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अहम गवाह मुकरा, पूर्व सीपीएस गुज्जर अदालत में पेश
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:54 AM IST
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युवक पंकज उर्फ सन्नी खन्ना आत्महत्या कांड में फंसे पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) एवं नारायणगढ़ के पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर सोमवार को अदालत में पेश हुए। उन्होंने अंबाला के अतिरिक्त जिला सेशन कोर्ट में अपनी हाजिरी लगाई।
दूसरी ओर, इस मामले में एक अहम गवाह भी अपनी गवाही से मुकर गया है। इसके चलते पीड़ित पक्ष के वकील अनिल कौशिक ने इसे गलत करार देते हुए अदालत से अपील की कि संबंधित गवाह को फिर से अदालत में बुलवाया जाए, क्योंकि गवाह का मुकरना संदेहास्पद है। फिलहाल इस मामले में सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
दरअसल, अदालत में क्रास एग्जामिनेशन के दौरान इस केस का वो अहम गवाह मुकर गया, जिसने मृतक पंकज के मरने से पहले बयान दर्ज किए थे। एडवोकेट अनिल कौशिक ने कहा कि ये गवाह एक एएसआई था और उसने पहले अदालत को बताया था पंकज ने मरने से पहले आरोपियों को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेवार बताया था।
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कौशिक ने कहा कि जब तक एएसआई पुलिस ड्यूटी में रहा, तब तक तो वह अपने बयानों पर अडिग रहा, लेकिन अब पुलिस महकमे से रिटायर्ड होने के बाद क्रास एग्जामिनेशन में वह गवाही से मुकर गया और अब उसका कहना है कि पंकज के परिजनों ने ये बयान उससे दबाव देकर दिलवाए थे।
अनिल कौशिक ने बताया कि अदालत से आग्रह किया गया है कि इस गवाह को दोबारा समन कर अदालत में बुलाया जाए, ताकि उससे इसी विषय पर जिरह की जा सके। इस अहम केस में गवाह का यूं मुकरजाना संदेहस्पद है। दूसरा, इस मामले में अभी और भी गवाह है, जिनकी गवाही अदालत में होनी है। अदालत गवाह को दोबारा अदालत में बुलाएगी या नहीं, इस पर फैसला अगली तारीख को सुनाया जाएगा, जबकि अगली तारीख पर अन्य गवाहों की गवाही भी होगी।
यह है मामला
जून 2009 में एक युवक पंकज खन्ना पुत्र यशपाल खन्ना ने संदिग्ध परिस्थितियों में सल्फास का सेवन कर लिया था। उसे सिविल अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया। मरने से पहले पंकज ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें उसने पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन गुज्जर व उनके समर्थकों विजय अग्रवाल उर्फ मैक्की व अजीत अग्रवाल को अपनी आत्महत्या की वजह बताया था। पीड़ित पक्ष के वकील अनिल कौशिक बताते हैं कि सुसाइड नोट में पंकज ने बताया कि वह पहले गुज्जर का ही समर्थक था, पर बाद में उसके मामा बसपा में चले गए, तो वह भी उनके साथ शिफ्ट हो गया। इसी बात को गुज्जर और उनके समर्थक उससे नाराज थे। वकील के अनुसार मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा था कि गुज्जर के कहने पर अन्य आरोपियों ने उसे पीटा और उसे झूठे मामले में भी फंसाया। इतना ही नहीं जब वह पुलिस स्टेशन उनकी शिकायत करने गया तो पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की और आरोपियों ने थाने में भी आकर उसे बुरी तरह पीटा। इसलिए मृतक ने पूर्व विधायक समेत तीन आरोपियों का नाम सुसाइड नोट लिखते हुए तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
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दूसरी ओर, इस मामले में एक अहम गवाह भी अपनी गवाही से मुकर गया है। इसके चलते पीड़ित पक्ष के वकील अनिल कौशिक ने इसे गलत करार देते हुए अदालत से अपील की कि संबंधित गवाह को फिर से अदालत में बुलवाया जाए, क्योंकि गवाह का मुकरना संदेहास्पद है। फिलहाल इस मामले में सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
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दरअसल, अदालत में क्रास एग्जामिनेशन के दौरान इस केस का वो अहम गवाह मुकर गया, जिसने मृतक पंकज के मरने से पहले बयान दर्ज किए थे। एडवोकेट अनिल कौशिक ने कहा कि ये गवाह एक एएसआई था और उसने पहले अदालत को बताया था पंकज ने मरने से पहले आरोपियों को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेवार बताया था।
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कौशिक ने कहा कि जब तक एएसआई पुलिस ड्यूटी में रहा, तब तक तो वह अपने बयानों पर अडिग रहा, लेकिन अब पुलिस महकमे से रिटायर्ड होने के बाद क्रास एग्जामिनेशन में वह गवाही से मुकर गया और अब उसका कहना है कि पंकज के परिजनों ने ये बयान उससे दबाव देकर दिलवाए थे।
अनिल कौशिक ने बताया कि अदालत से आग्रह किया गया है कि इस गवाह को दोबारा समन कर अदालत में बुलाया जाए, ताकि उससे इसी विषय पर जिरह की जा सके। इस अहम केस में गवाह का यूं मुकरजाना संदेहस्पद है। दूसरा, इस मामले में अभी और भी गवाह है, जिनकी गवाही अदालत में होनी है। अदालत गवाह को दोबारा अदालत में बुलाएगी या नहीं, इस पर फैसला अगली तारीख को सुनाया जाएगा, जबकि अगली तारीख पर अन्य गवाहों की गवाही भी होगी।
यह है मामला
जून 2009 में एक युवक पंकज खन्ना पुत्र यशपाल खन्ना ने संदिग्ध परिस्थितियों में सल्फास का सेवन कर लिया था। उसे सिविल अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया। मरने से पहले पंकज ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें उसने पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन गुज्जर व उनके समर्थकों विजय अग्रवाल उर्फ मैक्की व अजीत अग्रवाल को अपनी आत्महत्या की वजह बताया था। पीड़ित पक्ष के वकील अनिल कौशिक बताते हैं कि सुसाइड नोट में पंकज ने बताया कि वह पहले गुज्जर का ही समर्थक था, पर बाद में उसके मामा बसपा में चले गए, तो वह भी उनके साथ शिफ्ट हो गया। इसी बात को गुज्जर और उनके समर्थक उससे नाराज थे। वकील के अनुसार मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा था कि गुज्जर के कहने पर अन्य आरोपियों ने उसे पीटा और उसे झूठे मामले में भी फंसाया। इतना ही नहीं जब वह पुलिस स्टेशन उनकी शिकायत करने गया तो पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की और आरोपियों ने थाने में भी आकर उसे बुरी तरह पीटा। इसलिए मृतक ने पूर्व विधायक समेत तीन आरोपियों का नाम सुसाइड नोट लिखते हुए तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।