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पड़ोसी भाई-बहन ने की महिला की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:49 AM IST
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रविवार को हाथ पांव बांधकर विवाहिता को नरवाना ब्रांच नहर में फेंकने के मामले में मृतक विवाहिता की शिनाख्त हो गई है। मृतका पंजाब के लुधियाना स्थित नानकसर मोहल्ले की रहने वाली थी और शिमलापुरी में ब्यूटीक चलाती थी। लेकिन विगत दिवस इस महिला का पड़ोस में रहने वाले भाई-बहन ने अपने दो साथियों के साथ अपहरण कर लिया और उसे नरवाना ब्रांच नहर में फेंक दिया।
वहीं पंजाब इलाके से ही महिला का शव बहता हुई अंबाला सिटी के जनसूई इलाके में पहुंच गया। अंबाला स्थित नग्गल पुलिस ने दो विशेष टीमें पंजाब में इसी महिला की शिनाख्त के लिए गई हुई थी। सोमवार को इस टीम को उस वक्त बड़ी कामयाबी मिल गई, जब लुधियाना के शिमलापुरी पुलिस ने महिला की शिनाख्त कर ली। सोमवार को महिला के पति व अन्य परिजन अंबाला पहुंचे। सिटी सिविल अस्पताल में महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंप दिया गया।
सरहिंद के पास विवाहिता का शव नहर में फेंका था
दरअसल, विवाहिता का शिमलापुरी इलाके में एक ब्यूटिक है। विवाहिता हरजिंद्र कौर देरशाम अपना ब्यूटिक बंद कर अपने नानकसर मोहल्ला स्थित घर की ओर जा रही थी। तभी एक चौपहिया वाहन ने उसकी स्कूटी पर हल्की टक्कर मारी। महिला अनियंत्रित हो गई। उसके बाद भाई-बहन और दो अन्य आरोपियों ने महिला को अपनी गाड़ी में बिठाया और उसे लेकर लुधियाना से सरहिंद की ओर चल दिए। गाड़ी में ही महिला से बुरी तरह से मारपीट की गई और फिर उसे मारकर सरहिंद के आसपास भाखड़ा नहर से अलग होकर हरियाणा की ओर जा रही नरवाना ब्रांच नहर में फैंक दिया गया। महिला के हाथ और पांव दोनों बांध दिए गए। वहीं से बहते हुए ये शव अंबाला सिटी जनसूई इलाके में पहुंच गया। गांव कलेरां के पास एक गोताखोर ने शव को देखा और उसे बाहर निकाला और नग्गल पुलिस को इसकी सूचना दी। तभी से नग्गल पुलिस महिला के शव की शिनाख्त कर रही थी और अंतत: मृतक विवाहिता की शिनाख्त कर ली गई।
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पड़ौसन से थी रंजिश, इसलिए रची साजिश
अभी तक जो जांच सामने आई है, उसके मुताबिक मरने वाली महिला हरजिंद्र कौर की पड़ौस में रहने वाली दलजीत कौर एक संदिग्ध वजह को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी संदिग्ध वजह के चलते दोनों महिलाओं में इतनी ज्यादा रंजिश पैदा हो गई कि दलजीत कौर ने अपने चचेरे भाई गुरजीत सिंह व अपने जानकार बलविंद्र सिंह के साथ मिलकर हरजिंद्र कौर की हत्या की साजिश रची। दलजीत कौर, गुरजीत सिंह, बलविंद्र सिंह ने अपने साथ एक अन्य साथी अरूण कुमार को भी लिया और फिर हरजिंद्र कौर का अपहरण कर उसकी हत्या कर उसे नहर में फैंक दिया। जांच में ये भी सामने आ रही है कि अपहरण की वजह फिरौती मांगना नहीं थी और न ही आरोपियों ने अपहरण के बाद मृतक विवाहिता के परिजनों से संपर्क कर किसी प्रकार की रंगदारी की मांग की। केवल दलजीत कौर और हरजिंद्र कौर के बीच एक संगीन संदिग्ध वजह की वजह से पैदा हुई रंजिश ही इस अपहरण और हत्या का बड़ा कारण बनी।
गाड़ी प लगाया अंबाला की बाइक का फर्जी नंबर
चारो आरोपियों ने बड़े ही शातिर तरीके से मृतका के अपहरण और हत्या की साजिश रची थी। नहर में फैंकने के बाद मृतका शव जल्दी ऊपर न आए, इसके लिए बकायदा शव के हाथ और पांव को बांधा गया। इतना ही नहीं जिस गाड़ी में महिला का अपहरण गया। उसका नंबर भी फर्जी लगाया गया। लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था। दरअसल, आरोपियों ने अपनी गाड़ी पर अंबाला का फर्जी नंबर अंकित करवाया। ताकि यदि उन्हे महिला का अपहरण करते या फिर उसे मारकर नहर में फैंकते देख ले तो वे गाड़ी का फर्जी नंबर ही नोट करे। पुलिस यदि उस नंबर को ढूंढे तो वे फर्जी नंबर वाले को ही तलाश करे। हुआ भी यही, पुलिस को एक संदिग्ध कार का नंबर मिल गया था। इसी संदिग्ध कार में महिला का अपहरण भी हुआ था। लेकिन जब इस कार पर लगे अंबाला के फर्जी नंबर की तलाश की गई तो ये नंबर एक आर्मी में सेवारत जवान की बाइक का निकला। तभी पुलिस समझ गई थी कि ये नंबर तो बाइक का है, लेकिन ये उस संदिग्ध कार पर कैसे अंकित हो सकता है? तभी पुलिस का माथा ठनका और उन्होंने विवाहिता के परिजनों ने महिला से रंजिश रखने वाले लोगों के बारे में पूछताछ करनी शुरू कर दी। परिजनों के कहने पर ही जब पड़ौस में रहने वाली महिला से पूछताछ की गई तो पुलिस की थोड़ी सख्ती के आगे सारी कहानी सामने आ गई।
महिला की शिनाख्त हो गई है। वो लुधियाना की रहने वाली थी। अंबाला पुलिस ने शव को लुधियाना पुलिस के हवाले कर दिया है। लुधियाना पुलिस ही अब इस मामले में आगामी कार्रवाई करेगी।
-रघुबीर सिंह, एसएचओ थाना नग्गल, अंबाला
इस मामले में लुधियाना के चचेरे भाई बहन दलजीत कौर और गुरजीत सिंह ने बलविंद्र और अरूण के साथ मिलकर अपहरण और हत्या की साजिश रची थी। एक संदिग्ध बड़ी वजह की वजह से मृतका और दलजीत कौर में रंजिश चल रही थी। इसलिए विवाहिता को मारने की प्लानिंग की गई। कार में फर्जी नंबर लगाकर मारकर उसे नरवाना ब्रांच नहर में फैंक दिया गया था। दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
-इंस्पेक्टर गुरबचन सिंह, एसएचओ, शिमलापुरी थाना, लुधियाना
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वहीं पंजाब इलाके से ही महिला का शव बहता हुई अंबाला सिटी के जनसूई इलाके में पहुंच गया। अंबाला स्थित नग्गल पुलिस ने दो विशेष टीमें पंजाब में इसी महिला की शिनाख्त के लिए गई हुई थी। सोमवार को इस टीम को उस वक्त बड़ी कामयाबी मिल गई, जब लुधियाना के शिमलापुरी पुलिस ने महिला की शिनाख्त कर ली। सोमवार को महिला के पति व अन्य परिजन अंबाला पहुंचे। सिटी सिविल अस्पताल में महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंप दिया गया।
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सरहिंद के पास विवाहिता का शव नहर में फेंका था
दरअसल, विवाहिता का शिमलापुरी इलाके में एक ब्यूटिक है। विवाहिता हरजिंद्र कौर देरशाम अपना ब्यूटिक बंद कर अपने नानकसर मोहल्ला स्थित घर की ओर जा रही थी। तभी एक चौपहिया वाहन ने उसकी स्कूटी पर हल्की टक्कर मारी। महिला अनियंत्रित हो गई। उसके बाद भाई-बहन और दो अन्य आरोपियों ने महिला को अपनी गाड़ी में बिठाया और उसे लेकर लुधियाना से सरहिंद की ओर चल दिए। गाड़ी में ही महिला से बुरी तरह से मारपीट की गई और फिर उसे मारकर सरहिंद के आसपास भाखड़ा नहर से अलग होकर हरियाणा की ओर जा रही नरवाना ब्रांच नहर में फैंक दिया गया। महिला के हाथ और पांव दोनों बांध दिए गए। वहीं से बहते हुए ये शव अंबाला सिटी जनसूई इलाके में पहुंच गया। गांव कलेरां के पास एक गोताखोर ने शव को देखा और उसे बाहर निकाला और नग्गल पुलिस को इसकी सूचना दी। तभी से नग्गल पुलिस महिला के शव की शिनाख्त कर रही थी और अंतत: मृतक विवाहिता की शिनाख्त कर ली गई।
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पड़ौसन से थी रंजिश, इसलिए रची साजिश
अभी तक जो जांच सामने आई है, उसके मुताबिक मरने वाली महिला हरजिंद्र कौर की पड़ौस में रहने वाली दलजीत कौर एक संदिग्ध वजह को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी संदिग्ध वजह के चलते दोनों महिलाओं में इतनी ज्यादा रंजिश पैदा हो गई कि दलजीत कौर ने अपने चचेरे भाई गुरजीत सिंह व अपने जानकार बलविंद्र सिंह के साथ मिलकर हरजिंद्र कौर की हत्या की साजिश रची। दलजीत कौर, गुरजीत सिंह, बलविंद्र सिंह ने अपने साथ एक अन्य साथी अरूण कुमार को भी लिया और फिर हरजिंद्र कौर का अपहरण कर उसकी हत्या कर उसे नहर में फैंक दिया। जांच में ये भी सामने आ रही है कि अपहरण की वजह फिरौती मांगना नहीं थी और न ही आरोपियों ने अपहरण के बाद मृतक विवाहिता के परिजनों से संपर्क कर किसी प्रकार की रंगदारी की मांग की। केवल दलजीत कौर और हरजिंद्र कौर के बीच एक संगीन संदिग्ध वजह की वजह से पैदा हुई रंजिश ही इस अपहरण और हत्या का बड़ा कारण बनी।
गाड़ी प लगाया अंबाला की बाइक का फर्जी नंबर
चारो आरोपियों ने बड़े ही शातिर तरीके से मृतका के अपहरण और हत्या की साजिश रची थी। नहर में फैंकने के बाद मृतका शव जल्दी ऊपर न आए, इसके लिए बकायदा शव के हाथ और पांव को बांधा गया। इतना ही नहीं जिस गाड़ी में महिला का अपहरण गया। उसका नंबर भी फर्जी लगाया गया। लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था। दरअसल, आरोपियों ने अपनी गाड़ी पर अंबाला का फर्जी नंबर अंकित करवाया। ताकि यदि उन्हे महिला का अपहरण करते या फिर उसे मारकर नहर में फैंकते देख ले तो वे गाड़ी का फर्जी नंबर ही नोट करे। पुलिस यदि उस नंबर को ढूंढे तो वे फर्जी नंबर वाले को ही तलाश करे। हुआ भी यही, पुलिस को एक संदिग्ध कार का नंबर मिल गया था। इसी संदिग्ध कार में महिला का अपहरण भी हुआ था। लेकिन जब इस कार पर लगे अंबाला के फर्जी नंबर की तलाश की गई तो ये नंबर एक आर्मी में सेवारत जवान की बाइक का निकला। तभी पुलिस समझ गई थी कि ये नंबर तो बाइक का है, लेकिन ये उस संदिग्ध कार पर कैसे अंकित हो सकता है? तभी पुलिस का माथा ठनका और उन्होंने विवाहिता के परिजनों ने महिला से रंजिश रखने वाले लोगों के बारे में पूछताछ करनी शुरू कर दी। परिजनों के कहने पर ही जब पड़ौस में रहने वाली महिला से पूछताछ की गई तो पुलिस की थोड़ी सख्ती के आगे सारी कहानी सामने आ गई।
महिला की शिनाख्त हो गई है। वो लुधियाना की रहने वाली थी। अंबाला पुलिस ने शव को लुधियाना पुलिस के हवाले कर दिया है। लुधियाना पुलिस ही अब इस मामले में आगामी कार्रवाई करेगी।
-रघुबीर सिंह, एसएचओ थाना नग्गल, अंबाला
इस मामले में लुधियाना के चचेरे भाई बहन दलजीत कौर और गुरजीत सिंह ने बलविंद्र और अरूण के साथ मिलकर अपहरण और हत्या की साजिश रची थी। एक संदिग्ध बड़ी वजह की वजह से मृतका और दलजीत कौर में रंजिश चल रही थी। इसलिए विवाहिता को मारने की प्लानिंग की गई। कार में फर्जी नंबर लगाकर मारकर उसे नरवाना ब्रांच नहर में फैंक दिया गया था। दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
-इंस्पेक्टर गुरबचन सिंह, एसएचओ, शिमलापुरी थाना, लुधियाना