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बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती, मौसा की हवस का शिकार बनी बच्ची
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
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बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती, मौसा की हवस का शिकार बनी बच्ची
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। बच्चे उठाकर ले जाने के डर से पश्चिम बंगाल की रहने वाली महिला ने अंबाला स्थित अपने रिश्तेदारों को हमदर्द समझकर अपनी बच्ची उन्हें सौंपी थी। उसी रिश्तेदार ने बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। जब वह गर्भवती हुई तो उसका विवाह किसी व्यक्ति के साथ तय कर दिया। यह कहना है शहजादपुर में अपने मौसा की बदनीयती का शिकार बनी 12 साल की बच्ची का।
हरियाणा महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ ने बुधवार को रेप पीड़िता गर्भवती नाबालिग लड़की से मुलाकात की। पीड़ित लड़की सिटी सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है। पीड़िता बच्ची ने नम्रता गौड़ से बातचीत में साफ कहा कि वह बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती है। उसने बताया कि उसके संग दुराचार करने वाला उसका मौसा बदनामी के डर से उसकी कहीं शादी कर अपना गुनाह छुपाने के प्रयास में था। उसने नम्रता को बताया कि उसकी मां और नानी ने उसे बंगाल में बच्चों को उठा ले जाने वालों के डर से अंबाला उसकी मौसी के पास छोड़ दिया था। यहां वह मौसी और मौसा के काम पर चले जाने के बाद उनके बच्चों को संभालती थी। इसी बीच उसके मौसा ने उसे अपनी हवस का शिकार बना लिया। वह गर्भवती हुई तो मौसा ने उसका विवाह कहीं करना चाहा। इस मौके पर महिला आयोग की सदस्य के संग सीडब्ल्यूसी की सदस्य डॉ. संगीता माथुर, जिला बाल कल्याण अधिकारी मेघा सिंगला, जन अभियान मंच के अधिवक्ता संजीव कुमार ज्योति समेत केस की जांच अधिकारी एसआई शांती देवी मौजूद रहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। बच्चे उठाकर ले जाने के डर से पश्चिम बंगाल की रहने वाली महिला ने अंबाला स्थित अपने रिश्तेदारों को हमदर्द समझकर अपनी बच्ची उन्हें सौंपी थी। उसी रिश्तेदार ने बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। जब वह गर्भवती हुई तो उसका विवाह किसी व्यक्ति के साथ तय कर दिया। यह कहना है शहजादपुर में अपने मौसा की बदनीयती का शिकार बनी 12 साल की बच्ची का।
हरियाणा महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ ने बुधवार को रेप पीड़िता गर्भवती नाबालिग लड़की से मुलाकात की। पीड़ित लड़की सिटी सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है। पीड़िता बच्ची ने नम्रता गौड़ से बातचीत में साफ कहा कि वह बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती है। उसने बताया कि उसके संग दुराचार करने वाला उसका मौसा बदनामी के डर से उसकी कहीं शादी कर अपना गुनाह छुपाने के प्रयास में था। उसने नम्रता को बताया कि उसकी मां और नानी ने उसे बंगाल में बच्चों को उठा ले जाने वालों के डर से अंबाला उसकी मौसी के पास छोड़ दिया था। यहां वह मौसी और मौसा के काम पर चले जाने के बाद उनके बच्चों को संभालती थी। इसी बीच उसके मौसा ने उसे अपनी हवस का शिकार बना लिया। वह गर्भवती हुई तो मौसा ने उसका विवाह कहीं करना चाहा। इस मौके पर महिला आयोग की सदस्य के संग सीडब्ल्यूसी की सदस्य डॉ. संगीता माथुर, जिला बाल कल्याण अधिकारी मेघा सिंगला, जन अभियान मंच के अधिवक्ता संजीव कुमार ज्योति समेत केस की जांच अधिकारी एसआई शांती देवी मौजूद रहीं।
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