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एसएससी में नौकरी लगवाने के नाम पर 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर शहर निवासी एक व्यक्ति से झज्जर निवासी ने 90 लाख रुपये ठगी लिए। जब पीड़ित को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ तो उसने सदर थाना पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने मामले में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-10 निवासी संदीप राणा ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह झज्जर के गांव खुड्डन निवासी बबरे भान को जानता था। करीब तीन वर्ष पूर्व बबरे भान उसके पास आया और कहा कि उसकी एसएससी के डायरेक्टर से जान-पहचान है। बबरे भान ने संदीप से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 90 लाख रुपये मांगे। संदीप ने बताया कि उसने इस पर बबरे को 90 लाख रुपये कैश देने पर सिक्योरिटी चेक देने की बात कही। संदीप ने बताया कि बात तय होने पर उसने आरोपियों को 10 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से व 80 लाख रुपये कैश दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने उसे 90 लाख रुपये का सिक्योरिटी चेक दे दिया। संदीप ने बताया कि इसके बाद आरोपी उसे समय-समय पर सरकारी चिट्ठियां देते रहे। काफी समय बीतने पर जब उसने एसएससी में जाकर इसकी जांच की तो पता चला कि वे सारी चिट्ठियां फर्जी हैं। ठगी का अहसास होने पर वह बबरे भान, उसके भाई सहदेव, युधिष्ठिर और उनके पिता रमफल के पास गया। इस पर उसे नौकरी लगवाने व रुपये लौटाने के झूठे आश्वासन मिलते रहे। संदीप राणा ने इसकी शिकायत सदर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आरोपी बबरे भान, रामफल, सहदेव और युधिष्ठिर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अंबाला सिटी। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर शहर निवासी एक व्यक्ति से झज्जर निवासी ने 90 लाख रुपये ठगी लिए। जब पीड़ित को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ तो उसने सदर थाना पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने मामले में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-10 निवासी संदीप राणा ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह झज्जर के गांव खुड्डन निवासी बबरे भान को जानता था। करीब तीन वर्ष पूर्व बबरे भान उसके पास आया और कहा कि उसकी एसएससी के डायरेक्टर से जान-पहचान है। बबरे भान ने संदीप से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 90 लाख रुपये मांगे। संदीप ने बताया कि उसने इस पर बबरे को 90 लाख रुपये कैश देने पर सिक्योरिटी चेक देने की बात कही। संदीप ने बताया कि बात तय होने पर उसने आरोपियों को 10 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से व 80 लाख रुपये कैश दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने उसे 90 लाख रुपये का सिक्योरिटी चेक दे दिया। संदीप ने बताया कि इसके बाद आरोपी उसे समय-समय पर सरकारी चिट्ठियां देते रहे। काफी समय बीतने पर जब उसने एसएससी में जाकर इसकी जांच की तो पता चला कि वे सारी चिट्ठियां फर्जी हैं। ठगी का अहसास होने पर वह बबरे भान, उसके भाई सहदेव, युधिष्ठिर और उनके पिता रमफल के पास गया। इस पर उसे नौकरी लगवाने व रुपये लौटाने के झूठे आश्वासन मिलते रहे। संदीप राणा ने इसकी शिकायत सदर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आरोपी बबरे भान, रामफल, सहदेव और युधिष्ठिर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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