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Haryana: अंबाला पुलिस के हत्थे चढ़ा पेपर सॉल्वर गैंग, 11 लोगों को पेपर लीक करवाते दबोचा

Sun, 19 Feb 2023 11:46 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 19 Feb 2023 11:46 PM IST
सार

केंद्रीय विद्यालय संगठन में पीजीटी प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए 18 फरवरी को पेपर हुआ था। आरोपियों को सार्थिक आईटीआई में किराये पर लिए गए कंप्यूटर सेंटर से दबोचा।

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Paper solver gang arrested by Ambala police, 11 people caught leaking paper
पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय विद्यालय संगठन में पीजीटी प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन परीक्षा करवाने वाला पेपर सॉल्वर गैंग अंबाला पुलिस के हत्थे चढ़ा है। गैंग से जुड़े 11 आरोपियों को पुलिस ने शहर के हिसार रोड स्थित सार्थिक आईटीआई में किराये पर लिए गए कंप्यूटर सेंटर से दबोचा। सीआईए टीम ने गुप्ता सूचना के आधार पर 18 फरवरी को सेंटर पर छापामारी की थी।

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पकड़े गए शातिर अपने-अपने मोबाइलों के जरिये लिंक को दूसरे स्थानों पर बैठे अपने साथियों को भेज रहे थे। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वह पेपर को एएमएमवाईवाई एडमिन सॉफ्टवेयर नाम के रिमोट सर्वर द्वारा सॉल्व करवा रहे थे। पात्रता परीक्षा का पेपर देने आए आवेदकों के साथ मिलीभगत व मोटी रकम वसूलकर यह गैंग काम कर रहा था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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आरोपियों की पहचान सोनीपत के बड़ा गांव निवासी हरदीप सिंह, झज्जर के कुंजईया गांव निवासी नितेश कुमार, भिवानी के चांग गांव निवासी कुलदीप, मनजीत सिंह, विनोद, हरीश और उधमपुर निवासी सुरेंद्र, जींद के कंबास गांव निवासी धीरज, पानीपत के पाथरी गांव निवासी अनिल मलिक, करनाल के शेखपुरा गांव निवासी विकास कल्यान व राजस्थान के गोहाला गांव निवासी राम अवतार के रूप में हुई।
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एक लाख रुपये में किराये पर ली थी कंप्यूटर लैब
शातिर गैंग ने करीब एक माह पहले ही सार्थिक आईटीआई में सेंटर का कुछ हिस्सा किराये पर लिया था। आईटीआई के प्राचार्य गुरविंद्र सिंह ने बताया कि उनका इस सेंटर से कोई जुड़ाव नहीं है। कुलदीप को यह लैब करीब एक लाख रुपये में किराये पर दी गई थी। पहले आईटीआई का कुछ ही हिस्सा लिया था और उसका किराया कम था। बाद में और हिस्सा भी किराये पर लिया था। इस लैब में करीब 280 आवेदकों के बैठने की व्यवस्था थी।

मोटी रकम लेकर पेपर करवाए जा रहे थे सॉल्व
पुलिस ने बताया कि काफी आवेदकों से मोटी रकम लेकर मिलीभगत से सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर पेपर सॉल्व करवाते थे। वह सॉफ्टवेयर की मदद से सेंटर पर बैठकर किसी अन्य केंद्रों पर पेपर दे रहे आवेदकों के पहले कोड को रिसैट करवाकर दोबारा अन्य कोड से पेपर खुलवाकर मोबाइल से लिंक भेजकर पेपर साल्व करवा रहे थे। कार्रवाई के दौरान महिला थाना प्रभारी एसआई सुरेंद्र कौर व सीआईए की टीमें शामिल थी। बताया जाता है कि पुलिस कुछ युवक व युवतियों को अपने साथ ले गई थी लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।


सेंटर के कमरे में बैठे व्यक्ति मोबाइल से भेज रहे थे लिंक
पुलिस ने नसीरपुर हिसार रोड स्थित आईटीआई में किराये पर खुले सेंटर पर छापामरी की तो उन्होंने मेन गेट के पास ही कमरे में गैंग के लोगों को दबोचा। वह अपने-अपने मोबाइल से लिंक दूसरे स्थानों पर बैठे अपने साथियों को भेजकर पेपर सॉल्व करवा रहे थे। पुलिस ने सभी के पास से मोबाइल सहित अन्य सामान बरामद किया।

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