को भेजी जा चुकी है। मामले में डिप्टी सीएमओ एवं आउट सोर्सिंग अधिकारी डा. पवन चौधरी सोमवार को डीजी से मिलने पहुंचे। पानीपत वासी फरार ठेकेदार पुनीत अत्री व अलाउद्दीन माजरा वासी फील्ड ऑफिसर राजकुमार की तलाश में विजिलेंस की दबिश जारी है। बीती 31 अगस्त को यमुनानगर वासी राजेश को ओटी सहायक लगाने की एवज में 30 हजार रिश्वत लेते कौला के संजीव को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने रंगेहाथ पकड़ा था। पीएमओ आफिस के सहायक अकाउंटेंट हरदीप राणा को भी न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जानकारी के अनुसार बहुचर्चित मामले में ओरियन कंपनी ने अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए राहुल को पद से हटा दिया। ठेका रद्द करने के लिए डीजी हेल्थ से आदेशों का इंतजार है। बता दें कि आउट सोर्सिंग कर्मी को लगाने व हटाने का अधिकार केवल कंपनी के हाथों में है।
ऐसे चला घटनाक्रम
- पैसे लेते पकड़े गए संजीव ने अपनी पूछताछ में हरदीप सिंह, राजकुमार व पुनीत अत्री का भी जिक्र किया। हरदीप को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में कुछ अन्य कर्मियों व महिला सिक्योरिटी गार्ड के भी नाम सामने आए, जिन्होंने पैसे का लेनदेन किया या कराया। फरार आरोपियों के संपर्क में हैं। उनकी सहायता कर रहे हैं।
विज्ञापन
डीजी हेल्थ को भेजी रिपोर्ट के जवाब का इंतजार : सीएमओ
सीएमओ डा. गोविंद राव गुप्ता केे अनुसार पीएमओ आफिस ने ओरियन कंपनी की कार्यशाली खराब की रिपोर्ट भेजकर ठेका रद्द करने वाली सिफारिश की थी। रविवार को रिपोर्ट डीजी हेल्थ को भेज दी है। अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। डिप्टी सीएमओ डा. पवन को हेड क्वाटर में बुलाया नहीं गया था बल्कि वे खुद वहां गए थे। रिपोर्ट आने के बाद ही विभागीय कार्रवाई पूरी की जाएगी।
विज्ञापन